T20 World Cup : ईशान ने गंभीर को पीछे छोड़ा, PAK के खिलाफ सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वालों में शामिल
punjabkesari.in Sunday, Feb 15, 2026 - 09:09 PM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : भारत-पाकिस्तान के बीच टी20 विश्व कप मुकाबले में ईशान किशन ने गौतम गंभीर को पीछे छोड़ते हुए टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए टी20 विश्व कप मुकाबले में ईशान किशन ने 77 रन की शानदार पारी खेली। उनकी यह पारी अब विराट कोहली और मोहम्मद रिज़वान जैसे दिग्गजों के साथ चर्चा में है।
भारत-पाक T20I में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर
भारत-पाक टी20 मुकाबलों में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर विराट के नाम है, जिन्होंने 2022 में मेलबर्न में नाबाद 82 रन बनाए थे। यह पारी आज भी क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में ताजा है। दूसरे स्थान पर मोहम्मद रिजवान का नाम आता है, जिन्होंने 2021 में दुबई में 79* रन बनाए थे। तीसरे नंबर पर फिर से विराट कोहली हैं, जिन्होंने 2012 में कोलंबो आरपीएस में 78* रन की पारी खेली थी। अब चौथे स्थान पर ईशान किशन का 77 रन का स्कोर दर्ज हो गया है, जबकि पांचवें स्थान पर गौतम गंभीर के 75 रन (जोहान्सबर्ग 2007) शामिल हैं।
82* विराट कोहली मेलबर्न 2022
79* मोहम्मद रिजवान दुबई 2021
78* विराट कोहली कोलंबो RPS 2012
77 ईशान किशन कोलंबो RPS 2026
75 गौतम गंभीर जोबर्ग 2007
ईशान किशन की पारी बनी मैच का आकर्षण
ईशान किशन ने 40 गेंदों का सामना करते हुए 77 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 3 छक्के शामिल थे। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और नियंत्रण का शानदार मिश्रण देखने को मिला। पावरप्ले के दौरान उन्होंने तेजी से रन बनाकर भारतीय पारी को मजबूत शुरुआत दिलाई। मध्य ओवरों में भी उन्होंने स्ट्राइक रोटेट करते हुए रन गति को बनाए रखा। पाकिस्तानी गेंदबाजों के खिलाफ उन्होंने आत्मविश्वास से भरे शॉट खेले और दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया।
बड़े मुकाबले में परिपक्वता का प्रदर्शन
भारत-पाक मैच सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि भावनाओं और दबाव का संगम होता है। ऐसे मुकाबले में 77 रन की पारी खेलना किसी भी बल्लेबाज़ के लिए बड़ी उपलब्धि है। ईशान किशन ने जिस संयम और समझदारी से अपनी पारी को आगे बढ़ाया, वह उनकी बढ़ती परिपक्वता को दर्शाता है। उनकी पारी ने टीम को प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। खास बात यह रही कि उन्होंने जोखिम भरे शॉट्स के बजाय गणनात्मक आक्रामकता अपनाई।

