1983 वर्ल्ड कप : 17 रन पर 5 विकेट के बाद मैदान पर उतरे कपिल देव ने खेली थी यादगार पारी
punjabkesari.in Thursday, Jun 18, 2026 - 12:10 PM (IST)
नई दिल्ली : 18 जून का दिन क्रिकेट इतिहास की सबसे शानदार वापसी वाली पारियों में से एक की याद दिलाता है। आज से 43 साल पहले 1983 वनडे वर्ल्ड कप के दौरान जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने एक ऐसी यादगार पारी खेली थी जिसकी चर्चा आने वाली पीढ़ियां भी करती रहेंगी। उन्होंने उस समय नाबाद 175 रन बनाए थे।
इंग्लैंड के टुनब्रिज वेल्स में नेविल ग्राउंड पर क्रीज पर उतरते समय कपिल के सामने एक बड़ी चुनौती थी। वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज के इस अहम मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था लेकिन टीम की हालत बहुत खराब थी और स्कोर 17 रन पर 5 विकेट हो गया था। सुनील गावस्कर और के. श्रीकांत जैसे दिग्गज बल्लेबाज बिना खाता खोले ही आउट हो गए थे जिससे मिडिल ऑर्डर पर भारी दबाव आ गया था। मोहिंदर अमरनाथ (5), संदीप पाटिल (1) और यशपाल शर्मा (9) भी कोई खास योगदान नहीं दे पाए।
इसके बाद जो हुआ, वह एक शानदार जवाबी हमला था जिसने सभी मुश्किलों को मात दे दी। छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए कपिल ने अकेले ही मैच पर अपनी पकड़ बना ली और रोजर बिन्नी, मदन लाल तथा सैयद किरमानी के साथ मिलकर निचले क्रम में अहम साझेदारियां कीं। बेहद आक्रामक अंदाज में खेलते हुए कप्तान ने 16 चौके और 6 छक्के जड़े और सिर्फ 138 गेंदों पर नाबाद 175 रन बनाए।
कपिल की इस शानदार पारी ने भारत को 17/5 के स्कोर से उबारकर निर्धारित 60 ओवरों में 266/8 के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। कप्तान के इस साहसिक प्रदर्शन से उत्साहित भारतीय गेंदबाजों ने इस स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव किया और जिम्बाब्वे को 235 रनों पर ऑलआउट कर 31 रनों से अहम जीत हासिल की। कपिल देव को उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार दिया गया।
टनब्रिज वेल्स में मिली जीत ने भारत की उम्मीदों को जिंदा रखा और टीम में ऐसा भरोसा जगाया जो ठीक एक हफ्ते बाद तब हकीकत में बदल गया, जब कपिल की कप्तानी वाली टीम ने 25 जून 1983 को लॉर्ड्स में फाइनल में वेस्टइंडीज को 43 रनों से हराकर अपना पहला वर्ल्ड कप जीता।

