शुभमन गिल आए चर्चा में, 3 लाख का वाटर प्यूरीफायर साथ लेकर पहुंचे इंदौर

punjabkesari.in Sunday, Jan 18, 2026 - 04:23 PM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल एक बार फिर मैदान के बाहर लिए गए अपने फैसले को लेकर सुर्खियों में हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के तीसरे और आखिरी वनडे मैच से पहले इंदौर पहुंचे गिल ने अपनी सेहत को प्राथमिकता देते हुए एक असामान्य लेकिन सतर्क कदम उठाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने अपने होटल रूम में इस्तेमाल के लिए करीब तीन लाख रुपए कीमत का वाटर प्यूरीफिकेशन सिस्टम मंगवाया है। यह फैसला ऐसे समय पर सामने आया है, जब इंदौर एक गंभीर जल-जनित स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है। 

होटल सुविधाओं से आगे क्यों गए शुभमन गिल? 

आमतौर पर भारतीय क्रिकेट टीम जब किसी शहर में दौरे पर जाती है, तो खिलाड़ियों को देश के सबसे सुरक्षित और हाई-एंड होटलों में ठहराया जाता है। इन होटलों में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर समेत सभी स्वास्थ्य मानकों का ध्यान रखा जाता है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि शुभमन गिल ने अतिरिक्त एहतियात बरतते हुए खुद का वाटर प्यूरीफायर लगवाने का फैसला किया। सूत्रों के अनुसार कप्तान किसी भी तरह का स्वास्थ्य जोखिम नहीं उठाना चाहते थे, खासकर ऐसे शहर में जहां हाल ही में दूषित पानी से बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े हैं। 

इंदौर में दूषित पानी से मचा हड़कंप 

दिसंबर 2025 के अंत और जनवरी 2026 की शुरुआत में इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में पानी से जुड़ा एक बड़ा संकट सामने आया। जांच में पता चला कि सीवेज का दूषित पानी पीने की सप्लाई में मिल गया था, जिससे शहर में तेज़ी से बीमारी फैलने लगी। इस घटना में अब तक कम से कम 23 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 1,400 से अधिक लोग इससे प्रभावित बताए जा रहे हैं। सैकड़ों मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी भारी दबाव पड़ा।

नर्मदा पाइपलाइन में रिसाव बनी बीमारी की वजह 

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि नर्मदा जल आपूर्ति की एक पाइपलाइन में रिसाव हो गया था। यह टूटी हुई पाइपलाइन सीवेज लाइन और सार्वजनिक शौचालय के बेहद करीब से गुजर रही थी। इसी वजह से गंदा पानी पीने की सप्लाई में मिल गया। कई इलाकों में लोगों ने पहले बदबूदार और रंग बदले हुए पानी की शिकायत की थी, लेकिन स्थिति की गंभीरता तब समझ आई जब अचानक दस्त, उल्टी और डिहाइड्रेशन के मामले तेजी से बढ़ने लगे।

प्रशासन की कार्रवाई और बढ़ती जांच 

शुरुआत में प्रशासन ने दूषित पानी से जुड़ी कुछ ही मौतों की पुष्टि की थी, लेकिन बाद की जांच में मृतकों की संख्या ज्यादा सामने आई। प्रभावित इलाकों में जल आपूर्ति बंद कर वैकल्पिक व्यवस्था की गई और पाइपलाइन की मरम्मत शुरू की गई।स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं और प्रभावित लोगों का इलाज जारी है।
 


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Content Writer

Sanjeev

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