Vijay Hazare Trophy : फाइनल में महामुकाबला, सौराष्ट्र और विदर्भ के बीच कांटे की टक्कर

punjabkesari.in Saturday, Jan 17, 2026 - 01:09 PM (IST)

बेंगलुरु : बिना किसी बड़े स्टार खिलाड़ी के बावजूद शानदार प्रदर्शन कर रही सौराष्ट्र और विदर्भ की टीमें रविवार को विजय हजारे ट्रॉफी एकदिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) के मैदान पर खेला जाएगा। कागजों पर दोनों टीमें लगभग बराबर नजर आ रही हैं, जिससे एक बेहद रोमांचक फाइनल की उम्मीद है।

विदर्भ जहां अपना तीसरा खिताब जीतने के इरादे से उतरेगी, वहीं सौराष्ट्र पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी अपने नाम करने की कोशिश करेगी। बल्लेबाजी और गेंदबाजी—दोनों विभागों में दोनों टीमों का संतुलन उन्हें इस टूर्नामेंट में लगातार जीत दिलाता रहा है।

सौराष्ट्र की बल्लेबाजी: देसाई और जडेजा पर बड़ी जिम्मेदारी

सौराष्ट्र के कप्तान हार्विक देसाई टूर्नामेंट में अब तक 561 रन बनाकर टीम के शीर्ष रन-स्कोरर रहे हैं। उन्हें विश्वराज जडेजा का शानदार साथ मिला है, जिन्होंने पंजाब के खिलाफ सेमीफाइनल में शतक जड़कर टीम को फाइनल में पहुंचाया। इन दोनों बल्लेबाजों पर फाइनल में भी सौराष्ट्र की पारी संभालने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

विदर्भ की ताकत: मोखाड़े-शौरी की जोड़ी

विदर्भ की बल्लेबाजी का आधार अमन मोखाड़े और ध्रुव शौरी रहे हैं। मोखाड़े टूर्नामेंट में अब तक 781 रन बनाकर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं, जबकि शौरी के नाम 515 रन हैं। कर्नाटक के खिलाफ सेमीफाइनल में मोखाड़े का संयमित शतक उनके तकनीकी कौशल को दर्शाता है। मध्यक्रम में रविकुमार समर्थ ने भी उपयोगी योगदान दिया है और अब तक 427 रन बनाए हैं।

गेंदबाजी में भी बराबरी, तेज गेंदबाजों पर रहेगी नजर

गेंदबाजी विभाग में भी दोनों टीमें लगभग बराबरी पर हैं। सौराष्ट्र की ओर से तेज गेंदबाज अंकुर पंवार (21 विकेट) और चेतन सकारिया (15 विकेट) ने नई गेंद और डेथ ओवरों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।

वहीं विदर्भ की उम्मीदें नचिकेत भूटे (15 विकेट) और यश ठाकुर (15 विकेट) पर टिकी होंगी। इसके अलावा दर्शन नालकंडे (12 विकेट) ने सेमीफाइनल के अंतिम ओवरों में कर्नाटक की बल्लेबाजी को झकझोर कर अपनी काबिलियत साबित की है।

टॉस निभा सकता है अहम भूमिका

फाइनल मुकाबले में टॉस निर्णायक कारक साबित हो सकता है। दूसरी पारी की शुरुआत में ओस गिरने की संभावना रहती है, ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकती है। COE के दोनों मैदानों पर खेले गए छह नॉकआउट मुकाबलों में से चार मैच लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ने जीते हैं, जिससे यह रुझान फाइनल में भी देखने को मिल सकता है। ऐसी स्थिति में दूसरी पारी में स्पिनरों की भूमिका सीमित हो सकती है।

हालांकि, विदर्भ के युवा कप्तान और बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे बल्लेबाजों को नियंत्रण में रखने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अंततः वही टीम विजेता बनेगी जो दबाव में बेहतर धैर्य और जज्बा दिखाएगी।

टीमें 

विदर्भ: हर्ष दुबे (कप्तान), यश ठाकुर (उप-कप्तान), अथर्व तायडे, ध्रुव शौरी, अमन मोखाड़े, यश राठौड़, शिवम देशमुख (विकेटकीपर), अक्षय वाडकर, नचिकेत भुटे, दर्शन नालकंडे, आर समर्थ, पार्थ रेखाडे, दीपेश परवानी, प्रफुल्ल हिंगे, शुभम दुबे, गणेश भोसले

सौराष्ट्र: हार्विक देसाई (विकेटकीपर/कप्तान), विश्वराज जड़ेजा, प्रेरक मांकड़, सम्मर गज्जर, चिराग जानी, रुचित अहीर, धर्मेंद्रसिंह जाडेजा, अंकुर पंवार, प्रशांत राणा, आदित्य जड़ेजा, चेतन सकारिया, हेतविक कोटक, प्रणव कारिया, युवराज चुडासमा, पार्थ भुट, तरंग गोहेल, जय गोहिल, अंश गोसाई, पार्श्वराज राणा, हितेन कंबी।


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Content Editor

Ishtpreet Singh

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