2016 एक खास साल था, अब मौजूदा खिलाड़ियों के पास इतिहास रचने का मौका : डैरेन सैमी
punjabkesari.in Tuesday, Feb 10, 2026 - 07:54 PM (IST)
मुंबई : वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरेन सैमी ने 2016 में आईसीसी प्रतियोगिताओं के तीन खिताबों का हवाला देते हुए मंगलवार को कहा कि वेस्टइंडीज क्रिकेटरों के सामने मौजूद चुनौतियां आज भी लगभग वही हैं जो उस समय थी। वेस्टइंडीज ने पिछली बार किसी आईसीसी टूर्नामेंट का खिताब एक दशक पहले 2016 में जीता था। उस साल कोलकाता में तीन अप्रैल को उनकी पुरुष टीम ने टी20 विश्व कप का खिताब जीता था। इसी साल उनकी महिला टीम भी इस प्रारूप की विश्व चैंपियन बनी थी जबकि इससे पहले अंडर-19 टीम ने विश्व कप फाइनल में भारत को हराया था।
इंग्लैंड के खिलाफ वेस्टइंडीज के टी20 विश्व कप मैच की पूर्व संध्या पर सैमी ने कहा, '2016 हमारे लिए बेहद खास साल था। सिर्फ सीनियर टीम के लिए ही नहीं, बल्कि महिला और अंडर-19 टीम के लिए भी। हालात आज भी शायद वैसे ही हैं।' उन्होंने कहा, 'मुझे याद है 2016 में हमारे खिलाड़ियों को किस तरह के नामों से पुकारा गया था और हमें किन-किन संघर्षों से गुजरना पड़ा। हम आज भी 10 साल बाद उन्हीं चुनौतियों से जूझ रहे हैं।'
सैमी ने कहा कि इन बातों का असर मैदान पर प्रदर्शन पर नहीं पड़ने दिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हम उन्हीं चीजों पर ध्यान देते हैं, जो हमारे नियंत्रण में हैं। ये चीजे है समर्पण, मानसिक मजबूती और मैदान पर सही तरीके से योजना को लागू करना।' सैमी से जब वेस्टइंडीज के सामने मौजूद समस्याओं (पिछले साल नेपाल से टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में 1-2 से हार ) के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा "टीम चयन, खिलाड़ियों की उपलब्धता और पिछले दो सालों में घरेलू विश्व कप जैसे मुद्दे रहे हैं। लेकिन फिलहाल टीम मानसिक रूप से अच्छी स्थिति में है।'
उन्होंने कहा कि मौजूदा टीम उन्हें 2016 की याद दिलाती है। उन्होंने कहा, 'जब हम 2016 में अभ्यास मैचों के लिए कोलकाता पहुंचे थे, तब मैंने कहा था कि मैंने लक्ष्य पर इस तरह से केंद्रित वेस्टइंडीज टीम कभी नहीं देखी थी। अभी भी वैसा ही माहौल दिख रहा है।' साल 2012 और 2016 की चैंपियन वेस्टइंडीज ने इस टूर्नामेंट की शुरुआत स्कॉटलैंड पर जीत के साथ की है। सैमी ने कहा, 'मैंने खिलाड़ियों से कहा कि अब अपना इतिहास बनाने की तुम्हारी बारी है। वह मेरा, क्रिस गेल, ब्रावो और पोलार्ड का दौर था। अब आप अगली पीढ़ी को प्रेरित करने का मौका बना सकते हैं।'
उन्होंने कहा, 'हम हालांकि जानते हैं कि बिना सही प्रदर्शन के सिर्फ बातें करने का कोई मतलब नहीं है।' सैमी ने स्वीकार किया कि इंग्लैंड जैसी टीमें अब पावर-हिटिंग में वेस्टइंडीज की बराबरी कर चुकी हैं, जो 2016 में उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। उन्होंने कहा, 'अब हर टीम छक्के मारती है, विकेटों के बीच तेजी से दौड़ती है और ज्यादा गेंदों पर रन बनाती है। हमें अभी बहुत काम करना है, लेकिन जरूरत पड़ी तो हम और ज्यादा छक्के भी लगाएंगे।'

