भारत को दो ओलंपिक मेडल दिलाने वाले इस स्टार खिलाड़ी ने किया संन्यास का ऐलान

punjabkesari.in Saturday, Mar 28, 2026 - 01:33 PM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय हॉकी टीम के दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट खिलाड़ी Gurjant Singh ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास का ऐलान कर दिया है। उनके इस फैसले ने फैंस को हैरान कर दिया है और एक शानदार करियर का अंत हो गया है। गुरजंत सिंह ने कहा कि अब समय आ गया है कि युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जाए।

चोट बनी करियर का टर्निंग पॉइंट

गुरजंत सिंह पिछले साल जून में खेले गए Pro League के बाद से टीम से बाहर चल रहे थे। उन्होंने बताया कि पीठ की चोट के कारण वह करीब 7-8 महीने तक मैदान से दूर रहे। चोट से वापसी के बाद भी वह राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह नहीं बना सके, जिसके बाद उन्होंने संन्यास लेने का फैसला किया।

शानदार रहा अंतरराष्ट्रीय करियर

31 वर्षीय गुरजंत सिंह ने भारत के लिए 130 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और 33 गोल दागे। वह 2023 एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे। इसके अलावा उन्होंने Tokyo 2020 Olympics और Paris 2024 Olympics में लगातार दो ब्रॉन्ज मेडल जीतने में अहम भूमिका निभाई।

जूनियर से सीनियर तक बनाया बड़ा नाम

गुरजंत ने अपने करियर की शुरुआत जूनियर स्तर से की और 2016 जूनियर वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल में उनका गोल भारत की जीत में अहम साबित हुआ। तेज रफ्तार और आक्रामक खेल के कारण उन्होंने जल्द ही सीनियर टीम में अपनी जगह पक्की कर ली।

कई बड़ी उपलब्धियां और सम्मान

गुरजंत सिंह 2017 एशिया कप और कई एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम का भी हिस्सा रहे। साल 2021 में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें Arjuna Award से सम्मानित किया गया, जो भारतीय खेलों का बड़ा सम्मान है।

ऐतिहासिक गोल से रचा रिकॉर्ड

जनवरी 2020 में नीदरलैंड्स के खिलाफ FIH Pro League मैच में गुरजंत सिंह ने सिर्फ 13 सेकंड में गोल दागा था। यह अंतरराष्ट्रीय हॉकी में किसी भारतीय खिलाड़ी द्वारा किया गया सबसे तेज गोल है, जिसने उन्हें खास पहचान दिलाई। हालांकि गुरजंत सिंह ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास ले लिया है, लेकिन वह अभी भी घरेलू और लीग हॉकी में खेलते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह Hockey India League और विदेशी क्लबों में खेलने के अवसर तलाशेंगे।

भावुक होकर कही दिल की बात

संन्यास के मौके पर गुरजंत सिंह ने कहा, 'भारत के लिए खेलना मेरा सपना था और मैंने इसे पूरी तरह जिया। दो ओलंपिक मेडल जीतना मेरे करियर का सबसे गर्व का पल है।' उन्हें Hockey India की ओर से 5 लाख रुपये का सम्मान भी दिया गया।


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Content Editor

Ishtpreet Singh

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