T20 WC Final, IND vs NZ : इतिहास रचने से एक कदम दूर टीम इंडिया, इन 5 चुनौतियों से रहना होगा सावधान
punjabkesari.in Sunday, Mar 08, 2026 - 11:47 AM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत और न्यूजीलैंड की टीमें आमने-सामने होंगी। टीम इंडिया इतिहास रचने से सिर्फ एक जीत दूर है, लेकिन यह मुकाबला आसान नहीं रहने वाला। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले इस खिताबी मैच से पहले भारतीय टीम को अपनी कुछ कमजोरियों को दूर करना होगा। अगर भारत यह फाइनल जीतता है तो वह लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप जीतने वाली दूसरी टीम बन सकता है।
ओपनिंग की समस्या दूर करना जरूरी
इस विश्व कप में भारत की सबसे बड़ी चिंता ओपनिंग जोड़ी का प्रदर्शन रहा है। खासकर अभिषेक शर्मा उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। उन्होंने सात मैचों में सिर्फ 89 रन बनाए हैं और उनका औसत 12.71 रहा है। इनमें से भी 55 रन की एक पारी को हटाने पर उनका प्रदर्शन बेहद कमजोर दिखाई देता है।
टीम मैनेजमेंट के सामने विकल्प है कि ईशान किशन और संजू सैमसन से पारी की शुरुआत कराई जाए, लेकिन फाइनल में बदलाव होगा या नहीं यह देखना दिलचस्प होगा।
न्यूजीलैंड की ओपनिंग सबसे बड़ी ताकत
न्यूजीलैंड की ओपनिंग जोड़ी फिन एलन और टिम साइफर्ट इस टूर्नामेंट में बेहद खतरनाक साबित हुई है।
फिन एलन: 9 मैचों में 369 रन, स्ट्राइक रेट 200+
टिम साइफर्ट: 10 मैचों में 341 रन; इन दोनों बल्लेबाजों ने पावरप्ले में आक्रामक बल्लेबाजी कर टीम को मजबूत शुरुआत दी है। मध्यक्रम में रचिन रविंद्र और ग्लेन फिलिप्स भी तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं।
वरुण चक्रवर्ती की फॉर्म चिंता का विषय
भारतीय स्पिनर वरुण चक्रवर्ती इस टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में शानदार दिखे थे, लेकिन सुपर-8 के बाद उनकी लय टूटती नजर आई। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने चार ओवर में 64 रन देकर एक विकेट लिया। पहले चार मैचों में उन्होंने 9 विकेट लिए थे, जबकि बाद के चार मैचों में सिर्फ 4 विकेट ही हासिल कर सके। फाइनल में उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
हेनरी और मैककोनी से बचना होगा
न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी पावरप्ले में विकेट लेने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने इस टूर्नामेंट में 8 मैचों में 10 विकेट लिए हैं और भारत के खिलाफ भी शुरुआती झटके दे सकते हैं। इसके अलावा लॉकी फर्ग्यूसन अपनी रफ्तार से बल्लेबाजों को परेशान कर सकते हैं। स्पिन विभाग में मिचेल सैंटनर और कोल मैककोनी मध्य ओवरों में रन गति रोकने में माहिर हैं।
स्पिन के खिलाफ भारत की कमजोरी
इस टूर्नामेंट में भारतीय बल्लेबाजों का स्पिन के खिलाफ प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है। भारत का स्पिन के खिलाफ स्ट्राइक रेट सिर्फ 6.23 रहा है। टीम के टॉप ऑर्डर में कई बाएं हाथ के बल्लेबाज होने के कारण विरोधी टीमें ऑफ स्पिन का इस्तेमाल ज्यादा कर रही हैं। न्यूजीलैंड के कोल मैककोनी और मिचेल सैंटनर इस कमजोरी का फायदा उठा सकते हैं।
फील्डिंग भी बनेगी अहम फैक्टर
सेमीफाइनल में भारत की फील्डिंग बेहतर रही, खासकर अक्षर पटेल के शानदार कैचों ने मैच का रुख बदल दिया। लेकिन पूरे टूर्नामेंट की बात करें तो भारत 13 कैच छोड़ चुका है, जो किसी भी बड़े मैच में नुकसानदायक साबित हो सकता है। नरेंद्र मोदी स्टेडियम की तेज रोशनी में कैच पकड़ना आसान नहीं होता, इसलिए भारतीय खिलाड़ियों को इस पहलू पर भी खास ध्यान देना होगा।

