युवराज सिंह ने संजू सैमसन को बनाया टी20 वर्ल्ड कप 2026 का हीरो

punjabkesari.in Tuesday, Mar 17, 2026 - 03:47 PM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट में मेंटरशिप की अहमियत एक बार फिर साबित हुई जब Sanju Samson ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टी20 विश्व कप 2026 में भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। इस सफलता के पीछे सिर्फ उनकी प्रतिभा ही नहीं, बल्कि Yuvraj Singh जैसे दिग्गज का मार्गदर्शन भी था। टूर्नामेंट से पहले मिली यह अनौपचारिक मदद सैमसन के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई और उन्होंने खुद को एक भरोसेमंद मैच-विनर के रूप में स्थापित किया। 

एक फोन कॉल जिसने बदल दी दिशा

वर्ल्ड कप से पहले युवराज सिंह ने संजू सैमसन से सीधे संपर्क किया और उनके साथ समय बिताने का प्रस्ताव रखा। यह कोई औपचारिक कैंप नहीं था, बल्कि एक सीनियर खिलाड़ी की ओर से व्यक्तिगत पहल थी। सैमसन ने इस मौके को तुरंत स्वीकार किया और तैयारी के दौरान युवराज के साथ काम किया। इस दौरान Robin Uthappa ने भी उन्हें गाइड किया, जिससे उनकी तैयारी और मजबूत हुई।

तकनीक से ज्यादा मानसिकता पर काम

युवराज सिंह और रॉबिन उथप्पा ने सैमसन के खेल में बड़े बदलाव करने की बजाय उनकी मौजूदा ताकत को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया। उन्होंने सैमसन को मैच की स्थिति को समझने, अपनी पारी को नियंत्रित करने और दबाव में शांत रहने की कला सिखाई। यह वही पहलू थे, जहां सैमसन पहले संघर्ष करते नजर आते थे।

अनुभव से मिली नई सोच

युवराज और उथप्पा जैसे खिलाड़ी खुद वर्ल्ड कप जीत चुके हैं, इसलिए उनका अनुभव सैमसन के लिए बेहद कीमती साबित हुआ। सैमसन ने भी माना कि ऐसे खिलाड़ियों से सीखना बेहद जरूरी था, जिन्होंने पहले ही वह हासिल कर लिया है, जिसे वह पाना चाहते थे। इस मार्गदर्शन ने उन्हें एक स्पष्ट योजना और आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरने में मदद की।

मैदान पर दिखा मेंटरशिप का असर

टूर्नामेंट के दौरान संजू सैमसन का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने सिर्फ पांच मैचों में 321 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट लगभग 200 रहा। इसी शानदार प्रदर्शन के चलते वह ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ बने। सुपर-8 के अहम मुकाबले में नाबाद 97 रन, फिर सेमीफाइनल और फाइनल में लगातार 89-89 रनों की पारियां—ये सब उनके बदले हुए खेल और मानसिक मजबूती का सबूत थे।

सचिन तेंदुलकर से भी मिला मार्गदर्शन

सिर्फ युवराज और उथप्पा ही नहीं, बल्कि सैमसन ने टूर्नामेंट के दौरान Sachin Tendulkar से भी सलाह ली। उन्होंने अपनी मानसिक तैयारी और गेम प्लान को बेहतर बनाने के लिए दिग्गज बल्लेबाज से बातचीत की, जिससे उन्हें और स्पष्टता मिली।

भारतीय क्रिकेट में नया ट्रेंड

यह कहानी भारतीय क्रिकेट में एक नए ट्रेंड को भी दर्शाती है, जहां खिलाड़ी सिर्फ कोचिंग स्टाफ पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि पूर्व खिलाड़ियों से व्यक्तिगत मार्गदर्शन भी लेते हैं। इस तरह की अनौपचारिक मेंटरशिप खिलाड़ियों को मानसिक और रणनीतिक रूप से मजबूत बनाती है। 


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Content Writer

Sanjeev

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