''रोहित को करन का सामना करने के लिए कोई प्लान बनाना होगा'', लॉर्ड्स में निर्णायक मैच से पहले बोले नायर
punjabkesari.in Sunday, Jul 19, 2026 - 01:42 PM (IST)
नई दिल्ली : भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज 1-1 से बराबरी पर है। ऐसे में भारत के पूर्व असिस्टेंट कोच अभिषेक नायर ने कहा है कि लॉर्ड्स में होने वाले सीरीज के निर्णायक मैच में रोहित शर्मा को तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर सैम करन के खिलाफ अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा। साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय कप्तान का स्ट्राइक रेट चिंता की बात नहीं है। रविवार को लॉर्ड्स में भारत और इंग्लैंड के बीच निर्णायक वनडे मैच खेला जाएगा, जिसमें मेहमान टीम T20I सीरीज़ में मिली हार के बाद दौरे का समापन जीत के साथ करना चाहेगी।
आखिरी वनडे से पहले नायर ने इंग्लैंड की परिस्थितियों में रोहित के खेलने के तरीके, करन से मिलने वाली चुनौती और स्कोरिंग रेट के पीछे भागने के बजाय पिच की जरूरतों के हिसाब से खेलने के महत्व पर बात की। उनका मानना है कि रोहित और करन के बीच का मुकाबला एक बार फिर भारत की पारी की शुरुआती स्थिति तय कर सकता है, क्योंकि पिछले मैच में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने ओपनर को दबाव में रखा था।
नायर ने जियोस्टार से कहा, 'रोहित शर्मा को सैम करन का सामना करने के लिए 100% कोई प्लान बनाना होगा। पहले वनडे में वह आगे बढ़कर उन पर हमला करने की कोशिश कर रहे थे। पिछले मैच में उन्होंने करन के खिलाफ एक मेडन ओवर खेला, जो रोहित के खेलने के तरीके से बिल्कुल अलग है। इसलिए आप रणनीति में बदलाव देखेंगे। हो सकता है कि वह क्रीज में गहराई से खेलें या ऑफ स्टंप के बाहर खड़े हों। पिछले गेम में उन्हें उम्मीद थी कि गेंद अंदर आएगी, लेकिन वह बाहर की तरफ जा रही थी। इसलिए, उनके पास निश्चित रूप से कोई रणनीति होगी।'
पूर्व कोच ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि सैम करन उन्हें अपनी गति, सीम या स्विंग से परेशान करेंगे। वह उन्हें लगातार अच्छी गेंदबाजी करके परेशान करेंगे। परिस्थितियां उन्हें थोड़ी मदद कर रही हैं। लेकिन मुझे लगता है कि लॉर्ड्स की पिच शायद बेहतर होगी और वहां बाउंड्री छोटी होंगी, इसलिए रोहित के लिए रन बनाना आसान हो सकता है।'
भारत के पूर्व सपोर्ट स्टाफ सदस्य ने यह भी कहा कि इंग्लैंड में बल्लेबाजी करते समय खिलाड़ियों को तेजी से रन बनाने की चिंता करने से पहले पिच का अंदाजा लगाना जरूरी होता है। उनके अनुसार दूसरे वनडे में धैर्य की जरूरत थी क्योंकि सीमर्स को गेंद से मदद मिल रही थी। उन्होंने कहा, 'परिस्थितियां सबसे महत्वपूर्ण चीज हैं। आपको उनका सम्मान करना होगा और दूसरे वनडे में, गेंद सीम हो रही थी और रुककर आ रही थी, इसलिए बल्लेबाजों को समय लेना पड़ा। रोहित शर्मा जिम्मेदारी लेनी पड़ी, खासकर तब जब शुभमन गिल जल्दी आउट हो गए थे।'
सैम करन के ओवर के दौरान एक पल ऐसा आया जब रोहित पर दबाव दिखा, लेकिन कुल मिलाकर उनकी लय ठीक थी। जो रूट ने 65-67 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए, जो इस पिच पर जरूरी था। गुड लेंथ से मिल रहे एक्स्ट्रा बाउंस की वजह से बड़े शॉट खेलना मुश्किल था। उन्होंने कहा, 'ओपनर्स को स्थिरता देनी होती है और मिडिल ऑर्डर को बाद में रन बनाने के लिए समय देना होता है।'
सीरीज के दौरान रोहित के स्कोरिंग रेट पर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन नायर का मानना है कि असली मुद्दा कुछ और है। उन्होंने इस बात की ओर इशारा किया कि क्रीज पर सहज दिखने के बावजूद कप्तान अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे रोहित के स्ट्राइक रेट की ज्यादा चिंता नहीं है, लेकिन मुझे इस बात की चिंता है कि जब वह 26 या 27 रन तक पहुंचते हैं, तो आमतौर पर उसे पचास रन में बदल लेते हैं। वह अक्सर ऑफ-स्पिनरों के खिलाफ आउट नहीं होते, लेकिन पिछले मैच में ऐसा हुआ। मेरे लिए यह स्किल से ज्यादा सोच-समझ (माइंडसेट) की बात है। लेकिन वह अच्छी बैटिंग कर रहे हैं, इसलिए मुझे चिंता नहीं है।'

