अंडर-19 वर्ल्ड कप में वैभव सूर्यवंशी का तूफान, जिम्बाब्वे के खिलाफ ठोका शानदार अर्धशतक
punjabkesari.in Tuesday, Jan 27, 2026 - 04:15 PM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय अंडर-19 टीम के युवा स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर अपने आक्रामक खेल से सुर्खियों में आ गए हैं। अंडर-19 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए अहम मुकाबले में वैभव ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाज़ी करते हुए शानदार अर्धशतक जड़ा। उनकी यह पारी भले ही शतक में नहीं बदल सकी, लेकिन भारत को मजबूत शुरुआत दिलाने में निर्णायक साबित हुई। लगातार दूसरे मैच में फिफ्टी लगाकर वैभव ने यह साफ कर दिया है कि वह इस टूर्नामेंट में भारत के सबसे अहम बल्लेबाजों में से एक हैं।
पावरप्ले में वैभव का आक्रामक तेवर
बुलवायों में खेले जा रहे इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही जिम्बाब्वे के गेंदबाज़ों पर दबाव बना दिया। उन्होंने बिना समय गंवाए बड़े शॉट खेलने शुरू किए और मैदान के चारों ओर रन बटोरे। उनकी बल्लेबाज़ी में आत्मविश्वास और आक्रामकता साफ झलक रही थी, जिससे जिम्बाब्वे की टीम बैकफुट पर चली गई।
30 गेंदों में 52 रन, स्ट्राइक रेट ने मचाया धमाल
वैभव ने इस मैच में सिर्फ 30 गेंदों का सामना करते हुए 52 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से चार चौके और चार लंबे छक्के निकले। 173.33 के स्ट्राइक रेट से खेली गई यह पारी टी20 अंदाज़ की याद दिलाने वाली थी, जिसने भारत को तेज़ शुरुआत दी। जब वैभव आउट हुए, तब टीम का स्कोर 101 रन था, जिसमें आधे से ज़्यादा रन अकेले उनके खाते में थे।
एरॉन जॉर्ज और कप्तान आयुष म्हात्रे का योगदान
वैभव के साथ पारी की शुरुआत करने वाले एरॉन जॉर्ज ने भी शुरुआती ओवरों में तेज़ बल्लेबाज़ी की। उन्होंने 16 गेंदों में दो चौके और एक छक्के की मदद से 23 रन बनाए, जिससे भारत की रनगति बनी रही। इसके बाद कप्तान आयुष म्हात्रे क्रीज पर आए और उन्होंने 19 गेंदों में 21 रन जोड़े। अपनी पारी में कप्तान ने एक चौका और दो छक्के लगाए। हालांकि, कप्तान के आउट होने के तुरंत बाद वैभव भी पवेलियन लौट गए, जिससे भारत को एक साथ दो झटके लगे।
वर्ल्ड कप में दूसरा अर्धशतक, लगातार दिखा दम
जिम्बाब्वे के खिलाफ यह अर्धशतक वैभव सूर्यवंशी का अंडर-19 वर्ल्ड कप में दूसरा अर्धशतक रहा। इससे पहले उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ भी शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए 72 रन बनाए थे। उस पारी में उन्होंने 67 गेंदों में छह चौके और तीन छक्के लगाए थे। हालांकि वह पारी अपेक्षाकृत धीमी थी, लेकिन उसमें शतक की पूरी उम्मीद नजर आ रही थी।
अनिश्चितता ही वैभव की सबसे बड़ी ताकत
वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाज़ी की सबसे बड़ी खासियत उनकी अनिश्चितता है। जिस अंदाज़ में वह शॉट्स खेलते हैं, उससे गेंदबाज़ और फील्डर दोनों ही अंदाज़ा नहीं लगा पाते कि अगली गेंद पर क्या होने वाला है। यही वजह है कि वह विपक्षी टीम पर लगातार दबाव बनाए रखते हैं।

