टी20 वर्ल्ड कप : अभिषेक शर्मा की हाई-रिस्क बैटिंग पर अजिंक्य रहाणे का बड़ा बयान

punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 12:34 PM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 क्रिकेट में निडर बल्लेबाजी आज की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है और टीम इंडिया भी इसी सोच के साथ आगे बढ़ रही है। हालांकि, इसके साथ जोखिम भी जुड़ा होता है। विजाग में न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे T20I में भारत की हार के बाद अनुभवी बल्लेबाज़ अजिंक्य रहाणे ने युवा ओपनर अभिषेक शर्मा की आक्रामक शैली पर खुलकर बात की। रहाणे का मानना है कि अभिषेक की हाई-रिस्क रणनीति भारत को T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए मानसिक और रणनीतिक रूप से बेहतर तैयार कर सकती है।

विजाग T20I में हार के बाद उठा सवाल

भारत ने भले ही न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज़ पहले ही अपने नाम कर ली हो, लेकिन विजाग में 216 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 50 रन से मिली हार ने कई सवाल खड़े कर दिए। खासतौर पर तब, जब अभिषेक शर्मा पहली ही गेंद पर गोल्डन डक का शिकार हो गए। उनकी जल्दी विदाई के बाद भारतीय बल्लेबाज़ी लड़खड़ा गई और टॉप ऑर्डर बड़े लक्ष्य के दबाव में बिखरता नजर आया।

अभिषेक शर्मा का हाई-रिस्क अप्रोच

अभिषेक शर्मा अपनी विस्फोटक शुरुआत और बिना डरे खेलने के लिए जाने जाते हैं। पावरप्ले में बड़े शॉट्स लगाने की उनकी आदत विपक्षी गेंदबाज़ों पर दबाव बनाती है। हालांकि, इस तरह की बल्लेबाज़ी में जल्दी आउट होने का खतरा भी रहता है। विजाग में मैट हेनरी की पहली ही गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में अभिषेक का विकेट गिरना इसी जोखिम का उदाहरण था।

अजिंक्य रहाणे का संतुलित नजरिया

क्रिकबज पर बातचीत के दौरान अजिंक्य रहाणे ने इस स्थिति को बेहद सामान्य बताया। उनके मुताबिक, जो बल्लेबाज़ हाई-रिस्क क्रिकेट खेलता है, उसके साथ ऐसे दिन आना तय हैं। रहाणे ने कहा कि जब अभिषेक का तरीका काम करता है, तो वह अकेले दम पर मैच जिता सकते हैं, लेकिन जब नहीं करता, तो गोल्डन डक जैसी स्थितियां भी बनती हैं। यही आधुनिक T20 क्रिकेट की सच्चाई है।

ओपनर पर निर्भरता कम करने का मौका

रहाणे का मानना है कि इस तरह के अनुभव भारत के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। जब टीम सिर्फ एक ओपनर पर निर्भर नहीं रहती और बाकी बल्लेबाज़ों को जिम्मेदारी लेनी पड़ती है, तो बैटिंग यूनिट ज्यादा मजबूत बनती है। विजाग मैच में भारत सात बल्लेबाज़ों के साथ उतरा था और रहाणे के अनुसार, आठ की जगह सात बल्लेबाज़ों के साथ खेलने से टीम के संतुलन में फर्क साफ नजर आया।

टॉप ऑर्डर की सामूहिक जिम्मेदारी

अभिषेक के आउट होने के बाद सूर्यकुमार यादव और संजू सैमसन जैसे अनुभवी बल्लेबाज़ों से पारी संभालने की उम्मीद थी, लेकिन वे भी बड़े स्कोर के दबाव में जल्दी आउट हो गए। इसने यह साफ कर दिया कि बड़े टूर्नामेंट में सिर्फ तेज शुरुआत ही नहीं, बल्कि बीच के ओवरों में स्थिरता भी उतनी ही जरूरी है।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए सबक

अजिंक्य रहाणे का मानना है कि ऐसे मैच टीम मैनेजमेंट को सही संतुलन तलाशने में मदद करेंगे। अभिषेक शर्मा का निडर अप्रोच भारत की ताकत है, लेकिन बाकी बल्लेबाजों को भी यह समझना होगा कि अगर शुरुआत नाकाम हो जाए, तो जिम्मेदारी कैसे संभालनी है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Sanjeev

Related News