कैसे अब भी संभव है IND vs PAK मैच? पूर्व PCB चेयरमैन ने बताया समाधान
punjabkesari.in Thursday, Feb 05, 2026 - 03:27 PM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत-पाकिस्तान के बहुप्रतीक्षित मुकाबले को लेकर बना सस्पेंस अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के पूर्व चेयरमैन नजम सेठी का मानना है कि अगर बांग्लादेश को दोबारा टूर्नामेंट में शामिल कर उसके मैच श्रीलंका में कराए जाएं, तो भारत-पाकिस्तान मैच अब भी हो सकता है।
सेठी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ ग्रुप मैच के बहिष्कार की आशंका के चलते ICC, PCB और BCCI के बीच तनाव चरम पर है और टूर्नामेंट का सबसे बड़ा मुकाबला खतरे में पड़ गया है।
नजम सेठी का प्रस्ताव: बांग्लादेश की वापसी से सुलझ सकता है विवाद
नजम सेठी ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा, 'मेरे हिसाब से अभी देर नहीं हुई है। अगर बांग्लादेश को श्रीलंका में मैच खेलने की अनुमति दी जाए, तो यह गतिरोध खत्म हो सकता है। वहां पहले से कई मुकाबले खेले जा रहे हैं।'
उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी क्रिकेट बोर्ड समझदारी दिखाएंगे, क्योंकि 'हर कोई भारत-पाकिस्तान मैच देखना चाहता है। यह क्रिकेट का गोल्ड स्टैंडर्ड है।'
बहिष्कार की चेतावनी और ICC की सख्त नजर
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान भारत के खिलाफ ग्रुप-स्टेज मैच न खेलने पर विचार कर रहा है, जिस पर ICC ने संभावित प्रतिबंधों की चेतावनी दी है। ICC का मानना है कि किसी भी वैश्विक टूर्नामेंट में मैच खेलने से इनकार करना भागीदारी नियमों का उल्लंघन है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
भारत-पाकिस्तान मैच न सिर्फ खेल के लिहाज से, बल्कि ब्रॉडकास्टिंग, स्पॉन्सरशिप और व्यूअरशिप के लिहाज से भी सबसे अहम मुकाबला माना जाता है।
पाकिस्तान बहिष्कार पर क्यों अड़ा है?
पाकिस्तान सरकार का रुख बांग्लादेश के मुद्दे से जुड़ा बताया जा रहा है। दरअसल, ICC ने सुरक्षा कारणों से भारत की मांग पर बांग्लादेश के मैच श्रीलंका शिफ्ट करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा।
पाकिस्तान ने इसे राजनीतिक हस्तक्षेप करार देते हुए विरोध जताया और भारत के खिलाफ मैच बहिष्कार का संकेत दिया।
BCCI पर सेठी का बड़ा आरोप
नजम सेठी ने इस पूरे विवाद के लिए BCCI की ताकत और रवैये को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, 'हर मोड़ पर BCCI ने दूसरे बोर्ड्स पर दबाव डाला है। पहले पाकिस्तान अकेला था, अब हालात बदल रहे हैं।' उन्होंने ‘बिग थ्री मॉडल’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्रिकेट की सत्ता को कुछ चुनिंदा बोर्ड्स तक सीमित करता है। 'नौ बोर्ड्स ने उस सिस्टम को स्वीकार किया, लेकिन हमने विरोध किया क्योंकि वह असमान था।'
क्रिकेट राजनीति का टर्निंग पॉइंट?
सेठी ने मौजूदा हालात को ICC में सुधार की लड़ाई बताया। 'अब बांग्लादेश भी इस मुद्दे से जुड़ गया है। पाकिस्तान और बांग्लादेश मिलकर 40 करोड़ से ज्यादा लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह खड़े होने का सही वक्त है।'
उन्होंने यह भी माना कि इस फैसले से शॉर्ट-टर्म नुकसान हो सकता है, लेकिन 'लंबे समय में यह क्रिकेट प्रशासन को ज्यादा संतुलित बना सकता है।' अगर बातचीत नाकाम रही, तो मामला कानूनी लड़ाई तक भी पहुंच सकता है।

