IPL टीमों को बढ़ाने पर विचार कर रहा BCCI? चेयरमैन अरुण धूमल ने दिया बड़ा संकेत

punjabkesari.in Thursday, Apr 02, 2026 - 05:07 PM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का क्रेज किसी से छिपा नहीं है। 19 साल पहले शुरू हुआ यह टूर्नामेंट में दूसरा सबसे ज़्यादा देखा जाने वाला खेल टूर्नामेंट बन गया है। IPL की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच खेला गया मैच JioHotstar पर 426 मिलियन से ज़्यादा बार देखा गया। BCCI के लिए यह टूर्नामेंट कमाई का सबसे बड़ा जरिया है और अब बोर्ड एक बार फिर इसके विस्तार के बारे में सोच रहा है। 

विस्तार का यह विचार कोई नया नहीं है। इसे IPL के मौजूदा मीडिया राइट्स साइकिल में ही शामिल कर लिया गया था। जब BCCI ने लीग के ब्रॉडकास्टिंग राइट्स 48,390 करोड़ रुपए में बेचे थे, तो योजना यह थी कि धीरे-धीरे मैचों की संख्या बढ़ाई जाएगी। रोडमैप के मुताबिक 2023 और 2024 में 74 मैच, 2025 और 2026 में 84 मैच, और आखिर में 2027 तक 94 मैच खेले जाने थे। लेकिन इस योजना पर फिलहाल रोक लग गई है। IPL 2026 में भी 74 मैच ही खेले जाएंगे। इसके पीछे की वजह ICC का मौजूदा फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम (FTP), जो अप्रैल 2027 तक चलेगा, उसमें मैचों के बीच बहुत कम खाली समय मिलता है। 

IPL के चेयरमैन अरुण धूमल ने फाइनेंशियल टाइम्स के साथ बातचीत में IPL के विस्तार पर बात करते हुए कहा, 'IPL को 74 से 94 मैचों तक ले जाने के लिए हमें सच में एक बड़ी विंडो की जरूरत है। ज़्यादातर इंटरनेशनल कैलेंडर पहले से ही बुक है। मार्च के बीच से मई के आखिर तक का समय ही हमारे पास सीमित विंडो के तौर पर उपलब्ध है।' 

उन्होंने आगे कहा, 'जैसे ही जून शुरू होता है, भारत के दक्षिणी हिस्से में मॉनसून आ जाता है, इसलिए उस समय आप टूर्नामेंट को आगे नहीं बढ़ा सकते। अगर हम मौजूदा विंडो में ही 74 से 94 मैच करवाने की कोशिश करेंगे तो हमें अधिक  डबल-हेडर करवाने पड़ेंगे। जो कि ब्रॉडकास्टर के लिए सही नहीं है। हमें उनके हितों का भी ध्यान रखना होगा। इसीलिए हमने खुद को 74 मैचों तक ही सीमित रखा है।' 

इससे भी ज़्यादा दिलचस्प सवाल यह है कि क्या IPL में सिर्फ मैचों की संख्या ही बढ़ेगी, या टीमों की संख्या भी? क्या IPL 10 फ़्रैंचाइज़ी से आगे बढ़ पाएगा? धूमल ने इस बात से इनकार नहीं किया है। लेकिन उन्होंने यह साफ किया कि टीमों की संख्या बढ़ाने का फैसला, टूर्नामेंट की क्वालिटी या व्यावहारिकता से कोई समझौता करके नहीं लिया जाएगा। 

धूमल ने कहा, 'यह इस बात पर निर्भर करता है कि इसके लिए कितना समय मिलता है। निवेशकों की इसमें बहुत दिलचस्पी है क्योंकि IPL ने निवेश पर जिस तरह का रिटर्न दिया है, वह असाधारण है। लेकिन ऐसा तब तक नहीं हो सकता, जब तक हमें इसके लिए ज़्यादा समय न मिले। बड़ी तस्वीर यह है कि कितने द्विपक्षीय मैच होंगे, इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के कितने इवेंट होंगे और इन लीग्स के लिए कितना समय उपलब्ध होगा। यह सिर्फ IPL की बात नहीं है। अगर इन लीग्स को नियमित रूप से आयोजित किया जाना है, तो क्रिकेट के लिए यही नई व्यवस्था होगी: कम द्विपक्षीय मैच, ज़्यादा लीग क्रिकेट, और इनके बीच में ICC के इवेंट—कुछ-कुछ फुटबॉल की तरह।'


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Content Writer

Sanjeev

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