हार्दिक पांड्या का बड़ा लक्ष्य: “मैं भारत के लिए ज्यादा से ज्यादा ICC ट्रॉफी जीतना चाहता हूं”
punjabkesari.in Saturday, Feb 07, 2026 - 04:31 PM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के पहले मुकाबले से पहले हार्दिक पांड्या पूरे आत्मविश्वास और जुनून के साथ नज़र आ रहे हैं। ऑलराउंडर हार्दिक का मानना है कि इंटरनेशनल क्रिकेट में उनका असली सफर अब शुरू हुआ है। 10 साल के अनुभव के साथ वह खुद को पहले से ज्यादा परिपक्व, खतरनाक और प्रभावशाली खिलाड़ी मानते हैं। उनका लक्ष्य साफ है—भारत के लिए ज्यादा से ज्यादा ICC ट्रॉफी जीतना और बड़े मंच पर खुद को निर्णायक खिलाड़ी के रूप में स्थापित करना।
वानखेड़े में सबकी नजरें हार्दिक पर
जब टीम इंडिया USA के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में अपने खिताब बचाने के अभियान की शुरुआत करेगी, तो हार्दिक पांड्या आकर्षण का केंद्र होंगे। उनके आत्मविश्वास, आक्रामक शॉट्स, मैदान पर ऊर्जा और बड़े मौकों पर प्रदर्शन ने उन्हें भारत के सबसे भरोसेमंद मैच-विनर खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है। फैंस को उम्मीद है कि पूरे टूर्नामेंट में हार्दिक अपने खेल से कई यादगार पल देंगे।
“मेरा सफर अभी शुरू हुआ है”
स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत में हार्दिक ने कहा कि वह भारत के लिए कम से कम चार से पांच और ICC ट्रॉफी जीतना चाहते हैं। उनके अनुसार, 10 साल का अंतरराष्ट्रीय अनुभव उन्हें और ज्यादा मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि एक बल्लेबाज के तौर पर उनकी क्षमता अब और निखर कर सामने आएगी और वह विरोधी टीमों के लिए “डरावने” साबित हो सकते हैं।
जीत और प्रदर्शन पर पूरा फोकस
हार्दिक ने साफ किया कि उनके लिए खेल की कीमत किसी भी ब्रांड या चीज़ से ज्यादा है। उन्होंने कहा कि मैदान पर लिया गया हर कैच और खेली गई हर गेंद सबसे कीमती होती है। यह बयान उनके प्रोफेशनल रवैये और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
टी20 वर्ल्ड कप 2024 में अहम भूमिका
भारत की 2024 T20 वर्ल्ड कप जीत में हार्दिक पांड्या का योगदान बेहद अहम रहा। उन्होंने छह पारियों में 144 रन बनाए, उनका औसत 48.00 और स्ट्राइक रेट 151 से ज्यादा रहा। गेंदबाजी में भी उन्होंने 11 विकेट झटके। फाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3/20 का प्रदर्शन कर उन्होंने मैच का रुख भारत के पक्ष में मोड़ दिया।
चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के अनसंग हीरो
ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में हार्दिक भले ही सुर्खियों में कम रहे हों, लेकिन उनका योगदान निर्णायक था। उन्होंने चार पारियों में उपयोगी रन बनाए और जरूरत के समय विकेट भी लिए। उनकी छोटी लेकिन प्रभावी पारियों ने भारत को खिताब जीतने में मदद की।

