इतना बड़ा फैसला अगरकर ने अकेले नहीं लिया होगा, रोहित को कप्तानी से हटाने पर गंभीर पर उठी उंगली

punjabkesari.in Friday, Jan 16, 2026 - 01:23 PM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट में नेतृत्व को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। ICC चैंपियंस ट्रॉफी जिताने वाले कप्तान रोहित शर्मा को वनडे टीम की कमान से हटाए जाने का फैसला कई क्रिकेट जानकारों को चौंका गया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए यह बड़ा बदलाव किया, लेकिन इस निर्णय की टाइमिंग और वजहों पर सवाल उठ रहे हैं। अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने इस पूरे घटनाक्रम में हेड कोच गौतम गंभीर की भूमिका को लेकर चर्चा छेड़ दी है। 

कप्तानी बदलाव ने क्यों खड़ा किया विवाद

रोहित शर्मा भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में से एक रहे हैं। हाल के वर्षों में उन्होंने ICC टूर्नामेंट में भारत को खिताबी जीत दिलाई और टीम को स्थिरता दी। इसके बावजूद चयन समिति ने वनडे फॉर्मेट में नेतृत्व परिवर्तन का फैसला लिया। इस कदम को भविष्य की तैयारी के तौर पर पेश किया गया, लेकिन कई पूर्व खिलाड़ियों और फैंस को यह निर्णय जरूरत से ज्यादा सख्त लगा।

मनोज तिवारी का बड़ा दावा

स्पोर्ट्स टुडे से बातचीत में मनोज तिवारी ने कहा कि यह मानना मुश्किल है कि इतना बड़ा फैसला सिर्फ चयन समिति के प्रमुख अजीत अगरकर ने अकेले नहीं लिया होगा। तिवारी के मुताबिक, ऐसे मामलों में टीम मैनेजमेंट और कोचिंग स्टाफ का इनपुट अहम होता है। उन्होंने कहा कि अगरकर एक मजबूत और निर्णायक शख्सियत हैं, लेकिन पर्दे के पीछे कई चर्चाएं होती हैं। तिवारी ने इशारों में कहा कि हेड कोच गौतम गंभीर की राय भी इस फैसले में शामिल रही होगी और जिम्मेदारी सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं डाली जा सकती। 

शुभमन गिल को क्यों सौंपी गई कमान

चयन समिति ने 2027 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए युवा बल्लेबाज शुभमन गिल को वनडे कप्तान बनाया है। बोर्ड का मानना है कि लंबे समय तक एक कप्तान के साथ काम करने से टीम को स्थिरता मिलेगी। हालांकि, रोहित की उम्र को लेकर उठे सवालों के बावजूद उन्होंने फिटनेस, प्रदर्शन और मानसिक मजबूती से साबित किया है कि वह अभी भी शीर्ष स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।

रोहित की क्षमता पर शक क्यों?

मनोज तिवारी ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि रोहित शर्मा की 2027 वर्ल्ड कप में उपलब्धता को लेकर संदेह क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि जिस खिलाड़ी ने तीन वनडे डबल सेंचुरी बनाई हों और बड़े टूर्नामेंट में टीम को निस्वार्थ नेतृत्व दिया हो, उसकी काबिलियत पर सवाल उठाना क्रिकेटिंग लॉजिक के खिलाफ है। तिवारी के मुताबिक रोहित का 2023 वर्ल्ड कप में खेलने का तरीका और टीम के लिए उनका समर्पण इस बात का सबूत है कि उनमें अभी भी बहुत क्रिकेट बचा है।

टीम चयन में अस्थिरता पर नाराजगी

तिवारी ने मौजूदा टीम मैनेजमेंट पर असंतोष जताते हुए कहा कि प्लेइंग इलेवन में लगातार बदलाव और फैसलों में असंगति दिखाई दे रही है। उन्होंने यहां तक कहा कि वनडे क्रिकेट देखने में उनकी रुचि कम हो गई है, क्योंकि जब ICC ट्रॉफी जिताने वाले कप्तान को हटाया जाता है तो यह फैंस और खिलाड़ियों दोनों के लिए निराशाजनक होता है। 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Sanjeev

Related News