पंत अपनी ही साख के कैदी, खेलने के तरीके पर फिर से विचार करने की जरूरत :  आकाश चोपड़ा

punjabkesari.in Wednesday, Mar 25, 2026 - 02:30 PM (IST)

नई दिल्ली : भारत के पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा का मानना ​​है कि भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के कप्तान ऋषभ पंत अनोखे शॉट खेलने की अपनी ही साख के कैदी बन गए हैं। उन्हें अपने खेलने के तरीके पर फिर से विचार करने की जरूरत है, खासकर व्हाइट-बॉल फॉर्मेट में, क्योंकि वह इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन की तैयारी कर रहे हैं जो 28 मार्च से शुरू होगा। 

चोपड़ा ने बताया कि पंत की जोखिम भरे शॉट खेलने की आदत अक्सर उनके ही खिलाफ गई है। उन्होंने सलाह दी कि भारतीय T20I टीम में अपनी जगह वापस पाने के लिए उन्हें बुनियादी तकनीकों पर लौटना चाहिए। चोपड़ा ने जियोस्टार पर कहा, 'ऋषभ पंत पर हो रही आलोचना सही है। वह अनोखे शॉट खेलने की अपनी ही साख के कैदी बन गए हैं और जब हालात की मांग होती है, तो वह शायद ही कभी टिककर रन बनाने की कोशिश करते हैं। पिछले सीजन में उन्हें समय लेकर अपनी फॉर्म वापस पाने के मौके मिले थे, फिर भी वह जोखिम भरे शॉट खेलते रहे जिसकी वजह से उनकी आलोचना हुई।' 

उन्होंने आगे कहा, 'बारबाडोस में भारत की टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहने के बावजूद अब वह राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने की दौड़ से पूरी तरह बाहर हो गए हैं। चयनकर्ता और मैनेजमेंट पहले मिडिल-ऑर्डर विकेटकीपर चुनते थे, फिर ओपनर विकेटकीपर और अब ऐसे विकेटकीपर को चुन रहे हैं जो तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी कर सके। हालांकि IPL बहुत बड़ा है, लेकिन भारत का प्रतिनिधित्व करना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता है और वह जगह खोने का मतलब है कि अब उन्हें अपनी रणनीति पर फिर से विचार करने की जरूरत है।' 

चोपड़ा ने यह भी बताया कि पंत का खेल को देखने का अनोखा नजरिया ही उन्हें दूसरों से अलग बनाता है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि टेस्ट क्रिकेट में अच्छे नतीजे देने के बावजूद पंत के बल्लेबाजी के तरीके को भारत के पूर्व कोच राहुल द्रविड़ पसंद नहीं करते थे। चोपड़ा ने कहा, 'कभी-कभी हम यह समझ नहीं पाते कि ऋषभ पंत टीम के लिए क्या योगदान देते हैं और वह खेल को किस नजरिए से देखते हैं। टेस्ट क्रिकेट के दौरान जब राहुल द्रविड़ हेड कोच थे, तब पंत की उनसे इस बारे में बातचीत हुई थी। राहुल भाई पंत के बल्लेबाजी के तरीके से बहुत खुश नहीं थे। अगर किसी को श्रेय देना हो, तो पंत खेल को हममें से ज्यादातर लोगों से बिल्कुल अलग नजरिए से देखते हैं, जबकि हम लोग खेल को पारंपरिक नजरिए से देखते हैं।' 

चोपड़ा ने आगे कहा कि पंत का पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह से सलाह लेने की इच्छा दिखाना एक अच्छा संकेत है, जो दिखाता है कि वह अपने खेल को बेहतर बनाने और उसमें सुधार करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, 'मेरे लिए सबसे अच्छी बात यह है कि उन्होंने यह मान लिया है कि उन्हें अपने खेल में कुछ बदलाव करने की जरूरत है। उन्हें एक सही रणनीति (ब्लूप्रिंट) की तलाश करनी होगी। कुछ तो ठीक नहीं चल रहा है। उन्हें पता है कि वह कितने काबिल खिलाड़ी हैं। जिस तरह उन्होंने मदद के लिए युवराज सिंह से संपर्क किया, उससे पता चलता है कि वह मानते हैं कि उन्हें मार्गदर्शन, मदद और सहयोग की जरूरत है। यह एक बहुत अच्छा संकेत है। उनके पास जिस तरह की काबिलियत, टैलेंट और हुनर ​​है, उसे देखते हुए यह बहुत दुख की बात है कि वह व्हाइट-बॉल क्रिकेट में अपना जलवा नहीं दिखा पा रहे हैं।' 

पिछले सीज़न में पंत ने 13 मैच खेले जिनमें उन्होंने सिर्फ़ 269 रन बनाए और उनका औसत भी काफी खराब, यानी 24.45 रहा। जब 1 अप्रैल को IPL 2026 में LSG की टीम अपने घरेलू मैदान एकाना स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अभियान की शुरुआत करेगी, तो सभी की नजरें पंत की फॉर्म पर टिकी होंगी। 


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Content Writer

Sanjeev

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