21 साल के करियर में एक भी नो-बॉल नहीं फेंकी, अब जेल में काट रहा सजा

punjabkesari.in Friday, Feb 20, 2026 - 04:57 PM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : क्रिकेट में अनुशासन और नियंत्रण किसी भी गेंदबाज की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जहां तेज गेंदबाज अक्सर नो-बॉल की गलती कर बैठते हैं, वहीं एक ऐसा दिग्गज भी रहा जिसने अपने पूरे 21 साल के टेस्ट करियर में एक भी नो-बॉल नहीं फेंकी। यह रिकॉर्ड पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और 1992 वर्ल्ड कप विजेता इमरान खान के नाम दर्ज है। विडंबना यह है कि मैदान पर अनुशासन की मिसाल रहे इमरान खान आज कानूनी मामलों में सजा काट रहे हैं।

21 साल, 18644 गेंदें और एक भी नो-बॉल नहीं 

नो-बॉल क्रिकेट में आम गलती मानी जाती है, लेकिन कई बार यह टीम को भारी नुकसान पहुंचा देती है। खासकर तब, जब विकेट लेने वाली गेंद नो-बॉल निकल जाए। इमरान खान ने पाकिस्तान के लिए 88 टेस्ट मैच खेले और 18644 गेंदें डालीं, लेकिन आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार उन्होंने एक भी नो-बॉल नहीं फेंकी। यह रिकॉर्ड उनकी लाइन-लेंथ और रन-अप पर असाधारण नियंत्रण को दर्शाता है। टेस्ट क्रिकेट में 362 विकेट और वनडे में 182 विकेट लेने वाले इमरान अनुशासन और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन थे।

ऑलराउंडर के रूप में शानदार करियर

3 जून 1971 को इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करने वाले इमरान खान ने 2 जनवरी 1992 को श्रीलंका के खिलाफ अपना आखिरी टेस्ट खेला। वनडे करियर की शुरुआत 1974 में इंग्लैंड के खिलाफ हुई और अंतिम मैच 25 मार्च 1992 को खेला।उन्होंने टेस्ट में 3807 रन और वनडे में 3709 रन बनाए। एक कप्तान और खिलाड़ी के रूप में उनका योगदान पाकिस्तान क्रिकेट के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।

1992 वर्ल्ड कप: ऐतिहासिक जीत

इमरान खान की कप्तानी में पाकिस्तान ने 1992 में अपना पहला और अब तक का इकलौता वनडे वर्ल्ड कप जीता। 1992 क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल में पाकिस्तान का सामना इंग्लैंड से हुआ। फाइनल में इमरान ने 72 रन की अहम पारी खेली, जबकि जावेद मियांदाद ने 58 रन बनाए। इंजमाम-उल-हक और वसीम अकरम के योगदान से पाकिस्तान ने 249 रन का स्कोर खड़ा किया। जवाब में इंग्लैंड की टीम दबाव में आ गई और पाकिस्तान ने 22 रन से जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया।

राजनीति में कदम और कानूनी मुश्किलें

क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद इमरान खान ने राजनीति में प्रवेश किया और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री भी बने। हालांकि हाल के वर्षों में वे कानूनी विवादों में घिर गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक भूमि भ्रष्टाचार मामले में पाकिस्तानी अदालत ने उन्हें 14 साल की सजा सुनाई है। वर्तमान में वे जेल में बंद हैं। यह स्थिति उनके प्रशंसकों के लिए चौंकाने वाली है, क्योंकि मैदान पर उनका व्यक्तित्व अनुशासन और नेतृत्व का प्रतीक माना जाता था।

विरासत जो हमेशा याद रहेगी

इमरान खान का क्रिकेट रिकॉर्ड, खासकर टेस्ट करियर में बिना नो-बॉल के गेंदबाजी, उन्हें अलग पहचान देता है। वे केवल एक तेज गेंदबाज नहीं, बल्कि प्रेरणादायक कप्तान और प्रभावशाली ऑलराउंडर भी रहे। हालांकि आज वे कानूनी संकट का सामना कर रहे हैं, लेकिन क्रिकेट इतिहास में उनकी उपलब्धियां हमेशा याद की जाएंगी। 21 साल का अनुशासित करियर और 1992 की विश्व कप जीत उन्हें महान खिलाड़ियों की सूची में स्थायी स्थान दिलाती है। 


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Content Writer

Sanjeev

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