IND vs SA : ये हैं 5 बड़े कारण जिनकी वजह से भारत हारा, टॉप ऑर्डर का फेल होना बड़ा सिरदर्द
punjabkesari.in Monday, Feb 23, 2026 - 11:01 AM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 विश्व कप 2026 सुपर-8 में भारत को दक्षिण अफ्रीका के हाथों 76 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम 189 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 111 रन पर ऑल आउट हो गई। टॉप ऑर्डर की नाकामी, साझेदारी की कमी और डेथ ओवरों में रन रोकने में असफलता ने टीम को भारी नुकसान पहुंचाया।
भारत को दक्षिण अफ्रीका के हाथों 76 रन से हारने के 5 प्रमुख कारण
1. टॉप ऑर्डर का पूरी तरह फेल होना
सलामी बल्लेबाज ईशान किशन बिना खाता खोले आउट हो गए, जिससे टीम पर शुरुआती दबाव आ गया। तिलक वर्मा और अभिषेक शर्मा ने अच्छी शुरुआत दी, लेकिन बड़ी साझेदारी नहीं बन पाई।
2. साझेदारियों का अभाव और जल्दबाजी
189 रनों के लक्ष्य का पीछा करते समय भारतीय बल्लेबाज जोखिम भरे शॉट खेलने में जुटे रहे। कोई भी जोड़ी लंबी साझेदारी नहीं बना सकी, जिससे रन चेज पटरी पर नहीं आ सका।
3. स्पिन गेंदबाजी की नाकामी
वरुण चक्रवर्ती और वॉशिंगटन सुंदर अपेक्षित प्रभाव नहीं दिखा सके। स्पिनरों के विकेट न लेने से दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 189 तक बढ़ गया।
4. टीम चयन पर विवाद
उपकप्तान अक्षर पटेल को बाहर कर वॉशिंगटन सुंदर को मौका देना उल्टा पड़ा। सुंदर प्रभाव छोड़ने में असफल रहे, जिससे टीम को अतिरिक्त बल्लेबाजी और गेंदबाजी की गहराई नहीं मिली।
5. डेथ ओवरों में महंगे रन
मैच के अंतिम ओवरों में हार्दिक पांड्या और अन्य गेंदबाज रन रोकने में असफल रहे। डेथ ओवरों में विविधता और यॉर्कर की कमी से दक्षिण अफ्रीका ने पारी को तेजी से बढ़ाया।
सेमीफाइनल का गणित: अब क्या है समीकरण?
इस हार के बाद भारत की स्थिति ग्रुप-1 में बेहद नाजुक हो गई है। अब टीम को अपने बचे दोनों मुकाबले बड़े अंतर से जीतने होंगे:
26 फरवरी: भारत vs जिम्बाब्वे – MA Chidambaram Stadium
1 मार्च: भारत vs वेस्टइंडीज – Eden Gardens
साथ ही भारत को यह भी उम्मीद करनी होगी कि साउथ अफ्रीका अपने बाकी दोनों मैच (वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के खिलाफ) जीत जाए।
अगर अंक बराबर हुए तो?
अगर साउथ अफ्रीका किसी एक मुकाबले में हार जाता है और तीन टीमें चार-चार अंकों पर पहुंचती हैं, तो फैसला नेट रन रेट से होगा। ऐसे में भारत को न सिर्फ जीतना होगा, बल्कि बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी, ताकि NRR में बढ़त मिल सके।
सेमीफाइनल की उम्मीदें
भारत की यह हार केवल एक खराब दिन का परिणाम नहीं थी, बल्कि सामूहिक विफलताओं का नतीजा थी। टॉप ऑर्डर की कमजोरी, साझेदारी का अभाव, स्पिन गेंदबाजी की असफलता और रणनीतिक गलतियां मिलकर भारी पड़ीं। सुपर-8 के बचे दोनों मुकाबलों में भारत को अब संतुलित संयम और आक्रामक लेकिन समझदारी से खेलने की जरूरत है, ताकि सेमीफाइनल की उम्मीदें जीवित रह सकें।

