सचिन तेंदुलकर ने अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने के बाद आयुष म्हात्रे को दिया खास तोहफा

punjabkesari.in Tuesday, Feb 10, 2026 - 01:10 PM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट में जब विरासत और भविष्य एक ही पल में मिलते हैं, तो वह क्षण इतिहास बन जाता है। भारत की अंडर-19 वर्ल्ड कप जीत के बाद ऐसा ही एक भावुक पल देखने को मिला, जब मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने युवा कप्तान आयुष म्हात्रे को अपनी टेस्ट जर्सी भेंट की। यह तोहफ़ा सिर्फ एक जर्सी नहीं, बल्कि अनुशासन, मेहनत और भारतीय क्रिकेट की महान परंपरा का प्रतीक है, जिसने म्हात्रे जैसे युवा खिलाड़ी को आगे बढ़ने की नई प्रेरणा दी। 

ज़िम्बाब्वे से मुंबई तक ऐतिहासिक सफर

आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारत की अंडर-19 टीम ने ज़िम्बाब्वे में खेले गए वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड को हराकर खिताब अपने नाम किया। यह भारत का रिकॉर्ड छठा U19 वर्ल्ड कप खिताब था, जिसने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। टीम की स्वदेश वापसी पर हर जगह जश्न का माहौल था और युवा खिलाड़ियों को हीरो जैसा स्वागत मिला।

सचिन तेंदुलकर से खास मुलाकात

मुंबई लौटने के बाद आयुष म्हात्रे की मुलाकात अपने आदर्श सचिन तेंदुलकर से हुई। इस मुलाकात को और भी खास बना दिया मास्टर ब्लास्टर के एक अनमोल तोहफ़े ने। सचिन ने म्हात्रे को अपनी टेस्ट जर्सी दी, जिसे उन्होंने अपने करियर की आख़िरी टेस्ट सीरीज़ के दौरान पहना था। इसके साथ उन्होंने हाथ से लिखा एक संदेश भी दिया, जो युवा कप्तान के लिए जीवनभर की प्रेरणा बन गया।

मेहनत और फोकस का मंत्र

इस भावुक पल के दौरान सचिन तेंदुलकर ने आयुष म्हात्रे को अहम सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि मेहनत और फोकस ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। सचिन ने युवा खिलाड़ी को आगाह किया कि आगे चलकर कई तरह के आकर्षण और ध्यान भटकाने वाली चीज़ें आएंगी, लेकिन अगर लक्ष्य पर ध्यान बना रहा, तो सफलता जरूर मिलेगी। जर्सी पर लिखा उनका संदेश—“प्रिय आयुष, आपके करियर में आपको सफलता मिले”—इस तोहफ़े को और भी खास बनाता है।

सोशल मीडिया पर भावनात्मक प्रतिक्रिया

आयुष म्हात्रे ने इस खास लम्हे को सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने लिखा कि वह सचिन तेंदुलकर को टीवी स्क्रीन पर देखकर बड़े हुए हैं और आज उनके सफर का एक हिस्सा अपने हाथों में थामना गर्व की बात है। उन्होंने इस सम्मान के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि वह इस जर्सी को उसी आदर के साथ संभालेंगे, जिस सम्मान के साथ सचिन ने सालों तक भारतीय क्रिकेट की सेवा की। 

मैदान पर कप्तान के रूप में चमके म्हात्रे

टूर्नामेंट में आयुष म्हात्रे ने सिर्फ कप्तानी ही नहीं, बल्कि बल्ले से भी अहम योगदान दिया। फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 51 गेंदों में 53 रन की अहम पारी खेली, जबकि सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ 62 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने सात पारियों में 214 रन बनाए और भारत के चौथे सबसे सफल बल्लेबाज़ रहे।

भारतीय युवा क्रिकेट का उज्ज्वल भविष्य

इस वर्ल्ड कप में वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों ने भी अपनी छाप छोड़ी और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने। सचिन तेंदुलकर का यह तोहफ़ा और मार्गदर्शन आयुष म्हात्रे के लिए एक नई शुरुआत है। यह पल दर्शाता है कि जब अनुभव और युवा प्रतिभा साथ आते हैं, तो भारतीय क्रिकेट का भविष्य और भी मजबूत हो जाता है।


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Content Writer

Sanjeev

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