PAK vs BAN : सलमान आगा के विवादित रन-आउट पर MCC का बड़ा फैसला
punjabkesari.in Wednesday, Mar 18, 2026 - 10:31 AM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच वनडे सीरीज के दौरान हुए सलमान अली आगा के विवादित रन-आउट पर अब Marylebone Cricket Club (MCC) ने अपना आधिकारिक फैसला सुना दिया है। MCC ने स्पष्ट किया कि क्रिकेट के नियमों के तहत यह आउट पूरी तरह सही था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि फील्डिंग टीम चाहती तो खेल भावना यानी ‘स्पिरिट ऑफ क्रिकेट’ के तहत अपनी अपील वापस ले सकती थी।
सीरीज का हाल
तीन मैचों की इस वनडे सीरीज में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 2-1 से हराकर सीरीज अपने नाम की। हालांकि, इस सीरीज का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला पल दूसरा वनडे रहा, जहां सलमान आगा का रन-आउट बड़ा विवाद बन गया। इस घटना ने क्रिकेट नियमों और खेल भावना को लेकर नई बहस छेड़ दी।
क्या हुआ था मैदान पर?
यह घटना उस समय हुई जब मोहम्मद रिजवान के शॉट को फील्ड करने के दौरान मेहदी हसन मिराज और सलमान आगा आपस में टकरा गए। टक्कर के बाद कुछ क्षणों के लिए भ्रम की स्थिति बन गई, जिससे आगा को लगा कि गेंद ‘डेड’ हो चुकी है। इसी सोच के साथ वह गेंद उठाने की कोशिश करने लगे, लेकिन मिराज ने तेजी दिखाते हुए गेंद को उठाकर स्टंप्स पर मार दिया। उस समय आगा क्रीज के बाहर थे, जिसके चलते उन्हें रन-आउट करार दिया गया।
MCC ने क्या कहा?
MCC ने अपने बयान में साफ कहा कि इस मामले में अंपायर का फैसला पूरी तरह नियमों के अनुरूप था। उनके अनुसार, जब स्टंप्स तोड़े गए तब बल्लेबाज क्रीज से बाहर था और गेंद भी खेल में थी, इसलिए उसे आउट देना ही सही फैसला था। MCC ने यह भी स्पष्ट किया कि इस स्थिति में अंपायर के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था।
आगा की गलती कहां रही?
MCC के अनुसार, इस घटना में सलमान आगा से भी एक बड़ी चूक हुई। उन्होंने गेंद को उठाने की कोशिश की, जो नियमों के खिलाफ है जब तक फील्डिंग टीम अनुमति न दे। अगर वह गेंद को छूते, तो उन्हें ‘Obstructing the Field’ के तहत भी आउट दिया जा सकता था। MCC ने कहा कि उस समय उन्हें गेंद उठाने के बजाय अपनी क्रीज में लौटने की कोशिश करनी चाहिए थी, जिससे वह बच सकते थे।
‘Dead Ball’ की मांग पर MCC का जवाब
घटना के बाद कई लोगों ने यह तर्क दिया कि टक्कर के बाद गेंद को ‘Dead Ball’ घोषित कर देना चाहिए था। हालांकि MCC ने इस मांग को खारिज करते हुए कहा कि खिलाड़ियों की टक्कर से गेंद अपने आप डेड नहीं होती। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर ऐसा नियम बना दिया जाए, तो खिलाड़ी जानबूझकर टक्कर का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। चूंकि यहां कोई गंभीर चोट नहीं थी और फील्डर गेंद को खेल में मान रहा था, इसलिए ‘Dead Ball’ देना उचित नहीं था।
नए नियम से भी नहीं बदलता फैसला
MCC ने यह भी साफ किया कि आने वाले नए नियम, जो अक्टूबर से लागू होंगे, उनके तहत भी इस फैसले में कोई बदलाव नहीं होता। गेंद उस समय स्थिर नहीं थी और फील्डर सक्रिय रूप से रन-आउट करने की कोशिश कर रहा था। साथ ही बल्लेबाज क्रीज से बाहर था, इसलिए हर स्थिति में यह आउट ही माना जाता।
‘Spirit of Cricket’ पर क्या कहा?
हालांकि MCC ने यह माना कि बांग्लादेश की टीम चाहती तो खेल भावना के तहत अपील वापस ले सकती थी। सलमान आगा को लगा था कि गेंद डेड हो चुकी है और वह फील्डिंग टीम की मदद करने के इरादे से गेंद उठाने की कोशिश कर रहे थे। ऐसे में फील्डिंग टीम के पास यह विकल्प था कि वह अपील वापस लेकर खेल भावना का उदाहरण पेश करे।
आगा का बयान
मैच के बाद सलमान आगा ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ‘स्पिरिट ऑफ क्रिकेट’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर वह फील्डर की जगह होते, तो शायद अलग फैसला लेते। उनके इस बयान ने इस विवाद को और भी चर्चा में ला दिया।

