T20 World Cup: दासुन शनाका ने रचा इतिहास, टी20I में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने वाले श्रीलंकाई बल्लेबाज बने
punjabkesari.in Sunday, Feb 22, 2026 - 08:05 PM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : श्रीलंका क्रिकेट टीम के कप्तान दासुन शनाका ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया है। इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबले में 2 छक्के लगाते ही वह श्रीलंका की ओर से टी20I में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने वाले बल्लेबाज़ बन गए। उन्होंने यह उपलब्धि हासिल करते हुए कुसल मेंडिस को पीछे छोड़ा। हालांकि उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि के बावजूद टीम को हार का सामना करना पड़ा। पल्लेकेले में खेले गए इस मैच में श्रीलंका लक्ष्य का पीछा करते हुए पूरी तरह बिखर गई।
शनाका बने श्रीलंका के नंबर-1 सिक्स हिटर
दासुन शनाका ने 22 फरवरी 2026 को इंग्लैंड के खिलाफ मैच में दो छक्के जड़कर टी20 इंटरनेशनल में अपने छक्कों की संख्या 98 तक पहुंचा दी। इसके साथ ही उन्होंने कुसल मेंडिस का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिनके नाम 97 छक्के दर्ज थे। यह उपलब्धि श्रीलंका क्रिकेट के लिए खास मानी जा रही है, क्योंकि शनाका ने निचले क्रम में बल्लेबाज़ी करते हुए भी आक्रामक अंदाज़ बनाए रखा है। उनकी पावर-हिटिंग क्षमता ने उन्हें सीमित ओवरों के प्रारूप में एक अहम खिलाड़ी बना दिया है।
इंग्लैंड के खिलाफ शानदार पारी
पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में शनाका सातवें नंबर पर बल्लेबाज़ी करने उतरे। उन्होंने 24 गेंदों का सामना करते हुए 125.00 की स्ट्राइक रेट से 30 रन बनाए। उनकी पारी में एक चौका और दो दमदार छक्के शामिल थे। यह दोनों छक्के ही उनके करियर के ऐतिहासिक पल साबित हुए। हालांकि उनकी यह कोशिश टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं रही।
इंग्लैंड की पारी : फिल साल्ट का अर्धशतक
टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए इंग्लैंड ने 20 ओवर में 146/9 रन बनाए। टीम की ओर से फिल सॉल्ट ने 42 गेंदों में 62 रनों की बेहतरीन अर्धशतकीय पारी खेली। साल्ट की पारी में आक्रामक शॉट्स की भरमार रही और उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। इसके अलावा विल जैक्स ने सातवें क्रम पर उतरकर 14 गेंदों में 21 रन जोड़े, जिससे टीम सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच सकी।
लक्ष्य का पीछा करते हुए बिखरी श्रीलंका
147 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत खराब रही। टीम ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए, जिससे रनगति भी प्रभावित हुई। मिडिल ऑर्डर और टॉप ऑर्डर बल्लेबाज़ बड़ी साझेदारी बनाने में नाकाम रहे। नतीजतन पूरी टीम 16.4 ओवर में मात्र 95 रन पर ऑलआउट हो गई। शनाका 30 रन बनाकर टीम के सर्वोच्च स्कोरर रहे, जो मैच में श्रीलंका के संघर्ष को दर्शाता है।
रिकॉर्ड के बावजूद निराशा
दासुन शनाका के लिए यह मैच व्यक्तिगत रूप से यादगार रहा, लेकिन टीम के प्रदर्शन ने इस उपलब्धि की चमक को थोड़ा फीका कर दिया। कप्तान के रूप में उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है, खासकर जब टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए दबाव में टूट जाती है। अब श्रीलंका को आगामी मुकाबलों में बेहतर रणनीति और मजबूत बल्लेबाज़ी क्रम के साथ वापसी करनी होगी। शनाका का रिकॉर्ड यह दिखाता है कि टीम में अनुभव और पावर-हिटिंग की कमी नहीं है, जरूरत है तो सामूहिक प्रदर्शन की।

