सनराइजर्स टीम में पाकिस्तानी खिलाड़ी को लेने पर सुनील गावस्कर का बड़ा बयान
punjabkesari.in Monday, Mar 16, 2026 - 04:34 PM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : इंग्लैंड की फ्रेंचाइजी लीग The Hundred के आगामी सीजन से पहले बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। Sunrisers Leeds ने नीलामी में पाकिस्तान के स्पिनर Abrar Ahmed को £190,000 (करीब 2.3 करोड़ रुपये) में खरीदा है। इस टीम की सह-मालिक Kavya Maran हैं। इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर काफी आलोचना देखने को मिली।
सुनील गावस्कर का तीखा बयान
भारत के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज Sunil Gavaskar ने इस पूरे विवाद पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। गावस्कर का मानना है कि किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को भुगतान करने का मतलब अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान सरकार को आर्थिक लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अपने कॉलम में लिखा कि जब कोई पाकिस्तानी खिलाड़ी कमाई करता है, तो उस पर दिया गया टैक्स पाकिस्तान सरकार के पास जाता है, जो हथियार खरीदने में इस्तेमाल हो सकता है। गावस्कर के अनुसार इससे अप्रत्यक्ष रूप से भारतीयों की जान पर भी असर पड़ सकता है।
मुंबई और पुलवामा हमलों का भी किया जिक्र
गावस्कर ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का असर क्रिकेट पर भी हमेशा दिखाई दिया है। उन्होंने याद दिलाया कि 2008 Mumbai attacks के बाद Indian Premier League में पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।इसके अलावा 2019 Pulwama attack के बाद भी भारतीय क्रिकेट में पाकिस्तान के खिलाड़ियों को शामिल करने से परहेज किया गया।
पहले भी BCCI ने लिया था सख्त फैसला
गावस्कर ने एक पुरानी घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि Board of Control for Cricket in India ने एक बार Kolkata Knight Riders से बांग्लादेश के तेज गेंदबाज Mustafizur Rahman को रिलीज करने के लिए कहा था, जब भारत में एक आतंकी हमला हुआ था। उनके मुताबिक भारतीय क्रिकेट हमेशा अपने नागरिकों के खिलाफ हिंसा के मामलों में सख्त रुख अपनाता रहा है।
कोच डेनियल विटोरी पर भी उठाए सवाल
यह विवाद तब और बढ़ गया जब टीम के कोच Daniel Vettori ने बताया कि टीम एक और पाकिस्तानी स्पिनर Usman Tariq को भी साइन करने पर विचार कर रही थी। इस बीच सोशल मीडिया पर आलोचना बढ़ने के बाद Sunrisers Leeds का X (ट्विटर) अकाउंट कुछ समय के लिए ऑफलाइन भी हो गया।
मालिकों को समझना चाहिए हालात: गावस्कर
गावस्कर ने कहा कि विदेशी कोच शायद भारत-पाकिस्तान के रिश्तों की जटिलता को पूरी तरह नहीं समझ पाते। लेकिन अगर टीम का मालिक भारतीय है, तो उसे हालात की संवेदनशीलता समझनी चाहिए और ऐसे फैसलों से बचना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या एक ऐसे टूर्नामेंट को जीतना, जिसे बहुत कम देश खेलते हैं, भारतीयों की सुरक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण है?

