''अब आगे बढ़ने का समय है'', भारतीय टीम से बाहर होने के बाद पहली बार बोले सूर्यकुमार यादव

punjabkesari.in Saturday, Aug 29, 2026 - 12:41 PM (IST)

नई दिल्ली: साल 2026 में भारत को T20 वर्ल्ड कप चैंपियन बनाने वाले सूर्यकुमार यादव अब भारतीय T20I टीम का हिस्सा नहीं हैं। न सिर्फ उनसे कप्तानी छीनी गई, बल्कि उन्हें टीम से भी बाहर कर दिया गया। उनकी जगह श्रेयस अय्यर को T20I टीम की कमान सौंपी गई।

सूर्यकुमार को उम्मीद थी कि वह आने वाले समय में भारतीय टीम को आगे ले जाएंगे और ओलंपिक के साथ अगले T20 वर्ल्ड कप तक टीम की कप्तानी करेंगे। हालांकि, चयनकर्ताओं ने उनके लिए कुछ और फैसला किया।

पूर्व भारतीय बल्लेबाज आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत में सूर्यकुमार यादव ने पहली बार विस्तार से बताया कि टीम से बाहर किए जाने की खबर मिलने पर उन्होंने कैसे प्रतिक्रिया दी और चयनकर्ताओं से उनकी क्या बातचीत हुई।

टीम घोषित होने से 2-3 दिन पहले आया था फोन

सूर्यकुमार ने बताया कि चयन समिति ने आधिकारिक तौर पर टीम की घोषणा से कुछ दिन पहले ही उनसे संपर्क कर लिया था। उन्होंने कहा, 'उन्होंने मुझे टीम की घोषणा से 2-3 दिन पहले फोन किया था। उन्होंने कहा कि अब आगे बढ़ने का समय है।'

SKY ने बताया कि उन्होंने इस फैसले पर गुस्सा या नाराजगी जाहिर नहीं की। उन्होंने चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान करते हुए इसे टीम के हित में लिया गया निर्णय माना।

उन्होंने कहा, 'मैंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। क्योंकि यह मेरी गलती नहीं है। SKY कभी ऐसा नहीं रहा है। जिसने भी फैसला लिया होगा, उसने सोचा होगा कि टीम के लिए यही बेहतर है। आगे जाकर यह अच्छा फैसला साबित हो सकता है। आपने फैसला लिया और मुझे बताया, इसमें कोई परेशानी नहीं है।'

"मैं तैयार हूं, जब चाहें बुला सकते हैं"

टीम से बाहर किए जाने के बावजूद सूर्यकुमार यादव ने साफ किया कि उन्होंने क्रिकेट से दूरी बनाने का फैसला नहीं किया है। उन्होंने कहा कि वह लगातार खेलते रहेंगे और जरूरत पड़ने पर भारतीय टीम के लिए उपलब्ध रहेंगे।

सूर्यकुमार ने कहा, 'मैं तैयार हूं। आप मुझे कभी भी बुला सकते हैं। मैं कभी भी क्रिकेट खेल रहा हूं और खेलता रहूंगा। जब आपको लगे कि समय सही है और चीजें सही हैं, तब मैं तैयार हूं।'

टीम में नाम नहीं देखकर SKY ने क्यों मुस्कुराया?

सूर्यकुमार यादव ने बताया कि जब उन्होंने टीम की सूची में अपना नाम नहीं देखा तो उनकी पहली प्रतिक्रिया गुस्सा या निराशा नहीं, बल्कि मुस्कुराने की थी। उन्होंने कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में मुस्कुराना उनका पुराना तरीका रहा है। जब मैदान पर दबाव होता है या चीजें उनके पक्ष में नहीं जातीं, तो वह खुद को शांत रखने की कोशिश करते हैं।

SKY ने कहा, 'जब मेरा नाम नहीं था, तो मैं मुस्कुराया। जब मैं एक-दो साल टीम के साथ खेल रहा था और दबाव वाली परिस्थितियां आती थीं, जब चीजें मेरे मुताबिक नहीं होती थीं, तब भी मैं हमेशा मुस्कुराता था। मैं खुद को रिलैक्स रखता था।' उन्होंने आगे कहा, 'मैंने अतीत में देखा है कि ऐसे ही पलों में मुझे अच्छा करने के मौके मिले हैं। इसलिए मैं उन मौकों के लिए आभारी रहा हूं।'

"मैंने नहीं सोचा था कि ऐसा होगा"

सूर्यकुमार ने माना कि T20I टीम से बाहर किया जाना उनके लिए अप्रत्याशित था। उन्होंने बताया कि 2026 की शुरुआत में उन्हें लगा था कि वह अगले दो साल तक भारतीय टीम को आगे ले जाएंगे। उन्होंने कहा, 'जो स्थिति अब आई है, मैंने भी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा। 2026 में आने के बाद मुझे लगा था कि आगे के दो साल तक मैं इस टीम को आगे ले जाऊंगा। ओलंपिक आएगा, फिर एक और T20 वर्ल्ड कप होगा और आगे एक और चुनौती होगी।'

हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हर व्यक्ति किसी परिस्थिति को अपने तरीके से देख सकता है। सूर्यकुमार ने कहा, 'आप जो सोचते हैं और दूसरा व्यक्ति जो सोचता है, दोनों अलग-अलग हो सकते हैं। उनके विचारों का सम्मान करना जरूरी है। अगर उन्हें लगा कि आगे के लिए यह बेहतर फैसला है, तो उन्होंने वह फैसला लिया।'

श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाए जाने पर क्या बोले SKY?

सूर्यकुमार यादव ने नए T20I कप्तान श्रेयस अय्यर को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने साफ किया कि उन्हें श्रेयस के कप्तान बनाए जाने से कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने कहा, 'मैंने जो टीम चुनी गई है, उसे देखा है। मैंने श्रेयस के साथ काफी क्रिकेट खेला है। मैं जानता हूं कि वह अच्छे खिलाड़ी, अच्छे इंसान और अच्छे कप्तान भी हैं। इसलिए मैं ऐसा नहीं सोच रहा था कि उन्हें कप्तान क्यों बनाया गया।'

हालांकि, SKY ने स्वीकार किया कि कप्तानी और टीम से बाहर होने के फैसले ने उन्हें निराश जरूर किया। उन्होंने कहा, 'हां, मैं थोड़ा निराश था। क्योंकि आपने दो साल में एक भी सीरीज नहीं गंवाई। आपने वर्ल्ड कप और एशिया कप जीता है। फिर आप चाहते हैं कि वही चीज आगे भी जारी रहे। जब सब कुछ अच्छा चल रहा था, तो बदलाव क्यों? बदलाव की वजह क्या है? यही बात मेरे दिमाग में चल रही थी।'

डेढ़ महीने तक घर पर बैठकर सोचते रहे सूर्यकुमार

सूर्यकुमार ने बताया कि टीम से बाहर होने के बाद वह करीब डेढ़ महीने तक घर पर रहे और लगातार इस फैसले के बारे में सोचते रहे।उन्होंने कहा, 'मैं डेढ़ महीने तक घर पर बैठा रहा। मैं सोच रहा था कि ऐसा कैसे हो सकता है? यह कैसे संभव है? हमने अभी वर्ल्ड कप जीता है।'

SKY ने यह भी बताया कि उनके दोस्त और परिवार के लोग उन्हें समझाते रहे कि जिंदगी में ऐसे फैसले आते रहते हैं। उन्होंने कहा, 'IPL उतना अच्छा नहीं गया था जितना मैं चाहता था। हम घर पर बैठे थे। दोस्त आए, परिवार आया। सभी ने कहा कि ठीक है, यह जिंदगी का हिस्सा है। लेकिन जब वे घर से चले जाते हैं और आप घर पर अकेले रह जाते हैं, तब बहुत सारी बातें दिमाग में आती हैं।

सूर्यकुमार का साफ संदेश- टीम की सफलता सबसे ऊपर

सूर्यकुमार यादव ने पूरे मामले में चयनकर्ताओं के फैसले पर सवाल उठाने के बजाय टीम की सफलता को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि अगर उनकी जगह कोई दूसरा खिलाड़ी टीम को बेहतर तरीके से आगे ले जाता है, तो उन्हें इससे कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा, 'अगर यह टीम किसी और की कप्तानी में अच्छा करती है, तो मुझे कोई परेशानी नहीं है।'

इस तरह सूर्यकुमार यादव ने T20I टीम से बाहर किए जाने के फैसले पर अपनी भावनाएं खुलकर सामने रखीं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे और भारतीय टीम के लिए वापसी का दरवाजा खुला रखने को तैयार हैं।


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Content Editor

Ishtpreet Singh

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