LSG के ड्रेसिंग रूम का मनोबल सच में बढ़ा है, RCB पर जीत के बाद बोले एडेन मार्करम

punjabkesari.in Sunday, May 10, 2026 - 04:06 PM (IST)

चेन्नई : लखनऊ सुपर जायंट्स के बल्लेबाज एडेन मार्करम ने कहा कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु पर 9 रन की जीत के बाद टीम का मनोबल सही समय पर बढ़ा है। उन्होंने आगे कहा कि रविवार को MA चिदंबरम स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ एक और जीत के साथ इस लय को बनाए रखने की उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं। 

मार्करम ने कहा, 'सब कुछ ठीक चल रहा है। हम बस आगे बढ़ रहे हैं; आखिरकार आपको वह लय और रूटीन मिल ही जाता है। पिछली शाम मिली जीत बहुत अच्छी रही - इसने ड्रेसिंग रूम में मनोबल को सच में बढ़ाया है। उम्मीद है कि आज हम एक और मजबूत प्रदर्शन के साथ इस लय को बनाए रख पाएंगे।' T20I में दक्षिण अफ्रीका की कप्तानी करने वाले मार्करम  ने अलग-अलग पोजिशन पर बल्लेबाजी करने की जरूरतों पर जोर दिया क्योंकि वह इस चल रहे सीजन में सबसे नीचे पायदान पर मौजूद LSG के लिए ओपनिंग और मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी के बीच अदला-बदली करते रहे हैं। 

उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि यह आपकी खास भूमिका पर निर्भर करता है। मेरा लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा रन बनाना और मिडिल ऑर्डर में अपनी पोजिशन को समझना है। इस फॉर्मेट में जरूरतें हर गेंद या हर ओवर के साथ बदल सकती हैं और आपको इस बात का ध्यान रखना होता है। अगर आप मिडिल ऑर्डर में हैं तो आपको काफी लचीला होना पड़ता है ताकि आप टीम के लिए अपना काम पूरा कर सकें। मुश्किल बात यह है कि जो शॉट्स टॉप ऑर्डर में काम करते हैं, वे अक्सर मिडिल ओवरों में आपको कैच आउट करवा सकते हैं। निजी तौर पर मैं अपनी पारी के आखिर में ज्यादा खाली जगह ढूंढने की कोशिश करता हूं और मिडिल ओवरों में गैप ढूंढने के अनोखे तरीके खोजता हूं।' 

मार्करम ने सबसे छोटे फॉर्मेट में अलग-अलग पोजिशन पर बल्लेबाजी करते समय अपने दृष्टिकोण में लचीलेपन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'हर किसी का दृष्टिकोण थोड़ा अलग होता है - कुछ खिलाड़ी क्रीज़ पर टिककर गैप ढूंढना पसंद करते हैं, तो कुछ अपने पैरों का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। मेरे लिए यह खाली जगहों पर शॉट लगाने और तेजी से दौड़ने के बारे में है। मैंने हमेशा कहा है कि मैं किसी भी भूमिका में ढलने और जरूरत के हिसाब से कोई भी भूमिका निभाने में खुश हूं। हाल ही में मैंने ज्यादा समय टॉप ऑर्डर में बिताया है, इसलिए अभी मैं शायद उसी का ज्यादा आदी हूं। हालाँकि, मैंने पहले भी मिडिल ऑर्डर में काफी खेला है। मैं अभी उन मिडिल-ऑर्डर के तरीकों और योजनाओं को फिर से देख रहा हूं ताकि उन्हें अच्छे से लागू कर सकूं।' 

भूमिकाएं बदलने की चुनौतियों पर मार्करम ने कहा, 'देखिए, आप बाहर बैठने के बजाय मैदान पर खेलना ही ज्यादा पसंद करेंगे, इसलिए मैं इसे इसी नजरिए से देखता हूं। भूमिका चाहे जो भी हो, आप बस उसे आजमाने की कोशिश करते हैं और अपनी ताकत के हिसाब से खेलते हैं। मैं इसके बारे में ज्यादा सोचने की कोशिश नहीं करता। हालांकि भूमिकाएं अलग-अलग होती हैं, लेकिन वे सभी ऐसी चुनौतियां हैं जिन्हें अपनाने के लिए मैं उत्साहित हूं।' 


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Content Writer

Sanjeev

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