टी20 विश्व कप जीतने के बाद फ्लाइट के बजाय ट्रेन क्यों लौटे घर, शिवम दुबे ने बता दी वजह
punjabkesari.in Wednesday, Mar 18, 2026 - 07:32 PM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीत के बाद जहां ज्यादातर भारतीय खिलाड़ी टीम के साथ फ्लाइट से लौटे, वहीं Shivam Dube ने एक अलग रास्ता चुना। अहमदाबाद से मुंबई लौटने के लिए उन्होंने 3rd AC ट्रेन में सफर किया जिसने फैंस को हैरान कर दिया। दुबे ने खुलासा किया कि यह फैसला किसी सुविधा के कारण नहीं, बल्कि परिवार से जल्द मिलने की भावनात्मक बेचैनी की वजह से लिया गया था। उनका यह कदम अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद जल्द घर पहुंचने की चाह
भारत ने 8 मार्च को फाइनल में न्यूज़ीलैंड को हराकर T20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीता। इस ऐतिहासिक जीत के बाद खिलाड़ी जश्न में डूबे थे, लेकिन दुबे के मन में एक अलग ही बेचैनी थी। वह जल्द से जल्द अपने परिवार—खासकर बच्चों और पिता—से मिलना चाहते थे।
फ्लाइट नहीं मिली, ट्रेन बना बेहतर विकल्प
दुबे ने बताया कि सुबह के समय कोई फ्लाइट उपलब्ध नहीं थी। उनके पास दो ही विकल्प थे—सड़क मार्ग या ट्रेन। समय बचाने के लिए उन्होंने ट्रेन को चुना, क्योंकि यह अपेक्षाकृत तेज़ विकल्प था और उन्हें जल्दी मुंबई पहुंचा सकता था।
परिवार से मिलने की “एंग्जायटी”
दुबे ने स्वीकार किया कि उन्हें घर जाने की इतनी जल्दी थी कि वे इंतजार नहीं कर सकते थे। उनके मुताबिक, बच्चों और पिता से मिलने की उत्सुकता उन्हें बेचैन कर रही थी। यही वजह रही कि उन्होंने टीम के साथ यात्रा करने के बजाय खुद से घर लौटने का फैसला किया।
पहचान छिपाने के लिए अपनाई खास रणनीति
एक स्टार क्रिकेटर के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट से यात्रा करना आसान नहीं होता। दुबे को भी इस बात का अंदेशा था कि अगर कोई उन्हें पहचान ले, तो भीड़ इकट्ठा हो सकती है। इससे बचने के लिए उन्होंने सनग्लास, मास्क और फुल स्लीव टी-शर्ट पहनकर अपनी पहचान छिपाई।
सुबह 5:10 की ट्रेन क्यों चुनी?
दुबे ने जानबूझकर सुबह 5:10 बजे की ट्रेन चुनी। उनका मानना था कि उस समय प्लेटफॉर्म पर भीड़ कम होगी, जिससे वे बिना ध्यान आकर्षित किए यात्रा कर सकेंगे। उन्होंने ट्रेन के रवाना होने से कुछ मिनट पहले तक कार में इंतजार किया और फिर जल्दी से चढ़ गए।
परिवार और दोस्तों की बढ़ी चिंता
दुबे के इस फैसले से उनके परिवार और दोस्तों की चिंता बढ़ गई थी। उन्हें डर था कि अगर लोग उन्हें पहचान लेते, तो स्थिति संभालना मुश्किल हो सकता था। हालांकि, दुबे ने पूरी योजना के साथ यात्रा की और सुरक्षित घर पहुंचने में सफल रहे।

