T20 WC: कोच रयान टेन डेशकाटे ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ किया वॉशिंगटन सुंदर के चयन का बचाव

punjabkesari.in Tuesday, Feb 24, 2026 - 02:07 PM (IST)

अहमदाबाद : भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच हुए मैच के टॉस के दौरान जब भारत की प्लेइंग 11 में शामिल खिलाड़ियों के नाम बोले जा रहे थे तब पूरा स्टेडियम एक-एक नाम पर चीयर कर रहा था। हालांकि, जैसे ही लोगों को पता लगा कि उनके घरेलू स्टार अक्षर पटेल प्लेइंग 11 में नहीं हैं और उनकी जगह वाशिंगटन सुंदर खेल रहे हैं तो लोग इस एक नाम पर निराश दिखाई दिए। 

नीदरलैंड्स के खिलाफ अक्षर को आराम देकर वॉशिंगटन को मौका दिया गया था। भारत ने वॉशिंगटन के पूरी तरह फिट होने का इंतजार किया था और उनके किसी रिप्लेसमेंट की घोषणा नहीं की थी। हालांकि, इस बात की पूरी उम्मीद थी कि टीम के उप-कप्तान और शानदार फॉर्म में चल रहे अक्षर इस सुपर 8 मुकाबले के लिए वापसी करेंगे। अक्षर की उपस्थिति से मैच के परिणाम पर कितना असर पड़ता ये तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन मैच के बाद हुई प्रेस कांफ्रेस का थीम यही मुद्दा रहा और भारत के असिस्टेंट कोच रयान टेन डेशकाटे ने इस पर खुलकर बात की। 

उनसे सीधे ये तक पूछ लिया गया कि क्या टीम मैनेजमेंट ने टीम के उप-कप्तान को ये कह दिया कि आप एक टैक्टिकल निर्णय के चलते इस मैच में खेलने योग्य नहीं हैं। डेशकाटे ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इतने सीधे तौर पर ये कहा गया। हमारी एनालिसिस में हमने पाया कि क्विंटन डी कॉक, रयान रिकलटन और डेविड मिलर ही सबसे बड़ा खतरा होने वाले हैं। जब आप दो विकल्पों में से केवल एक ही चुन सकते हैं तो हमें उसकी ओर जाना पड़ा जो पावरप्ले में गेंदबाजी करने का आदी है। अक्षर भी कभी-कभार पावरप्ले में गेंदबाजी करते हैं। लेकिन हमें लगा कि वॉशिंगटन इस चरण में अधिक प्रभाव छोड़ सकते हैं।' 

रविवार की रात भारत ने वॉशिंगटन का उस तरह इस्तेमाल नहीं किया जिसके लिए उन्हें चुना गया था और पावरप्ले में उनसे गेंदबाजी ही नहीं कराई। अर्शदीप सिंह (तीन ओवर), जसप्रीत बुमराह (दो ओवर) और वरुण चक्रवर्ती (एक ओवर) ने ही पावरप्ले का अंत किया। इसके बाद तो मामला ऐसा बनता दिखा कि बीच के ओवरों में कौन अच्छी गेंदबाजी कर सकता है और इस मामले में अक्षर हमेशा आगे रहेंगे। 

डेशकाटे ने कहा, 'शुरुआती समझ के हिसाब से ही रणनीति तैयार की गई थी। इस तरह के टूर्नामेंट में आप चाहते और उम्मीद करते हैं कि खिलाड़ी इस बात को समझेंगे कि हर निर्णय सही उद्देश्य के साथ लिया जाता है। किसी निर्धारित मैच के लिए हम सबसे मजबूत प्लेइंग 11 चुनना चाहते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि अक्षर भी इसे उसी तरह देखेंगे।' टेन डेशकाटे ने आगे अपनी बात को और समझाते हुए ये साफ किया कि वॉशिंगटन का चुनाव केवल मैच को देखते हुए किया गया था और इससे अक्षर की क्षमताओं पर कोई सवाल खड़ा नहीं होता है। 

उन्होंने कहा, 'आज की रणनीति का प्रमुख हिस्सा ये था कि वॉशिंगटन ने टी20 क्रिकेट में पावरप्ले में कितनी शानदार गेंदबाजी की है। विचार तीन प्रमुख गेंदबाजों के साथ जाने का था जिनका साथ वॉशिंगटन देते और दो अन्य लोग मिलकर पांचवें गेंदबाज का रोल अदा करते। पावरप्ले जीतना सबसे अहम होने वाला था। हमने पहले यह अनुमान लगाया था कि वॉशिंगटन शुरुआती दो ओवर गेंदबाजी करेगा, लेकिन जरूरी नहीं कि स्कोर 30 रन पर 3 विकेट हो। इस शुरुआती स्थिति से बल्लेबाजी में भी लचीलापन मिलता है।' 

उन्होंने कहा, 'आप इस बात का तर्क भी दे सकते हैं कि एक बल्लेबाज को बाहर करके एक अतिरिक्त प्रमुख गेंदबाज चुनना शायद सही निर्णय हो सकता था। लेकिन जब वास्तविक समय में आप निर्णय लेते हैं तो हमें लगा कि आठ बल्लेबाजी विकल्पों के रूप में हमें रिंकू की जरूरत थी। इस कॉम्बिनेशन के पीछे यही सोच थी। इससे अक्षर को लेकर कोई सवाल नहीं उठते क्योंकि उनकी लीडरशिप और टीम में महत्व पर कोई शंका नहीं है। हालांकि, हर सप्ताह हमें इस चुनौती से गुजरना होता है कि 15 के दल से 11 खिलाड़यिों को कैसे फिट किया जाए। ये आसान नहीं है और हमें निश्चित करना होगा कि अगले दो सुपर 8 मैचों में हम कोई गलती न करें।' 


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Content Writer

Sanjeev

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