Vijay Hazare Trophy 2025-26: अथर्व तायडे के शतक से विदर्भ पहली बार बना चैंपियन
punjabkesari.in Monday, Jan 19, 2026 - 11:00 AM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : अथर्व तायडे के शानदार शतक और तेज़ गेंदबाज़ों के उम्दा प्रदर्शन की बदौलत विदर्भ ने सौराष्ट्र को 38 रन से हराकर विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 का खिताब अपने नाम कर लिया। यह डे-नाइट फाइनल मुकाबला बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड-1 पर खेला गया।
विदर्भ का विशाल स्कोर
पहले बल्लेबाज़ी करते हुए विदर्भ ने 50 ओवर में 8 विकेट पर 317 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। ओपनर अथर्व तायडे ने 118 गेंदों में 128 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 15 चौके और तीन छक्के शामिल रहे। उनका साथ यश राठौड़ ने 54 रन बनाकर बखूबी निभाया, जबकि अमन मोखाड़े ने 33 रन का योगदान दिया।
टॉस जीतकर सौराष्ट्र ने गेंदबाज़ी चुनी थी, लेकिन तायडे और मोखाड़े की जोड़ी ने नई गेंद के स्विंग को आसानी से संभालते हुए 80 रन की ठोस ओपनिंग साझेदारी की। 18वें ओवर में अंकुर पंवार ने मोखाड़े को क्लीन बोल्ड कर सौराष्ट्र को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद भी तायडे ने रनगति बनाए रखी और यश राठौड़ के साथ दूसरे विकेट के लिए 133 रन जोड़े। तायडे ने 31वें ओवर में सिंगल लेकर अपना शतक पूरा किया। यह उनके लिस्ट-ए करियर का पहला शतक था और वह विजय हजारे ट्रॉफी फाइनल में शतक लगाने वाले 16वें बल्लेबाज़ बने। तायडे 36वें ओवर की आखिरी गेंद पर 128 रन बनाकर आउट हुए।
सौराष्ट्र की शुरुआत खराब
लक्ष्य का पीछा करते हुए सौराष्ट्र की शुरुआत खराब रही। कप्तान हार्विक देसाई (20) और विश्वराज जडेजा (9) जल्दी पवेलियन लौट गए और छठे ओवर में स्कोर 30/2 हो गया। इसके बाद प्रेरक मांकड़ (88) और सम्मर गज्जर ने पारी संभाली, लेकिन गज्जर 25 रन बनाकर आउट हो गए। मांकड़ ने एक छोर संभाले रखा और चिराग जानी (64) के साथ पांचवें विकेट के लिए 93 रन की अहम साझेदारी की।
हालांकि बढ़ती रनगति ने सौराष्ट्र पर दबाव बनाया। हर्ष दुबे ने मांकड़ को एलबीडब्ल्यू आउट कर विदर्भ को बड़ी सफलता दिलाई। जानी ने रुचित आहिर (21) के साथ संघर्ष जारी रखा, लेकिन निचले क्रम में जयदेव उनादकट (6), धर्मेंद्रसिंह जडेजा (8) और चेतन साकरिया (11) सस्ते में आउट हो गए। पूरी टीम 48.5 ओवर में 279 रन पर सिमट गई। विदर्भ की ओर से यश ठाकुर ने 4/50 और नचिकेत भूटे ने 3/46 विकेट लेकर जीत की नींव रखी। दर्शन नालकंडे ने भी 2/52 का उपयोगी स्पेल डाला।
इस टूर्नामेंट में अथर्व तायडे का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने क्वार्टरफाइनल में दिल्ली के खिलाफ 62 रन, असम के खिलाफ 80 और बड़ौदा के खिलाफ 65 रन की अहम पारियां खेलीं, जो विदर्भ की खिताबी यात्रा में निर्णायक साबित हुईं।
संक्षिप्त स्कोर:
विदर्भ 317/8 (50 ओवर), अथर्व तायडे 128, यश राठौड़ 54, अमन मोखाड़े 33
अंकुर पंवार 4/65, चेतन साकरिया 2/43, चिराग जानी 2/65
सौराष्ट्र 279 ऑलआउट (48.5 ओवर), प्रेरक मांकड़ 88, चिराग जानी 64
यश ठाकुर 4/50, नचिकेत भूटे 3/46.
विदर्भ ने 38 रन से जीत दर्ज की।

