IND vs PAK मैच से पहले सकलैन मुश्ताक का तीखा हमला, भारत के पूर्व क्रिकेटरों पर लगाए गंभीर आरोप
punjabkesari.in Tuesday, Feb 10, 2026 - 01:42 PM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : भारत बनाम पाकिस्तान क्रिकेट मैच हमेशा भावनाओं, बयानबाज़ी और विवादों से घिरा रहता है। लंबे समय तक चले असमंजस के बाद जब T20 वर्ल्ड कप में यह हाई-वोल्टेज मुकाबला दोबारा तय हुआ, तो मैदान के बाहर भी बयानबाज़ी तेज़ हो गई। पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज स्पिनर सकलैन मुश्ताक ने इस बार सीधे तौर पर भारतीय पूर्व क्रिकेटरों को निशाने पर लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पूर्व खिलाड़ी अपने बयानों से नफरत फैलाते हैं और क्रिकेट की असली भावना को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
मैच की पुष्टि और बढ़ता तनाव
कई हफ्तों की अनिश्चितता के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने ICC के साथ लंबी बातचीत के बाद भारत के खिलाफ मैच खेलने की हामी भर दी। इसके साथ ही रविवार को कोलंबो में होने वाला IND vs PAK मुकाबला आधिकारिक रूप से कैलेंडर में लौट आया। लेकिन जैसे ही मैच की पुष्टि हुई, दोनों देशों के बीच बयानबाज़ी ने फिर से तूल पकड़ लिया।
भारतीय पूर्व क्रिकेटरों पर सकलैन का आरोप
एक टीवी शो गेम ऑन है में बातचीत के दौरान सकलैन मुश्ताक ने भारतीय पूर्व क्रिकेटरों की मानसिकता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक भारतीय एक्स-क्रिकेटर ने पाकिस्तान की “इज़्ज़त और ईमानदारी” पर टिप्पणी की, जो बेहद निराशाजनक थी। सकलैन के मुताबिक, जो खिलाड़ी खुद हीरो माने जाते हैं, उन्हें इस तरह की छोटी सोच वाली बातें नहीं करनी चाहिए।
“क्रिकेटर को हीरो की तरह व्यवहार करना चाहिए”
सकलैन ने ज़ोर देकर कहा कि क्रिकेटर राजनीति से ऊपर होते हैं। उन्होंने कहा कि जब खिलाड़ी बाउंड्री मारते हैं या विकेट लेते हैं, तो दोनों देशों के फैंस तालियां बजाते हैं। ऐसे में पूर्व क्रिकेटरों को नफरत फैलाने के बजाय शांति और खेल भावना का संदेश देना चाहिए। उनके अनुसार, राजनीति करने का काम राजनेताओं का है, क्रिकेटरों का नहीं।
क्रिकेट का मकसद: शांति और एकता
सकलैन मुश्ताक ने क्रिकेट के असली मकसद को याद दिलाते हुए एक पुराना किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि अमेरिका में खेले गए एक “क्रिकेट ऑल-स्टार्स” मैच के दौरान भारतीय और पाकिस्तानी फैंस ने दोनों देशों के झंडों को सिलकर एक बड़ा साझा झंडा बनाया था। यह दृश्य इस बात का प्रतीक था कि खेल लोगों को जोड़ने की ताकत रखता है, न कि तोड़ने की।
मैदान के बाहर दोस्ती क्यों खत्म हुई?
सकलैन का मानना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच मैदान के बाहर की दोस्ती अब लौटना मुश्किल है। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरी तरफ जानबूझकर इस दूरी को बनाए रखा जा रहा है ताकि राजनीतिक फायदे उठाए जा सकें। उनके अनुसार, खेल की पुरानी भावना को वापस लाने की कोई खास कोशिश नहीं की जा रही।
पैसे और घमंड पर भी तंज
भारतीय क्रिकेट की आर्थिक ताकत पर हो रही टिप्पणियों पर भी सकलैन ने नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि बार-बार यह जताना कि भारत विश्व क्रिकेट को चला रहा है, सही रवैया नहीं है। सकलैन के मुताबिक, पैसा आता-जाता रहता है, लेकिन इस तरह का घमंड खेल की गरिमा को ठेस पहुंचाता है।

