BCCI ने IPL 2026 से पहले सभी 10 फ्रेंचाइजियों के लिए जारी की सख्त गाइडलाइंस
punjabkesari.in Friday, Mar 13, 2026 - 12:56 PM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सभी 10 फ्रेंचाइजियों के लिए नई और सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। इन नियमों का उद्देश्य टूर्नामेंट के दौरान पिचों की गुणवत्ता बनाए रखना और सभी टीमों को समान अवसर देना है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कोई भी टीम उस पिच पर अभ्यास नहीं कर सकेगी जिसका उपयोग विरोधी टीम पहले ही कर चुकी हो। इसके अलावा प्रैक्टिस मैच, नेट सेशन और पिच तैयार करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम भी लागू किए गए हैं।
विरोधी टीम के नेट इस्तेमाल करने पर रोक
नई गाइडलाइंस के अनुसार, किसी भी टीम को उस पिच पर ट्रेनिंग करने की अनुमति नहीं होगी जिसका इस्तेमाल पहले विरोधी टीम कर चुकी हो। BCCI ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि दो टीमें एक के बाद एक अभ्यास कर रही हैं तो प्रत्येक टीम को अलग-अलग नेट और पिच उपलब्ध कराई जाए। यह नियम थ्रो-डाउन या हल्की प्रैक्टिस पर भी लागू होगा। यानी एक टीम के अभ्यास खत्म होने के बाद दूसरी टीम उसी नेट या पिच का उपयोग नहीं कर सकेगी।
जल्दी प्रैक्टिस खत्म होने पर भी नहीं मिलेगा फायदा
गाइडलाइंस में यह भी कहा गया है कि यदि कोई टीम अपना प्रैक्टिस सेशन तय समय से पहले खत्म कर देती है, तब भी दूसरी टीम को उसी पिच या रेंज-हिटिंग विकेट का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस नियम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी टीमों को अभ्यास के लिए समान और निष्पक्ष परिस्थितियां मिलें।
लाइट्स के नीचे प्रैक्टिस मैच पर भी सीमा
BCCI ने प्रैक्टिस मैचों के लिए भी स्पष्ट नियम तय किए हैं। यदि कोई टीम फ्लडलाइट्स के नीचे अभ्यास मैच खेलना चाहती है, तो उसकी अवधि साढ़े तीन घंटे से अधिक नहीं हो सकती। इसके अलावा हर फ्रेंचाइजी को अधिकतम दो प्रैक्टिस मैच खेलने की अनुमति दी गई है, लेकिन इसके लिए पहले बोर्ड को सूचित करना जरूरी होगा।
मैच पिच पर प्रैक्टिस पूरी तरह प्रतिबंधित
बोर्ड ने पिच की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए एक और अहम नियम लागू किया है। जिस पिच पर आधिकारिक मुकाबला खेला जाना है, उस पर किसी भी तरह का अभ्यास मैच या नेट सेशन नहीं होगा। इसके अलावा संबंधित फ्रेंचाइजी के पहले घरेलू मैच से चार दिन पहले तक मेन स्क्वायर पर किसी भी तरह की प्रैक्टिस गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी।
वैकल्पिक प्रैक्टिस ग्राउंड की व्यवस्था
अगर मुख्य मैदान पर अभ्यास की अनुमति नहीं होगी, तो राज्य क्रिकेट संघ को टीम के लिए वैकल्पिक प्रैक्टिस मैदान उपलब्ध कराना होगा। यह सुविधा फ्रेंचाइजी को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के दी जाएगी, ताकि उनकी तैयारियों पर कोई असर न पड़े।
दोनों टीमों को मिलेंगे समान प्रैक्टिस संसाधन
नए नियमों के अनुसार, मैच से पहले अभ्यास के लिए दोनों टीमों को समान संसाधन दिए जाएंगे। प्रत्येक टीम को प्रैक्टिस के लिए दो नेट दिए जाएंगे, जबकि रेंज-हिटिंग के लिए मेन स्क्वायर पर एक अलग नेट उपलब्ध कराया जाएगा। इससे खिलाड़ियों को बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों तरह की तैयारी करने का पर्याप्त मौका मिलेगा।
शेड्यूल विवाद में मेहमान टीम को प्राथमिकता
अगर प्रैक्टिस शेड्यूल को लेकर किसी तरह का विवाद होता है, तो BCCI ने स्पष्ट किया है कि मेहमान टीम को प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि घरेलू टीम को अपने पसंदीदा प्रैक्टिस सेशन चुनने का पहला अवसर मिलेगा, लेकिन यदि मेहमान टीम ने हाल ही में मैच खेला हो या लंबी यात्रा की हो, तो उसके अनुरोध पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

