अश्विन ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए कोहली-रोहित का किया समर्थन, द. अफ्रीका में उनका अनुभव अहम होगा

punjabkesari.in Thursday, Jun 11, 2026 - 12:56 PM (IST)

नई दिल्ली : भारत के पूर्व ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने 2027 ICC पुरुष वनडे वर्ल्ड कप में विराट कोहली और रोहित शर्मा के खेलने का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भले ही ये दोनों दिग्गज खिलाड़ी अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं, लेकिन उनका अनुभव और मौजूदगी भारत को एक मजबूत टीम बनाएगी। अक्टूबर-नवंबर 2027 में साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले वर्ल्ड कप के समय कोहली की उम्र लगभग 39 साल और रोहित की उम्र 40 साल से ज्यादा होगी। हालांकि अश्विन का मानना ​​है कि अगर खिलाड़ी फिट रहते हैं और उन्हें टीम मैनेजमेंट का समर्थन मिलता रहता है, तो उम्र कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए। 

अश्विन ने एक शो में कहा, 'मेरे अनुभव के अनुसार, मामला काफी सीधा है, अगर मैनेजमेंट साउथ अफ्रीका में होने वाले 50-ओवर के वर्ल्ड कप में उन दोनों को चाहता है और अगर इसके लिए काफी उत्साह है, तो उन्हें मैदान पर बनाए रखना और उनके अनुभव का इस्तेमाल करना पूरी तरह से संभव है।' 

अश्विन ने इस बात पर जोर दिया कि फिटनेस मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं व टीम मैनेजमेंट का समर्थन, इन दो सीनियर बल्लेबाजों के वनडे करियर को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, 'और मुझे माफ करें, मैं कोई स्पेशलिस्ट या मेडिकल साइंटिस्ट नहीं हूं, मैं पूरे दावे के साथ यह नहीं कह सकता, कोई सही रिहैब प्रोग्राम हो, और उनकी इच्छा के अनुसार कुछ तैयार किया जाए, और अगर दूसरी तरफ से अच्छा माहौल मिले, तो खिलाड़ी इसे कर पाएंगे। लेकिन अगर उन पर जरा भी शक किया जाता है, तो खिलाड़ियों के लिए मुश्किल होगी क्योंकि इस उम्र में चोटें लगना आम बात है। शरीर वैसा नहीं रहता जैसा 35 या उससे कम उम्र में होता है; 32 साल की उम्र पार करने के बाद ही शरीर वैसा नहीं रहता।'

पूर्व स्पिनर ने खिलाड़ियों और मैनेजमेंट के रिश्ते की तुलना एक पार्टनरशिप से की और कहा कि अगर लक्ष्य कोहली और रोहित को अगले वर्ल्ड कप के लिए उपलब्ध कराना है, तो दोनों पक्षों को मिलकर काम करना होगा। अश्विन ने कहा, 'मुझे लगता है कि यह आपसी तालमेल की बात है। मेरा मानना ​​है कि 2027 के 50-ओवर वर्ल्ड कप तक पहुंचने के लिए दोनों तरफ से अच्छी ऊर्जा का होना बहुत जरूरी है। इसके अलावा मुझे कोई वजह नहीं दिखती कि उन्हें वहां क्यों नहीं होना चाहिए। अपनी मौजूदगी और उन हालात में खेलने के अनुभव से वे निश्चित रूप से टीम को मजबूत बनाते हैं।'

2024 में टी20 इंटरनेशनल और 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कोहली और रोहित ने पूरी तरह से वनडे फॉर्मेट पर ध्यान केंद्रित किया है। कोहली का प्रदर्शन 2025 से शानदार रहा है, उन्होंने 68.53 की औसत से 891 रन बनाए हैं, जिसमें चार शतक और 5 अर्धशतक शामिल हैं। रोहित का प्रदर्शन भी अच्छा रहा है, उन्होंने 44.43 की औसत से 711 रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं।

भारत को 2027 की शुरुआत से पहले 20 वनडे मैच खेलने हैं, जिसकी शुरुआत इसी सप्ताह अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज से होगी। जहां हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण कोहली सीरीज से बाहर हो गए हैं, वहीं रोहित उसी तरह की चोट से उबरने के बाद राष्ट्रीय टीम में लौटे हैं, जिसके कारण वे IPL 2026 के दौरान 5 मैचों से बाहर रहे थे। अश्विन का मानना ​​है कि कोहली की फिटनेस एक बड़ी ताकत बनी हुई है, जबकि रोहित को अगले डेढ़ साल तक अपने वर्कलोड को सावधानी से मैनेज करना होगा। 

अश्विन ने रोहित के बारे में कहा, 'उनके किटबैग में अभी तक 50-ओवर वर्ल्ड कप की ट्रॉफी नहीं है। मुझे लगता है कि वह 2027 वर्ल्ड कप में जाकर अपनी छाप छोड़ना चाहते हैं और अपने और देश के लिए एक और बड़ी जीत हासिल करना चाहते हैं। मुझे लगता है कि उन्होंने अपनी जगह पक्की करने और उस मंजिल तक पहुंचने के लिए काफी कुछ किया है।'

अश्विन ने अंत में विदेशों में मुश्किल हालात में अनुभव के महत्व पर जोर दिया और भारत से आग्रह किया कि जब तक उनके सीनियर स्टार्स उपलब्ध हैं, तब तक उनका भरपूर फायदा उठाया जाए। अश्विन ने कहा, 'जब आपकी टीम में विराट और रोहित जैसे अनुभवी क्रिकेटर हों और आप दक्षिण अफ्रीका जैसे देश में वर्ल्ड कप खेलने जा रहे हों, तो मुझे लगता है कि आपको उनसे जितना हो सके उतना अनुभव हासिल करना चाहिए।' 


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Content Writer

Sanjeev

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