अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में भारत की प्लेइंग XI में GT के कई खिलाड़ी, आकाश चोपड़ा ने वजह बताई

punjabkesari.in Thursday, Jun 11, 2026 - 02:49 PM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : आकाश चोपड़ा ने उन भारतीय क्रिकेट फैन्स की राय पर बात की जो अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच के लिए भारतीय टीम में गुजरात टाइटंस के कई खिलाड़ियों को चुने जाने पर सवाल उठा रहे थे। कुछ फैन्स का मानना ​​है कि कप्तान शुभमन गिल की वजह से ही इस फ्रैंचाइजी के कई सारे खिलाड़ियों को भारतीय टीम में मौका मिल रहा है। हालांकि चोपड़ा इस नजरिए को समझते हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि लोगों को यह भी पूछना चाहिए कि टाइटंस के खिलाड़ियों की जगह किन खिलाड़ियों को चुना जाना चाहिए था। 

चोपड़ा ने जवाब दिया, 'मैंने भी इस बारे में कई मीम्स देखे, जिनमें यह सवाल था कि कागिसो रबाडा को क्यों नहीं चुना गया, जबकि उन्हें भी चुना जा सकता था, या फिर गुजरात टाइटंस के मैच के बॉलिंग स्कोरकार्ड में कुलदीप यादव क्या कर रहे थे। मैं समझता हूं कि लोगों के मन में क्या भावना है कि गुजरात के इतने सारे खिलाड़ी क्यों खेल रहे हैं, और क्या ऐसा सिर्फ इसलिए है क्योंकि शुभमन गिल कप्तान हैं?'

उन्होंने कहा, 'जो भी खिलाड़ी उनकी कप्तानी में गुजरात के लिए खेलते हैं, उन्हें भारत के लिए जल्दी चुन लिया जाता है। मैं समझता हूं कि लोगों को ऐसा लग सकता है, लेकिन आपको हमेशा यह सवाल भी पूछना चाहिए कि उनकी जगह आप किसे चुनते।' चोपड़ा ने कहा कि टेस्ट मैच में खेलने वाले गुजरात टाइटंस के खिलाड़ी जैसे वॉशिंगटन सुंदर, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, मानव सुथार और साई सुदर्शन तब भी टीम में चुने जाते अगर शुभमन की जगह केएल राहुल कप्तान होते।

आकाश चोपड़ा ने कहा, 'क्या वॉशिंगटन सुंदर को नहीं चुना जाना चाहिए था? उन्हें चुना जाना चाहिए था। मानव सुथार ने अपने चयन को सही साबित किया है। सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा पर तो कोई सवाल ही नहीं उठता। साई सुदर्शन पहले से ही टीम का हिस्सा थे। अगर आप इस नजरिए से देखें, तो उनके नाम किसी भी हाल में टीम में आते, चाहे कप्तान शुभमन गिल होते या केएल राहुल।' 

चोपड़ा ने यह भी कहा कि MS धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा की कप्तानी के दौरान उन्होंने अपनी-अपनी IPL फ्रेंचाइजी के खिलाड़ियों को चुनना पसंद किया। उन्होंने कहा, 'ऐसा CSK के दौर में भी होता था। जब MS धोनी कप्तान थे, तो हमने कई CSK खिलाड़ियों को खेलते देखा, लेकिन उनमें से कई खिलाड़ी असल में मैच-विनर थे। उसके बाद चाहे आप विराट कोहली की कप्तानी देखें या रोहित शर्मा की, एक बात तो पक्की है।' 

भारत के पूर्व बल्लेबाज ने कहा कि कप्तान अक्सर ऐसे खिलाड़ियों को चुनना पसंद करते हैं जिनके बारे में वे जानते हैं कि वे मुश्किल हालात में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। चोपड़ा ने कहा, 'जिसे आप करीब से और बार-बार देखते हैं - यह कोई पक्षपात नहीं है - लेकिन आप उन्हें मुश्किल हालात में भी अच्छा करते हुए देखते हैं, आप अच्छी तरह जानते हैं कि वे दबाव को कैसे संभालते हैं, और आप उनकी काबिलियत की थोड़ी ज़्यादा तारीफ करने लगते हैं क्योंकि वे लंबे समय से आपके सामने रहे हैं। तो ऐसा होता है।' 

क्रिकेटर से एक्सपर्ट बने चोपड़ा ने यह भी कहा कि कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ सफल कार्यकाल के बाद जब गौतम गंभीर भारतीय टीम के हेड कोच बने, तो फ्रेंचाइजी के कई खिलाड़ियों को नेशनल टीम के लिए चुना गया। चोपड़ा ने जोर दिया कि ऐसी स्थितियों में भरोसा अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा, 'असल में, जब गंभीर KKR के कोच बने तो हमने देखा कि उनके कोच बनते ही कई KKR खिलाड़ी टी20 सेटअप का हिस्सा बन गए। तो जान-पहचान से हमेशा नजदीकियां कम नहीं होतीं। जान-पहचान से भरोसा भी बढ़ता है। मेरी राय में यह भरोसे की बात है।' 


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Content Writer

Sanjeev

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