IPL मैचों के दौरान ''गर्लफ्रेंड कल्चर'' होगा खत्म, सख्त नियम लागू करने की तैयारी में BCCI

punjabkesari.in Monday, May 04, 2026 - 03:45 PM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) कथित तौर पर IPL मैचों के दौरान भारतीय क्रिकेट को 'गर्लफ्रेंड कल्चर' के जाल से बचाने के लिए और भी सख्त नियम लागू करने की तैयारी कर रहा है। इससे कुछ ही समय पहले अंतरराष्ट्रीय मैचों में खेलने वाले भारतीय खिलाड़ियों के लिए भी इसी तरह के नियम लागू किए गए थे। इसका मकसद क्रिकेट की सबसे बड़ी लीग में प्रोटोकॉल को सुव्यवस्थित करना और टीम में अनुशासन व पेशेवर रवैया बनाए रखना है। 

यह मुद्दा तब सुर्खियों में आया जब हार्दिक पांड्या, ईशान किशन, यशस्वी जायसवाल और अर्शदीप सिंह जैसे कई बड़े क्रिकेटरों को टीम के होटलों में अपनी-अपनी गर्लफ्रेंड के साथ देखा गया। यह खिलाड़ी अक्सर टीम बस में भी उनके साथ नजर आते थे। जागरण एक रिपोर्ट में BCCI अधिकारी के हवाले से कहा गया, 'हम आपस में इस पर चर्चा कर रहे हैं। अगली BCCI बैठक में इस पर बात होगी। खिलाड़ियों के साथ होटल में उनकी पत्नियों और परिवार के सदस्यों के रहने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन गर्लफ्रेंड के मामले में हमें थोड़ा और गंभीर होना पड़ेगा।' 

अधिकारी ने आगे कहा, 'हमने यह नियम बनाया था और IPL के संबंध में भी कुछ न कुछ करना ही होगा। पहले IPL में खिलाड़ियों के होटलों में गर्लफ्रेंड को रुकने की अनुमति नहीं थी, लेकिन अब यह एक चलन बन गया है। मैंने IPL की भ्रष्टाचार-रोधी इकाई के एक अधिकारी से इस बारे में बात की और उन्होंने मुझे बताया कि हमें केवल पत्नियों और 'आधिकारिक तौर पर घोषित गर्लफ्रेंड' को ही साथ रहने की अनुमति देने के निर्देश मिले हैं।' 

खिलाड़ियों की गर्लफ्रेंड से जुड़ा एक और अहम पहलू यह है कि उनमें से कई इंटरनेट पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के तौर पर काफी लोकप्रिय हैं। इससे टीम या अंदरूनी जानकारी के लीक होने का खतरा बढ़ जाता है। IPL की भ्रष्टाचार-रोधी इकाई के एक अधिकारी ने कहा, 'हम अभी इसी तरीके से काम कर रहे हैं। यह तय है कि BCCI अब इस संबंध में और भी सख्त नियम लागू करेगा कि खिलाड़ियों को अपनी गर्लफ्रेंड के साथ रुकने की अनुमति दी जाए या नहीं।' 

अंतरराष्ट्रीय मैचों में भ्रष्टाचार-रोधी नियमों के उल्लंघन की कोई गुंजाइश नहीं होती, क्योंकि पूरी स्थिति BCCI के नियंत्रण में होती है। वहीं दूसरी ओर, IPL टीमें निजी तौर पर संचालित होती हैं और इनमें 10 अलग-अलग फ्रेंचाइजियां शामिल होती हैं जिसके चलते बोर्ड के लिए मैदान के बाहर होने वाली तमाम गतिविधियों पर नजर रखना अपेक्षाकृत अधिक कठिन हो जाता है। 


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Content Writer

Sanjeev

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