नीतीश रेड्डी को समय दें, जल्दबाजी में फैसला न करें : पूर्व क्रिकेटर

punjabkesari.in Thursday, Jan 15, 2026 - 07:31 PM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : भारत के युवा तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को लेकर हाल के दिनों में सवाल उठने लगे हैं, लेकिन पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि किसी भी युवा खिलाड़ी का मूल्यांकन जल्दबाजी में नहीं किया जाना चाहिए। राजकोट में न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में साधारण प्रदर्शन के बाद रेड्डी आलोचनाओं के घेरे में आ गए। हालांकि आकाश चोपड़ा, रॉबिन उथप्पा और मनोज तिवारी जैसे अनुभवी खिलाड़ियों ने साफ कहा है कि ऑलराउंडर बनने की प्रक्रिया समय मांगती है और रेड्डी को भी वही धैर्य मिलना चाहिए। 

राजकोट वनडे के बाद बढ़ी बहस

राजकोट में खेले गए दूसरे वनडे में नीतीश रेड्डी बल्ले और गेंद दोनों से खास प्रभाव नहीं छोड़ सके। उन्होंने 20 रन बनाए और गेंदबाजी में सिर्फ दो ओवर डालते हुए कोई विकेट हासिल नहीं कर पाए। भारत को उस मुकाबले में सात विकेट से हार का सामना करना पड़ा। मैच के बाद सहायक कोच रयान टेन डोशेट की टिप्पणी, जिसमें उन्होंने रेड्डी के सीमित प्रभाव की बात कही, ने इस युवा खिलाड़ी की भूमिका और भविष्य को लेकर बहस छेड़ दी।

उथप्पा बोले: ऑलराउंडर रातों-रात नहीं बनते

पूर्व भारतीय बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा ने नीतीश रेड्डी का बचाव करते हुए कहा कि ऑलराउंडर बनना क्रिकेट की सबसे कठिन भूमिकाओं में से एक है। उनके मुताबिक, रवींद्र जडेजा और हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ी भी अनुभव और निरंतर मौके मिलने के बाद ही परिपक्व हुए। उथप्पा ने जोर देकर कहा कि रेड्डी को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को स्थापित करने के लिए समय और निरंतरता दोनों की जरूरत है।

आकाश चोपड़ा का सवाल: मौके कहां हैं?

पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा का मानना है कि रेड्डी को सही मायनों में खुद को साबित करने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि नंबर सात पर बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी को सीमित गेंदें मिलती हैं और गेंदबाजी के लिए भी बहुत कम ओवर दिए जाते हैं। ऐसे में किसी युवा ऑलराउंडर से तुरंत प्रभाव की उम्मीद करना व्यावहारिक नहीं है। चोपड़ा के अनुसार, रेड्डी लंबे मौके के हकदार हैं।

मनोज तिवारी ने दी बेसिक्स पर लौटने की सलाह

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मौजूदा नेता मनोज तिवारी ने रेड्डी के फॉर्म में गिरावट को उनके पहले अंतरराष्ट्रीय शतक के बाद से जोड़ा। उन्होंने कहा कि उस बड़ी पारी के बाद जरूरत से ज्यादा उत्साह शायद खिलाड़ी पर भारी पड़ा हो। तिवारी के अनुसार, अब रेड्डी को बुनियादी चीजों पर ध्यान देना चाहिए और भारत को उनसे अधिक गेंदबाजी कराने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर देश में बेहद कम हैं।

रोहित शर्मा और टीम मैनेजमेंट पर भी टिप्पणी

मनोज तिवारी ने रोहित शर्मा की फिटनेस को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि रोहित व्हाइट-बॉल क्रिकेट के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक हैं और ऐसे सीनियर खिलाड़ी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। तिवारी के मुताबिक, कोचिंग स्टाफ की सार्वजनिक टिप्पणियां खिलाड़ियों के आत्मविश्वास पर असर डाल सकती हैं।

टी20 वर्ल्ड कप को लेकर अहम सुझाव

टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों पर आकाश चोपड़ा ने तिलक वर्मा और वॉशिंगटन सुंदर की अहमियत को रेखांकित किया, जो फिलहाल चोट के कारण बाहर हैं। वहीं, उथप्पा ने कप्तान सूर्यकुमार यादव को सलाह दी कि वे अपनी बल्लेबाजी पोजीशन में बार-बार बदलाव न करें, क्योंकि स्थिरता ही बड़े टूर्नामेंट में सफलता की कुंजी होती है।


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Content Writer

Sanjeev

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