ब्रूनो फर्नाडिस ने जीता इंग्लैंड का सबसे बड़ा फुटबॉल अवॉर्ड, हालैंड-राइस रह गए पीछे
punjabkesari.in Saturday, May 09, 2026 - 12:01 PM (IST)
लैंडमार्क लंदन: Bruno Fernandes और Khadija Shaw को इंग्लैंड में खेल रहे साल के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलर का सम्मान मिला है। फुटबॉल राइटर्स एसोसिएशन (FWA) की ओर से दिए जाने वाले इस प्रतिष्ठित पुरस्कार में ब्रूनो ने पुरुष वर्ग में बाजी मारी, जबकि ‘बनी’ शॉ ने महिला वर्ग में लगातार दूसरी बार यह अवॉर्ड अपने नाम किया।
मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए शानदार रहा सीजन
Manchester United के कप्तान ब्रूनो फर्नांडिस ने इस सीजन टीम के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया। पुर्तगाल के इस स्टार मिडफील्डर ने पूरे सीजन में 19 गोल में योगदान दिया और टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। ब्रूनो की कप्तानी और लगातार अच्छे प्रदर्शन की बदौलत मैनचेस्टर यूनाइटेड ने यूरोपीय प्रतियोगिताओं में जगह बनाने की उम्मीदें भी मजबूत रखीं। क्लब के खराब दौर में भी ब्रूनो टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी बनकर उभरे।
डेक्लान राइस और हालैंड को पीछे छोड़ा
ब्रूनो फर्नांडिस ने इस रेस में Declan Rice और Erling Haaland जैसे बड़े सितारों को पीछे छोड़ा। उन्हें फुटबॉल राइटर्स एसोसिएशन के 900 से ज्यादा सदस्यों में से 45 प्रतिशत वोट मिले। ब्रूनो 2010 में Wayne Rooney के बाद यह सम्मान जीतने वाले मैनचेस्टर यूनाइटेड के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। यह अवॉर्ड 1947 से दिया जा रहा है और इसे दुनिया का सबसे पुराना व्यक्तिगत फुटबॉल पुरस्कार माना जाता है।
‘बनी’ शॉ ने फिर दिखाया गोल मशीन वाला अंदाज
महिला वर्ग में Khadija Shaw ने लगातार दूसरी बार यह अवॉर्ड जीतकर इतिहास रच दिया। Manchester City Women की स्टार स्ट्राइकर ने इस सीजन 21 मैचों में 19 गोल दागे और टीम को 10 साल बाद महिला सुपर लीग का खिताब जिताने में बड़ी भूमिका निभाई। शॉ ने अवॉर्ड की रेस में Alessia Russo और Lauren James को पीछे छोड़ा। उनकी लगातार शानदार फॉर्म ने उन्हें महिला फुटबॉल की सबसे खतरनाक स्ट्राइकरों में शामिल कर दिया है।
फुटबॉल जगत में दोनों खिलाड़ियों की बढ़ी प्रतिष्ठा
ब्रूनो और शॉ की इस उपलब्धि को फुटबॉल जगत में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। दोनों खिलाड़ियों ने पूरे सीजन अपनी टीमों के लिए लगातार प्रभाव छोड़ा और दबाव के क्षणों में मैच जिताऊ प्रदर्शन किए। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि इन पुरस्कारों ने एक बार फिर साबित किया है कि व्यक्तिगत प्रदर्शन और टीम के लिए योगदान आज भी सबसे बड़ा पैमाना है।

