T20 World Cup: भारत के खिलाफ खेलने से मना करना पाकिस्तान को पड़ेगा भारी, ICC सख्त एक्शन की तैयारी में

punjabkesari.in Monday, Feb 02, 2026 - 08:02 PM (IST)

नेशनल डेस्कः टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ खेलने से पाकिस्तान के इनकार ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हलचल मचा दी है। इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) अब इस मामले पर गंभीर रुख अपनाने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, आईसीसी बोर्ड मंगलवार या बुधवार को एक अहम बैठक बुला सकता है, जिसमें पाकिस्तान के कदम और उसके संभावित नतीजों पर चर्चा होगी।

पाकिस्तान सरकार ने रविवार को सोशल मीडिया के ज़रिए साफ कर दिया था कि राष्ट्रीय टीम भारत के खिलाफ मुकाबले में हिस्सा नहीं लेगी। हालांकि, आईसीसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अब तक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की ओर से इस फैसले को लेकर कोई औपचारिक पत्र या आधिकारिक सूचना नहीं भेजी गई है। सरकारी घोषणा के कुछ घंटों बाद पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने बयान देते हुए कहा कि टीम सरकार के निर्देशों का पालन करेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह फैसला क्रिकेट बोर्ड के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।

पीसीबी अध्यक्ष की चुप्पी बनी सवाल

इस पूरे मामले में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष और देश के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी की चुप्पी चर्चा का विषय बनी हुई है। इससे पहले वह पूरे टूर्नामेंट के बहिष्कार की बात कर चुके थे, लेकिन फिलहाल पाकिस्तान का रुख केवल भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलने तक सीमित दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि यह फैसला बांग्लादेश के समर्थन में लिया गया है, जिसने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत दौरे से इनकार किया था। इसके बाद बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर स्कॉटलैंड को शामिल किया गया।

मैच नहीं खेलने पर भारी नुकसान संभव

आईसीसी सूत्रों के अनुसार, अगर पाकिस्तान 15 फरवरी को भारत के खिलाफ निर्धारित मैच में नहीं उतरता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। मैदान पर पाकिस्तान को वॉकओवर देना होगा, जिससे उसे सीधे तौर पर दो अंक गंवाने होंगे और नेट रन रेट पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।

आईसीसी के संभावित सख्त कदम

मैदान के बाहर हालात पाकिस्तान क्रिकेट के लिए और भी गंभीर हो सकते हैं। आईसीसी जिन विकल्पों पर विचार कर रहा है, उनमें शामिल हैं:

- पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में विदेशी खिलाड़ियों की भागीदारी पर रोक और लीग की अंतरराष्ट्रीय मान्यता वापस लेना

- आईसीसी के राजस्व साझा मॉडल से मिलने वाली राशि में बड़ी कटौती

- भारत-पाकिस्तान मैच रद्द होने से हुए नुकसान की भरपाई के लिए ब्रॉडकास्टर्स को मुआवजा देने का निर्देश

- एशिया कप से पाकिस्तान को बाहर किया जाना

- पाकिस्तान की सभी द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज़ पर अस्थायी या स्थायी रोक

आईसीसी की ओर से पीसीबी को यह संकेत भी दिया गया है कि अंतिम फैसला लेने से पहले इसके दीर्घकालिक प्रभावों पर गंभीरता से विचार किया जाए।

ब्रॉडकास्टर्स की चिंता बढ़ी

भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला क्रिकेट जगत के सबसे अधिक देखे जाने वाले मैचों में गिना जाता है। पिछले साल एशिया कप के दौरान दोनों टीमों के बीच एक महीने में तीन मुकाबले हुए थे, जिससे ब्रॉडकास्टर्स को अरबों रुपये का राजस्व मिला था। अगर इस बार टी20 वर्ल्ड कप में यह मैच नहीं होता है, तो ब्रॉडकास्टिंग कंपनियों की नाराज़गी आईसीसी पर दबाव बढ़ा सकती है, जो अंततः पाकिस्तान के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है।

पहले भी हो चुका है बहिष्कार

क्रिकेट इतिहास में मैच बहिष्कार के उदाहरण पहले भी सामने आए हैं। 1996 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज़ ने सुरक्षा कारणों से श्रीलंका का दौरा नहीं किया था। वहीं 2003 विश्व कप में इंग्लैंड ने राजनीतिक कारणों से ज़िम्बाब्वे के खिलाफ खेलने से इनकार किया था और न्यूज़ीलैंड ने केन्या के खिलाफ नैरोबी में होने वाला मैच नहीं खेला था।
हालांकि, मौजूदा हालात में भारत-पाकिस्तान मुकाबले का न होना वैश्विक क्रिकेट अर्थव्यवस्था पर कहीं ज़्यादा असर डाल सकता है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Sahil Kumar

Related News