अगर इस खिलाड़ी का बल्ला चला तो राजस्थान को कोई नहीं रोक सकता, IPL 2026 से पहले अश्विन का बड़ा दावा
punjabkesari.in Monday, Mar 23, 2026 - 12:07 PM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : इंडियन प्रीमियर लीग 2026 से पहले राजस्थान रॉयल्स को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, और इन चर्चाओं के केंद्र में हैं युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी। महज 14 साल की उम्र में पिछले सीज़न में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले इस बल्लेबाज़ ने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया था। अब जब नया सीज़न करीब है, तो उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं। इसी बीच, अनुभवी भारतीय ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अगर सूर्यवंशी का बल्ला चला, तो राजस्थान रॉयल्स को रोकना लगभग नामुमकिन होगा।
डेब्यू सीजन में ही बनाया खास मुकाम
वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2025 में अपने पहले ही सीज़न में शानदार प्रदर्शन किया। सात मैचों में 252 रन बनाते हुए उन्होंने 200+ के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी की, जो उनकी आक्रामक शैली को दर्शाता है। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ सिर्फ 35 गेंदों में शतक जड़कर रिकॉर्ड बना दिया। इस उपलब्धि के साथ वह IPL इतिहास में सबसे तेज़ शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज़ बन गए।
अश्विन का बड़ा दावा और चेतावनी
रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि सूर्यवंशी इस सीज़न में राजस्थान रॉयल्स के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह युवा खिलाड़ी अभी अपने करियर के शुरुआती दौर में है, इसलिए उस पर ज़रूरत से ज़्यादा दबाव डालना सही नहीं होगा। अश्विन के मुताबिक, मीडिया और सोशल मीडिया का ध्यान इस बार और ज्यादा रहेगा, जो मानसिक दबाव बढ़ा सकता है।
विरोधी टीमों की रणनीति होगी बड़ी चुनौती
अश्विन ने यह भी कहा कि इस बार विपक्षी टीमें सूर्यवंशी के खिलाफ बेहतर तैयारी के साथ उतरेंगी। पिछले सीज़न में उनकी निडर बल्लेबाज़ी ने गेंदबाज़ों को चौंका दिया था, लेकिन अब उनके खेल का विश्लेषण किया जा चुका है। ऐसे में युवा बल्लेबाज़ के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी अपनी आक्रामकता को बरकरार रखते हुए निरंतरता दिखाना।
टीम में बड़े बदलाव और नई जिम्मेदारियां
IPL 2026 से पहले राजस्थान रॉयल्स ने बड़ा फैसला लेते हुए संजू सैमसन को ट्रेड कर दिया। इसके बदले टीम में रवींद्र जडेजा और सैम करन जैसे अनुभवी ऑलराउंडर शामिल हुए हैं। सैमसन के जाने के बाद टीम की कप्तानी रियान पराग को सौंपी गई है, जो उनके करियर का एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।
कप्तानी पर भी उठे सवाल
रविचंद्रन अश्विन ने यह भी सुझाव दिया कि कप्तानी के लिए रवींद्र जडेजा एक बेहतर विकल्प हो सकते थे। उनका मानना है कि अनुभवी खिलाड़ी के नेतृत्व में पराग को उप-कप्तान बनाकर धीरे-धीरे तैयार करना टीम के लिए फायदेमंद होता। हालांकि, अब पराग के सामने खुद को साबित करने की बड़ी चुनौती है।

