फ़ीडे कैंडिडेट : प्रज्ञानन्दा अनीश से तो दिव्या से होगी हंपी की टक्कर

punjabkesari.in Saturday, Feb 21, 2026 - 09:03 PM (IST)

पाफोस, साइप्रस ( निकलेश जैन ) में आयोजित आधिकारिक ड्रॉ समारोह के बाद फ़ीडे कैंडिडेट 2026 और फ़ीडे महिला कैंडिडेट 2026 की जोड़ियां घोषित कर दी गई हैं। 28 मार्च से 16 अप्रैल 2026 तक चलने वाले इन दोनों प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों से विश्व चैम्पियनशिप और महिला विश्व चैम्पियनशिप के लिए चुनौती देने वाले खिलाड़ियों का चयन होगा। डबल राउंड-रॉबिन प्रारूप में खेले जाने वाले इस मुकाबले में हर खिलाड़ी अपने सभी प्रतिद्वंद्वियों से दो बार भिड़ेगा, एक बार सफेद और एक बार काले मोहरों से।

ओपन वर्ग में पहले दौर के मुकाबले इस प्रकार हैं— भारत की एकमात्र उम्मीद आर प्रज्ञानंदा अपने अभियान की शुरुआत नीदरलैंड के अनीश गिरी के ख़िलाफ़ करेंगे । विश्व कप विजेता जावोखिर सिंदारोव रूस के आंद्रे एसिपेंको से , जर्मनी के मैथियास ब्लूबम चीन के वेई यी, और यूएसए के फाबियानो करुआना हमवतन हिकारू नाकामुरा से टक्कर लेंगे । भारतीय दृष्टिकोण से प्रज्ञानानंदा आर का मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें अनीश गिरी जैसे सैद्धांतिक रूप से मजबूत खिलाड़ी के खिलाफ सटीक तैयारी के साथ उतरना होगा। करुआना और नाकामुरा के बीच होने वाला मुकाबला भी पहले ही दिन से टूर्नामेंट का तापमान बढ़ा देगा। प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार एक ही देश के खिलाड़ियों को शुरुआती दौर में आमने-सामने रखा गया है।

महिला वर्ग में भारत की मजबूत उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र है। पहले दौर के मुकाबलों में भारत की युवा विश्व कप विजेता दिव्या देशमुख का सामना दिग्गज हम्पी कोनेरू से होगा , वैशाली आर का सामना बिबिसारा अस्साउबायेवा से , रूस की अलेक्ज़ांद्रा गोरीयाचकिना से रूस की ही कटेरिना लाग्नो और चीन की झू जिनर चीन की  तान झोंगयी आमने-सामने होंगी। दिव्या और हम्पी के बीच मुकाबला अनुभव बनाम युवा ऊर्जा की सीधी टक्कर माना जा रहा है, जबकि वैशाली आर के सामने भी कड़ी चुनौती होगी। महिला वर्ग में भारतीय खिलाड़ियों की संख्या और उनकी वर्तमान फॉर्म को देखते हुए देश को ऐतिहासिक सफलता की उम्मीद है।

ड्रॉ के साथ ही दोनों कैंडिडेट्स टूर्नामेंट का ढांचा पूरी तरह स्पष्ट हो गया है और अब खिलाड़ी अपने-अपने प्रतिद्वंद्वियों के क्रम के अनुसार ओपनिंग तैयारी, रणनीतिक योजना और विश्राम दिवस की रूपरेखा तय करेंगे। मार्च के अंत से पाफोस विश्व शतरंज का केंद्र बनेगा और भारतीय शतरंज प्रेमियों की निगाहें इस बात पर टिकी रहेंगी कि क्या इस बार कोई भारतीय खिलाड़ी विश्व चैम्पियनशिप की चुनौती तक पहुंचने में सफल हो पाता है।


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Content Editor

Niklesh Jain

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