''जब पापा कुर्ता-पायजामा पहनकर आते हैं, तब मैं रन बनाता हूं'', शुभमन गिल ने सुनाया दिलचस्प किस्सा
punjabkesari.in Monday, Aug 03, 2026 - 01:27 PM (IST)
नई चंडीगढ़ : भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने अपने क्रिकेट करियर से जुड़ा एक ऐसा दिलचस्प किस्सा साझा किया है, जिसने फैंस का ध्यान खींच लिया है। गिल ने बताया कि उनके पिता का एक खास विश्वास है। उनका मानना है कि जब भी वह मैच देखने कुर्ता-पायजामा पहनकर आते हैं, तब शुभमन के बल्ले से बड़े रन निकलते हैं। गिल ने मुस्कुराते हुए कहा कि परिवार में इस तरह की मान्यताएं हमेशा से रही हैं।
पिता को है खास विश्वास
क्रिकेट में मेहनत, तकनीक और मानसिक मजबूती जितनी अहम होती है, उतनी ही चर्चा खिलाड़ियों के 'लकी चार्म' और अंधविश्वासों की भी होती है। शुभमन गिल ने स्वीकार किया कि उनके परिवार में भी ऐसी मान्यताएं हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता का मानना है कि जब भी वह स्टेडियम में कुर्ता-पायजामा पहनकर मैच देखने पहुंचते हैं, तब उनका प्रदर्शन बेहतर रहता है और बल्ले से बड़ी पारियां निकलती हैं।
गिल ने सुनाया मजेदार किस्सा
शुभमन गिल ने कहा, 'कुर्ता-पायजामा के मामले में मेरे पिता थोड़े विश्वासी हैं। उनका मानना है कि जब भी वे कुर्ता-पायजामा पहनते हैं, तो या तो हम मैच जीतते हैं या मैं रन बनाता हू। इसीलिए वे जहा भी जाते हैं, इसे ही पहनते हैं।'
शुभमन गिल ने आगे कहा कि शुरुआत में उन्हें यह सिर्फ संयोग लगता था, लेकिन समय के साथ परिवार में यह एक मजेदार चर्चा का विषय बन गया। जब भी उनके पिता मैच देखने जाते हैं, तो उनके कपड़ों पर भी ध्यान दिया जाता है।
हालांकि गिल ने साफ किया कि मैदान पर सफलता का सबसे बड़ा राज मेहनत, तैयारी और आत्मविश्वास ही है, लेकिन परिवार की ऐसी छोटी-छोटी मान्यताएं खिलाड़ियों को मानसिक रूप से सकारात्मक ऊर्जा भी देती हैं।
क्रिकेट में 'लकी चार्म' कोई नई बात नहीं
दुनियाभर के कई क्रिकेटरों के अपने-अपने लकी चार्म और रूटीन रहे हैं। कोई एक ही ग्लव्स पहनता है, कोई मैदान पर उतरने से पहले खास रिवाज निभाता है। शुभमन गिल के पिता का यह विश्वास भी अब क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

