''कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतना है'', भारतीय मुक्केबाज प्रीति पंवार ने बताया अगला बड़ा लक्ष्य

punjabkesari.in Wednesday, Jul 08, 2026 - 04:43 PM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : भारत की युवा मुक्केबाज प्रीति पंवार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने को अपना सबसे बड़ा लक्ष्य बताया है। 54 किलोग्राम वर्ग की 22 वर्षीय मुक्केबाज का कहना है कि खेल में कुछ भी तय नहीं होता, इसलिए वह किसी भी मुकाबले को हल्के में नहीं ले रहीं। हाल के वर्षों में शानदार प्रदर्शन करने वाली प्रीति अब कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद एशियाई खेलों और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर भी नजरें जमाए हुए हैं।

'कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए गोल्ड जीतना चाहती हूं'

प्रीति पंवार ने कहा कि उनका पूरा ध्यान राष्ट्रमंडल खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर है। उन्होंने कहा, 'मैं कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहती हूं और भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना चाहती हूं। लेकिन खेल में कुछ भी पहले से तय नहीं होता। कई बार हम योजनाएं बनाते हैं, लेकिन नतीजे हमारी उम्मीदों के मुताबिक नहीं आते।'

एशियन गेम्स से ओलंपिक तक का चुनौतीपूर्ण सफर

प्रीति ने 2023 में सीनियर विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने हांगझोउ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतकर पेरिस ओलंपिक का कोटा हासिल किया। हालांकि ओलंपिक से पहले हेपेटाइटिस-ए से संक्रमित होने के कारण उनकी तैयारियां प्रभावित हुईं। बावजूद इसके उन्होंने राउंड ऑफ-16 तक का सफर तय किया। इस अनुभव ने उन्हें मानसिक रूप से और मजबूत बनाया।

वापसी में जीते लगातार पदक

ओलंपिक के बाद प्रीति ने शानदार वापसी की। उन्होंने 2025 विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद स्पेन में आयोजित बॉक्सम एलीट इंटरनेशनल टूर्नामेंट में रजत पदक अपने नाम किया। हाल ही में उन्होंने कड़े मुकाबलों के बीच एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप का खिताब भी जीत लिया, जिससे उनका आत्मविश्वास और बढ़ा है।

'अभी खुद को सर्वश्रेष्ठ नहीं मानती'

हालिया सफलताओं के बावजूद प्रीति का मानना है कि उन्हें अभी भी अपने खेल में काफी सुधार करना है। उन्होंने कहा, 'मैं यह नहीं कहूंगी कि मैं अभी अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हूं। मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा है, लेकिन अभी भी कई चीजों पर काम करने की जरूरत है। मेरा अंतिम लक्ष्य 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक है और मैं कोई भी मौका गंवाना नहीं चाहती।'

एशियाई खेलों की तैयारी में मिलेगी मदद

प्रीति का मानना है कि एशियाई चैंपियनशिप में मिली सफलता आगामी एशियाई खेलों की तैयारी में काफी मदद करेगी। उन्होंने कहा कि वहां जिन खिलाड़ियों का सामना हुआ, उनमें से कई प्रतिद्वंद्वी एशियन गेम्स में भी मिल सकते हैं। ऐसे में यह जीत उनके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हुई है।


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Content Editor

Ishtpreet Singh

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