T20 WC 2026 : भारत-पाकिस्तान विवाद पर BCCI का बड़ा बयान, आखरी फैसला ICC लेगा
punjabkesari.in Monday, Feb 09, 2026 - 11:51 AM (IST)
नई दिल्ली : भारत-पाकिस्तान के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 मुकाबले को लेकर जारी गतिरोध पर बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि इस मामले में बीसीसीआई, आईसीसी के फैसले का पूरी तरह पालन करेगी और बोर्ड की तरफ से कोई अलग रुख नहीं अपनाया जाएगा।
राजीव शुक्ला का साफ संदेश
सोमवार को मीडिया से बात करते हुए राजीव शुक्ला ने कहा, 'मैं पहले भी स्पष्ट कर चुका हूं कि आईसीसी जो भी निर्णय लेगा, बीसीसीआई उसी के अनुसार आगे बढ़ेगा। इस मामले में बोर्ड की ओर से कुछ भी कहने को नहीं है।'
ICC, PCB और BCB की अहम बैठक
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर जल्द किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है। रविवार को लाहौर में आईसीसी के डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा, पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी और बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम के बीच बैठक हुई। इस बैठक में 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले भारत-पाकिस्तान मुकाबले के बहिष्कार पर चर्चा की गई।
पाकिस्तान सरकार से सलाह लेगा PCB
जियो टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इस मुद्दे पर पाकिस्तान सरकार से स्पष्ट दिशा-निर्देश लेने वाला है। इसके बाद जल्द ही औपचारिक घोषणा किए जाने की उम्मीद है।
पाक सरकार ने क्यों किया बॉयकॉट का ऐलान?
पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक ‘X’ अकाउंट से यह घोषणा की गई थी कि पाकिस्तान 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैदान में नहीं उतरेगा। इसके बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस फैसले को बांग्लादेश से जुड़े विवाद से जोड़ते हुए इसे “एकजुटता का प्रतीक” बताया।
बांग्लादेश विवाद और T20 WC 2026
बांग्लादेश को 2026 टी20 वर्ल्ड कप से हटाकर स्कॉटलैंड को शामिल किया गया था। दरअसल, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों से अपने सभी मैच भारत से बाहर कराने की मांग की थी, जिसे आईसीसी ने मंजूरी नहीं दी। यह विवाद तब और गहरा गया जब बीसीसीआई के निर्देश पर केकेआर के गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को टूर्नामेंट से हटाया गया।
‘फोर्स मेजर’ पर PCB से जवाब मांग रहा ICC
आईसीसी ने पीसीबी से यह स्पष्ट करने को कहा है कि उसने ‘फोर्स मेजर’ जैसी स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठाए।
ईएसपीएनक्रिकइन्फो के मुताबिक, पीसीबी ने आईसीसी को ईमेल भेजकर सरकारी आदेशों को बॉयकॉट का कारण बताया था, जबकि टूर्नामेंट शुरू होने में 10 दिन से भी कम समय बचा था।
ICC की सख्त चेतावनी
आईसीसी ने पीसीबी को यह भी आगाह किया है कि यदि मैच नहीं होता है, तो इससे संगठन को भारी आर्थिक और व्यावसायिक नुकसान हो सकता है। आईसीसी अपने संविधान के तहत गंभीर उल्लंघन की स्थिति में सदस्यता निलंबन या समाप्त करने का अधिकार भी रखता है।
पुराने BCCI–PCB विवाद का हवाला
पीसीबी का मानना है कि यदि मामला कानूनी रूप लेता है, तो उनके पास मजबूत आधार है। उन्होंने 2014 के उस एमओयू का हवाला दिया है, जिसमें 2013–15 के बीच छह द्विपक्षीय सीरीज खेलने की बात थी। हालांकि, उस विवाद में पीसीबी को हर्जाने का दावा नहीं मिला था, लेकिन उनका तर्क है कि भारतीय सरकार द्वारा अनुमति न देने का उदाहरण अब उनके पक्ष में जाता है।

