T20 WC: भारतीय कमेंटेटर ने कोच गंभीर पर कसा तंज, बोले- हर समस्या का एक ही इलाज वॉशिंगटन सुंदर
punjabkesari.in Wednesday, Feb 25, 2026 - 01:09 PM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की 76 रन की करारी हार के बाद टीम चयन और रणनीति पर तीखी बहस छिड़ गई है। पूर्व भारतीय बल्लेबाज और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने हेड कोच गौतम गंभीर के फैसलों पर सवाल उठाते हुए वॉशिंगटन सुंदर को “हर समस्या का एक ही इलाज” करार दिया।
चयन का फैसला बना विवाद की वजह
सुपर-8 मुकाबले में भारत ने एकमात्र बदलाव करते हुए अक्षर पटेल की जगह Washington Sundar को टीम में शामिल किया। लेकिन यह दांव उल्टा पड़ता दिखा।
सुंदर ने 11 रन बनाए
सिर्फ दो ओवर गेंदबाज़ी की
भारत 76 रन से हार गया
नेट रन रेट और टीम का आत्मविश्वास दोनों प्रभावित हुए; इस बदलाव से बल्लेबाज़ी संतुलन बिगड़ गया और फिनिशिंग क्रम में भी गड़बड़ी देखने को मिली।
मांजरेकर का तीखा व्यंग्य
मांजरेकर ने लाइव चर्चा के दौरान कहा, 'पहले एक दवा हुआ करती थी – कैलास जीवन। सिरदर्द हो या पेट दर्द, हर चीज़ का एक ही इलाज। गौतम गंभीर के पास भी हर समस्या का एक ही समाधान है – वॉशिंगटन सुंदर।'
उन्होंने आगे कहा, 'बैटिंग की दिक्कत है तो वॉशी, बॉलिंग की दिक्कत है तो वॉशी। आज उन्हें नंबर 5 पर भेज दिया गया, जबकि रिंकू सिंह और हार्दिक पांड्या नंबर 7 पर आए। यह कुछ ज़्यादा हो गया।'
बल्लेबाज़ी क्रम पर उठे सवाल
सुंदर को नंबर 5 पर प्रमोट करने से विशेषज्ञ फिनिशरों को नीचे आना पड़ा: Rinku Singh नंबर 6 पर, Hardik Pandya नंबर 7 पर, आलोचकों का मानना है कि इस फेरबदल से भारत की फिनिशिंग ताकत कमजोर हुई, जो टी20 क्रिकेट में टीम की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती रही है।
धीमी गेंदों के खिलाफ कमजोरी उजागर
दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज़ों ने खासकर स्लोअर गेंदों और वैरिएशन से भारतीय बल्लेबाज़ों को परेशान किया। मांजरेकर ने तकनीकी कमी की ओर इशारा करते हुए कहा, 'तेज गेंदबाज़ी को भूल जाइए, असली समस्या स्लोअर गेंदों और स्पिन के खिलाफ है। कप्तान खुद भी धीमी गेंदों के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं।' यह संकेत है कि विरोधी टीमें अब इसी कमजोरी को निशाना बनाएंगी।
करो या मरो की स्थिति में भारत
अब भारत के सामने वर्चुअल नॉकआउट जैसी स्थिति है:
बनाम जिम्बाब्वे – गुरुवार
बनाम वेस्टइंडीज – रविवार
बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने स्वीकार किया कि संयोजन पर दोबारा विचार किया जा सकता है। वहीं सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने माना कि विशेषज्ञ बल्लेबाज़ों के विकल्पों की कमी चिंता का विषय है। ऐसे में Sanju Samson की वापसी पर भी चर्चा हो रही है।
खराब फॉर्म में बल्लेबाज़
Abhishek Sharma – 4 मैच में 15 रन
Tilak Varma – 5 मैच में 107 रन (स्ट्राइक रेट 118)
रिंकू सिंह – 29 गेंद में 24 रन (स्ट्राइक रेट 82.75)
मिडिल ऑर्डर की नाकामी और रणनीतिक असमंजस ने टीम की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार ने सिर्फ अंक तालिका ही नहीं, बल्कि टीम रणनीति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। गौतम गंभीर के चयन और बल्लेबाज़ी क्रम के फैसलों पर बहस तेज हो गई है। अब अगले दो मुकाबले भारत के सेमीफाइनल भविष्य का फैसला करेंगे।

