T20 WC : अभिषेक-ईशान नहीं, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद इस बल्लेबाज पर भड़के गावस्कर
punjabkesari.in Monday, Feb 23, 2026 - 01:10 PM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 मुकाबले में भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ करारी हार का सामना करना पड़ा। अहमदाबाद में खेले गए इस मैच में भारतीय बल्लेबाजी लाइन-अप पूरी तरह बिखर गई। टीम के खराब प्रदर्शन के बाद पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने अभिषेक शर्मा या ईशान किशन नहीं, बल्कि तिलक वर्मा के शॉट चयन और मैच अप्रोच पर सवाल उठाए। गावस्कर का मानना है कि दबाव की स्थिति में तिलक को अधिक संयम दिखाना चाहिए था।
सुपर 8 में टूटा भारत का अजेय क्रम
टी20 विश्व कप में भारत का शानदार सफर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रुक गया। हालांकि अभी टीम इंडिया टूर्नामेंट से बाहर नहीं हुई है। प्रोटियाज टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 187 रन बनाए। 188 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम 111 रन पर ऑलआउट हो गई। यह हार न सिर्फ स्कोरलाइन के लिहाज से बड़ी थी, बल्कि सुपर 8 में भारत के अभियान के लिए भी झटका साबित हुई।
तिलक वर्मा के शॉट चयन पर सवाल
मैच के बाद स्टार स्पोर्ट्स पर बातचीत में सुनील गावस्कर ने तिलक वर्मा के अप्रोच को लेकर निराशा जताई। ईशान किशन के जल्दी आउट होने के बाद तिलक क्रीज पर आए। उस समय जरूरी रन रेट लगभग 9.5 प्रति ओवर था, जो टी20 के लिहाज से बहुत ज्यादा नहीं था। लेकिन तिलक ने संयम दिखाने के बजाय आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश की। मार्को जेनसन की गेंद पर वह ट्रैक से बाहर निकले और केवल एक रन बनाकर क्विंटन डी कॉक को कैच थमा बैठे। गावस्कर ने कहा कि उस समय टीम को साझेदारी की जरूरत थी, न कि जल्दबाजी की।
“खुद को समय देना चाहिए था”
गावस्कर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक विकेट गिरने के बाद बल्लेबाज को खुद को सेट होने का मौका देना चाहिए। उन्होंने कहा, 'आप 15 रन प्रति ओवर का पीछा नहीं कर रहे थे। थोड़ा समय लेकर खेल सकते थे। दूसरे छोर पर अभिषेक शर्मा रन नहीं बना रहे थे इसलिए जिम्मेदारी तिलक पर थी कि वह पारी को संभालें।' गावस्कर के मुताबिक पावरप्ले में 55/1 का स्कोर मजबूत आधार बन सकता था, लेकिन जल्दबाजी में विकेट गंवाने से टीम दबाव में आ गई।
टूर्नामेंट में तिलक का प्रदर्शन
तिलक वर्मा का यह टूर्नामेंट अब तक उतार-चढ़ाव भरा रहा है। पांच मैचों में उन्होंने 21.40 की औसत और 118.88 के स्ट्राइक रेट से 107 रन बनाए हैं। हालांकि ग्रुप स्टेज में उन्होंने कुछ अच्छी पारियां खेलीं, लेकिन उनकी रफ्तार उनके सामान्य टी20 मानकों से कम रही है। दिलचस्प बात यह है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। इस मैच से पहले उन्होंने प्रोटियाज़ के खिलाफ 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 70.85 की औसत और 163.15 के स्ट्राइक रेट से 496 रन बनाए थे।
टॉप ऑर्डर की चिंता
भारतीय टॉप ऑर्डर इस टूर्नामेंट में निरंतरता के लिए संघर्ष करता दिखा है। ऐसे में नंबर तीन का रोल बेहद अहम हो जाता है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ साझेदारी बनाने का मौका जल्दी हाथ से निकल गया। टीम को बड़े मंच पर अनुभवी और जिम्मेदार बल्लेबाजी की जरूरत है। अब भारत के लिए आगे के मुकाबलों में बेहतर रणनीति और स्थिर बल्लेबाज़ी जरूरी होगी। गावस्कर की टिप्पणी इस बात का संकेत है कि बड़े टूर्नामेंट में शॉट चयन और धैर्य का संतुलन जीत-हार तय कर सकता है।

