सिर्फ 2 अंक नहीं, करोड़ों का नुकसान: बहिष्कार करने पर पाकिस्तान को होगा इतना आर्थिक नुकसान

punjabkesari.in Monday, Feb 02, 2026 - 10:54 AM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : ICC मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर पाकिस्तान सरकार ने बड़ा और अभूतपूर्व फैसला लिया है। सरकार ने पुष्टि की है कि पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम टूर्नामेंट में हिस्सा लेगी, लेकिन ग्रुप A में 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मुकाबले का बहिष्कार करेगी।

यह फैसला सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके चलते पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को भारी आर्थिक नुकसान और कड़े प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।

भारत के खिलाफ मैच नहीं, बाकी मुकाबले खेलेगा पाकिस्तान

पाकिस्तान टीम श्रीलंका में होने वाले अपने अन्य ग्रुप मुकाबलों— नीदरलैंड्स, अमेरिका, नामीबिया के खिलाफ खेलने को तैयार है, लेकिन भारत-पाकिस्तान मैच के बहिष्कार ने ICC के भीतर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

ICC की चेतावनी: कड़े प्रतिबंध लग सकते हैं

ICC ने PCB को साफ संकेत दिए हैं कि भारत के खिलाफ मैच से हटना ICC की सहभागिता संधियों का उल्लंघन माना जाएगा। संभावित प्रतिबंधों में शामिल हो सकते हैं— द्विपक्षीय सीरीज पर रोक, एशिया कप से बाहर किया जाना, PSL के लिए विदेशी खिलाड़ियों को NOC देने से इनकार।

ICC और ACC टूर्नामेंट्स से अस्थायी निलंबन

सूत्रों के मुताबिक, इससे पाकिस्तान की भविष्य की टी20 वर्ल्ड कप और एशिया कप भागीदारी भी खतरे में पड़ सकती है।

आर्थिक झटका: $38 मिलियन से ज्यादा का नुकसान

पाकिस्तान का यह बहिष्कार सिर्फ दो अंकों की हार नहीं होगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि PCB को $38 मिलियन (करीब 315 करोड़ रुपये) से ज्यादा का नुकसान हो सकता है। इसमें शामिल हैं— ब्रॉडकास्टर्स से मिलने वाला राजस्व, स्पॉन्सरशिप डील्स

ICC की भागीदारी फीस और घरेलू क्रिकेट पर असर

भारत-पाकिस्तान मैच टूर्नामेंट का सबसे महंगा और ज्यादा कमाई कराने वाला मुकाबला होता है। इसके बहिष्कार से ब्रॉडकास्टर्स कानूनी दावे भी ठोक सकते हैं, क्योंकि विज्ञापन स्लॉट पहले ही बेचे जा चुके हैं।

मैच बहिष्कार का सीधा असर PCB की आय पर पड़ेगा। परफॉर्मेंस आधारित इंसेंटिव $5 लाख से $10 लाख तक की भागीदारी फीस भी हाथ से निकल सकती है। ICC से कम फंड मिलने का असर घरेलू क्रिकेट और ग्रासरूट प्रोग्राम्स पर पड़ेगा, जिससे भविष्य के खिलाड़ियों के विकास पर ब्रेक लग सकता है।

अंतरराष्ट्रीय अलगाव का खतरा

आर्थिक नुकसान के अलावा पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय अलगाव का भी सामना करना पड़ सकता है। अन्य फुल मेंबर देशों के साथ सीरीज रुक सकती हैं, PSL की ग्लोबल वैल्यू घट सकती है,विदेशी खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी से लीग की प्रतिस्पर्धा कमजोर होगी, इसके साथ ही ICC कमेटियों में PCB की साख और प्रभाव भी घट सकता है।

खिलाड़ियों के करियर पर भी असर

संभावित प्रतिबंधों का सबसे बड़ा नुकसान खिलाड़ियों को होगा। प्राइज मनी से वंचित होना, इंटरनेशनल एक्सपोजर कम होना, विदेशी लीग कॉन्ट्रैक्ट्स पर असर, खासतौर पर युवा खिलाड़ियों के लिए यह करियर को पीछे धकेलने वाला साबित हो सकता है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और अनिश्चित भविष्य

PCB चीफ मोहसिन नक़वी पहले ही ICC पर ‘डबल स्टैंडर्ड’ का आरोप लगा चुके हैं, खासकर बांग्लादेश को टूर्नामेंट से हटाए जाने के बाद। नक़वी ने कहा था कि पाकिस्तान की भागीदारी पर फैसला प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के लौटने के बाद शीर्ष स्तर पर लिया जाएगा। हालांकि, अब सरकार की ओर से भारत के खिलाफ मैच बहिष्कार का ऐलान हो चुका है।

खतरनाक फैसला, दूरगामी नतीजे

टूर्नामेंट शुरू होने में कुछ ही हफ्ते बचे हैं, लेकिन पाकिस्तान का यह फैसला कानूनी लड़ाइयों, आर्थिक नुकसान, अंतरराष्ट्रीय साख पर चोट का कारण बन सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम पाकिस्तान क्रिकेट के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।


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Content Editor

Ishtpreet Singh

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