टी20 वर्ल्ड कप : ऐतिहासिक फाइनल जीत पर गौतम गंभीर का दमदार बयान, माइलस्टोन नहीं ट्रॉफी मायने रखती है

punjabkesari.in Monday, Mar 09, 2026 - 10:56 AM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर इतिहास रच दिया। इस शानदार जीत के बाद टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। गंभीर ने साफ कहा कि क्रिकेट में व्यक्तिगत माइलस्टोन से ज्यादा अहम टीम की ट्रॉफी होती है। उनके मुताबिक खिलाड़ियों को व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ज्यादा टीम की जीत का जश्न मनाना चाहिए।

“माइलस्टोन नहीं, ट्रॉफी मायने रखती है”

फाइनल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौतम गंभीर ने कहा, 'हमने पहले बहुत माइलस्टोन का जश्न मनाया है। लेकिन माइलस्टोन मायने नहीं रखते, ट्रॉफी मायने रखती है। हमें माइलस्टोन का जश्न मनाना बंद कर देना चाहिए और ट्रॉफी का जश्न मनाना शुरू करना चाहिए। ट्रॉफी ही असली मायने रखती है।' उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और कई क्रिकेट फैंस ने उनके ‘टीम फर्स्ट’ रवैये की तारीफ की।

टीम फर्स्ट सोच से मिली भारत को बड़ी सफलता

गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद टीम इंडिया में ‘टीम फर्स्ट’ की सोच और मजबूत हुई है। इसी सोच के तहत बल्लेबाजों ने व्यक्तिगत शतक से ज्यादा टीम के स्कोर पर ध्यान दिया।

फाइनल में संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 20 ओवर में 255/5 का विशाल स्कोर बनाया। इसके बाद जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल की शानदार गेंदबाजी ने न्यूजीलैंड को 159 रन पर समेट दिया।

खिलाड़ी और कोच दोनों रूप में रचा इतिहास

इस जीत के साथ ही गौतम गंभीर ने भी एक बड़ा इतिहास रच दिया। वह टी20 वर्ल्ड कप को खिलाड़ी और हेड कोच दोनों रूप में जीतने वाले पहले क्रिकेटर बन गए। गंभीर 2007 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे और अब 2026 में कोच के रूप में भी उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की।

राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को दिया श्रेय

हालांकि गंभीर ने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय खुद लेने के बजाय अपने पूर्ववर्तियों राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा टीम को तैयार करने में इन दोनों दिग्गजों का बड़ा योगदान रहा है।

टीम को दी सख्त चेतावनी

गौतम गंभीर ने खिलाड़ियों को चेतावनी भी दी कि टीम इंडिया को कभी भी आत्मसंतुष्ट नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'आपको हर दिन खुद को साबित करना होगा। चाहे वह द्विपक्षीय सीरीज हो, आईसीसी टूर्नामेंट हो या कोई और मुकाबला। भारत की जर्सी पहनना बहुत बड़ा सम्मान है और इसे कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए।' गंभीर ने यह भी साफ किया कि वह बाहरी आलोचना या सोशल मीडिया के शोर से प्रभावित नहीं होते। 'मेरी जवाबदेही सिर्फ ड्रेसिंग रूम में मौजूद लोगों के प्रति है।'


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Content Editor

Ishtpreet Singh

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