सूर्यवंशी निश्चित रूप से भारतीय टी 20 टीम में जगह बनाने के दावेदार हैं : पीयूष चावला
punjabkesari.in Tuesday, Mar 31, 2026 - 03:34 PM (IST)
गुवाहाटी : रियान पराग, गुवाहाटी में वैभव सूर्यवंशी को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए देख रहे थे और बस यही सोच रहे थे, 'वाह, ये कैसे करता है?' वहीं दूसरी ओर पीयूष चावला और अंबाती रायुडू - ईएसपीएन क्रिकइंफो स्टूडियो से मैच देखते हुए सोच रहे थे कि 15 साल के राजस्थान रॉयल्स (RR) के इस बल्लेबाज के लिए भारतीय टीम का बुलावा अब ज्यादा दूर नहीं है। चावला ने कहा कि वह 'सूर्यवंशी को जल्दी ही ऊपर के स्तर पर देखना चाहेंगे' जबकि रायुडू थोड़ा सावधान रहे लेकिन बोले कि यह युवा 'निश्चित रूप से दौड़ में शामिल है।'
IPL के बाद भारत को अफगानिस्तान और आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज खेलना है। टाइमआउट हिंदी शो में रायुडू ने कहा, 'सूर्यवंशी, देश के कई युवा खिलाड़ियों से एक स्तर ऊपर दिखते हैं और ऐसी प्रतिभा हैं, जो भारतीय क्रिकेट के लिए जरूर कमाल करेगा। हालांकि कब करेगा, यह नहीं कहा जा सकता, लेकिन भविष्य में जरूर ऐसा होगा। जिस तरह वह बल्लेबाजी कर रहे हैं और जिस आजादी के साथ खेल रहे हैं, यह इस बात का सबूत है कि आरआर मैनेजमेंट ने शानदार काम किया है और उनके लिए चीज़ों को जटिल नहीं बनाया है। उनकी शॉट-मेकिंग और जिस आसानी से वह गेंदबाज़ों पर आक्रमण करते हैं, इस उम्र में अविश्वसनीय है।'
रायुडू ने कहा, 'मेरे हिसाब से टी20 में उनका पहला बुलावा आ सकता है, बशर्ते अगर उनका IPL बहुत अच्छा जाता है और वह दिखाते हैं कि वह दबाव में भी शांत रह सकते हैं। मत भूलिए, हमारी भारतीय टीम अभी विश्व चैंपियन है और हाल ही में टीम ने टी20 विश्व कप जीता है। इसलिए टीम में जगह बनाना आसान नहीं होगा। मेरे हिसाब से अभी कुछ खिलाड़ी उनसे आगे हैं, क्योंकि टीमें अगले आईसीसी टूर्नामेंट को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं। कई खिलाड़ी हैं जो पिछले दो-तीन साल से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। इसलिए अगर मैं चयनकर्ता होता, तो वह निश्चित रूप से रेस में होते। लेकिन अभी कई खिलाड़ी उनसे आगे हैं।'
अगर सूर्यवंशी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचते हैं, तो चावला मानते हैं कि वह आसानी से ढल जाएंगे। उन्होंने कहा, 'यही IPL की खूबसूरती है। 15 साल की उम्र में वह विश्व स्तरीय गेंदबाजों का सामना कर रहे हैं। जब वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाएंगे, तो यह उनके लिए नया नहीं होगा। वह पहले ही 140 की गति वाली गेंदबाजी का सामना कर रहे हैं। और अगर वह ऐसे ही खेलते रहे, तो मैं उन्हें जल्दी ही ऊपर जाते हुए देखना चाहूंगा। पिछले एक साल में अंडर-19 हो या घरेलू क्रिकेट, जहां भी उन्होंने खेला, शतक लगाया है। और वह सिफऱ् शतक ही नहीं, बड़ा शतक था।' सोमवार को शतक नहीं आया, क्योंकि लक्ष्य सिर्फ 128 रन था, लेकिन सूर्यवंशी की निडर बल्लेबाजी और बड़े रन बनाने की भूख साफ दिखी।

