शुभमन गिल को टी20 वर्ल्ड कप टीम से बाहर किए जाने पर योगराज सिंह का फूटा गुस्सा

punjabkesari.in Friday, Jan 02, 2026 - 03:43 PM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट में चयन को लेकर विवाद कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब बात युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की होती है, तो बहस और तेज़ हो जाती है। भारत की T20 वर्ल्ड कप टीम से शुभमन गिल को बाहर किए जाने के फैसले ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। इस फैसले पर सबसे तीखी प्रतिक्रिया पूर्व भारतीय क्रिकेटर और युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह की ओर से आई है। उन्होंने चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट पर गंभीर सवाल उठाते हुए गिल के साथ नाइंसाफी का आरोप लगाया है। 

चयनकर्ताओं पर योगराज सिंह का सीधा हमला

योगराज सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि शुभमन गिल को बाहर करना समझ से परे है, खासकर तब जब उन्हें हाल ही में टीम का वाइस-कैप्टन बनाया गया था। उनका मानना है कि कुछ असफल पारियों के आधार पर किसी खिलाड़ी को बाहर करना गलत सोच को दर्शाता है। योगराज ने कहा कि चयनकर्ताओं ने खुद गिल पर भरोसा दिखाया था, लेकिन मुश्किल समय में उसी भरोसे को कायम नहीं रखा।

4-5 मैच खराब हुए तो क्या खिलाड़ी बाहर हो जाएगा? 

एक यूट्यूब शो के दौरान योगराज सिंह ने सवाल उठाया कि अगर कोई खिलाड़ी चार-पांच पारियों में रन नहीं बना पाता, तो क्या उसे तुरंत टीम से बाहर कर देना सही है। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ऐसे कई खिलाड़ी रहे हैं, जिन्हें लंबे समय तक मौके दिए गए, बावजूद इसके कि उनका प्रदर्शन लगातार अच्छा नहीं रहा। उनके अनुसार, शुभमन गिल जैसे क्लास खिलाड़ी को भी उतना ही धैर्य मिलना चाहिए था।

युवा खिलाड़ियों के उदाहरण से समझाया चयन का मुद्दा

योगराज ने अपने तर्क को मज़बूत करने के लिए युवा खिलाड़ियों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर कोई नया खिलाड़ी, जैसे अभिषेक शर्मा, कुछ पारियों में फेल हो जाए, तो क्या उसे भी तुरंत बाहर कर दिया जाएगा? उनके मुताबिक, टीम मैनेजमेंट का काम खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाना होता है, न कि थोड़ी सी नाकामी पर उन्हें किनारे कर देना।

कपिल देव का उदाहरण और धैर्य की बात

योगराज सिंह ने इस बहस में 1983 वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान कपिल देव का उदाहरण भी दिया। उन्होंने याद दिलाया कि एक दौर ऐसा भी था जब कपिल देव बल्ले और गेंद दोनों से संघर्ष कर रहे थे, लेकिन तत्कालीन कप्तान बिशन सिंह बेदी ने उन पर भरोसा बनाए रखा। यही भरोसा आगे चलकर भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। योगराज का कहना है कि शुभमन गिल भी उसी तरह के धैर्य और समर्थन के हकदार थे।

गिल की भूमिका और हालिया सफर

शुभमन गिल को एशिया कप के दौरान भारत की T20 टीम का वाइस-कैप्टन बनाया गया था, जिससे यह साफ संकेत मिला था कि टीम मैनेजमेंट उन्हें भविष्य के लीडर के तौर पर देख रही है। एक साल बाद T20I टीम में वापसी करने के बावजूद उन्हें वर्ल्ड कप स्क्वॉड से बाहर रखना कई फैंस और विशेषज्ञों को हैरान कर गया। 


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Content Writer

Sanjeev

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