नशे में ड्राइविंग से मचा हड़कंप, पूर्व भारतीय क्रिकेटर हुआ गिरफ्तार

punjabkesari.in Tuesday, Jan 27, 2026 - 07:48 PM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : पूर्व भारतीय क्रिकेटर जैकब मार्टिन एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका क्रिकेट नहीं बल्कि कानून से जुड़ा मामला है। वडोदरा में 26 जनवरी की देर रात शराब के नशे में गाड़ी चलाने और सड़क किनारे खड़ी कारों को टक्कर मारने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को चौंकाया, बल्कि एक समय भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके खिलाड़ी की छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। 

कैसे हुआ हादसा: देर रात बिगड़ा संतुलन 

यह घटना वडोदरा के अकोटा इलाके में पुनीत नगर सोसाइटी के पास हुई। रात करीब 2:30 बजे जैकब मार्टिन अपनी MG हेक्टर कार से घर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह नशे की हालत में थे और अचानक गाड़ी से नियंत्रण खो बैठे। उनकी कार सड़क किनारे खड़ी तीन गाड़ियों—एक Kia सेल्टोस, एक हुंडई वेन्यू और एक मारुति सेलेरियो—से जा टकराई। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि तीनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। 

स्थानीय लोगों और पुलिस की त्वरित कार्रवाई

हादसे की तेज आवाज़ सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। अकोटा पुलिस कुछ ही देर में घटनास्थल पर पहुंच गई। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि हादसे के वक्त मार्टिन शराब के नशे में थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें शराब पीकर गाड़ी चलाने और दुर्घटना करने के आरोप में हिरासत में ले लिया।

पहले भी विवादों में रह चुके हैं मार्टिन

यह पहली बार नहीं है जब जैकब मार्टिन किसी विवाद में फंसे हों। इससे पहले भी वडोदरा के गोत्री इलाके में एक स्कूल के पास स्थित शालीन फ्लैट्स की छत पर शराब पीने के मामले में उन्हें छह अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उन्होंने बताया था कि यह पार्टी उनकी बेटी के जन्मदिन के मौके पर आयोजित की गई थी। इसके अलावा, वह कबूतरों पर गोली चलाने के एक पुराने मामले को लेकर भी चर्चा में रह चुके हैं।

क्रिकेट करियर: घरेलू दिग्गज, इंटरनेशनल सफर छोटा

मई 1972 में गुजरात के बड़ौदा में जन्मे जैकब मार्टिन दाएं हाथ के मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज थे। उन्होंने 1999 से 2001 के बीच भारत के लिए 10 वनडे इंटरनेशनल मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 22.57 की औसत से 158 रन बनाए। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 2000 में पर्थ के WACA मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ 39 रन रहा।

रणजी ट्रॉफी में चमका नाम

हालांकि इंटरनेशनल स्तर पर उनका करियर लंबा नहीं चला, लेकिन घरेलू क्रिकेट में मार्टिन का नाम बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने 1991-92 रणजी ट्रॉफी सीज़न में बड़ौदा के लिए फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया। अपने करियर में उन्होंने 138 फर्स्ट-क्लास मैचों में 46.65 की शानदार औसत से 9,192 रन बनाए, जिसमें 23 शतक और 47 अर्धशतक शामिल हैं। 1998-99 का सीज़न उनके लिए यादगार रहा, जब उन्होंने एक ही रणजी सीज़न में 1,000 से अधिक रन बनाए।

रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी और ताजा विवाद

क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद जैकब मार्टिन कोचिंग से जुड़े और साथ ही गुजरात में बिज़नेस में भी सक्रिय रहे। लेकिन हालिया घटनाएं उनके पोस्ट-क्रिकेट जीवन पर सवाल खड़े कर रही हैं। वडोदरा की इस ताज़ा घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि सार्वजनिक जीवन में रहे खिलाड़ियों की जिम्मेदारी आम लोगों से कहीं ज़्यादा होती है।


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Content Writer

Sanjeev

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