''वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम ऐसे नहीं खेलती'', पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ने भारत की हार पर तोड़ी चुप्पी
punjabkesari.in Friday, Jul 10, 2026 - 04:17 PM (IST)
नई दिल्ली : भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज सबा करीम का मानना है कि श्रेयस अय्यर को अब भारत के T20I कप्तान के तौर पर अपनी पहचान बनानी चाहिए। उनका कहना है कि IPL में उन्होंने जो रणनीतिक समझ दिखाई थी, वह अभी तक इंटरनेशनल लेवल पर नहीं दिखी है। करीम की यह बात तब आई जब भारत को ब्रिस्टल में खेले गए चौथे T20I मैच में इंग्लैंड से 9 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। पहला मैच बारिश की वजह से रद्द होने के बाद इस हार से मेजबान टीम को 5 मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त मिल गई। ICC पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद भारत की यह दूसरी बाइलेटरल T20I सीरीज हार है जबकि अभी एक मैच खेला जाना बाकी है।
करीम ने जियो हॉटस्टार से कहा, 'मुझे लगता है कि श्रेयस अय्यर के लिए कप्तान के तौर पर खुद को साबित करने का समय आ गया है। IPL में हमने उनकी जो रणनीतिक कप्तानी देखी है, वह इंटरनेशनल क्रिकेट में अभी तक नहीं दिखी है।' पूर्व नेशनल सेलेक्टर ने मैदान पर अय्यर के कुछ फैसलों पर सवाल उठाए, खासकर ब्रिस्टल में मिली हार के दौरान भारत के बैटिंग ऑर्डर पर।
उन्होंने कहा, 'उदाहरण के लिए, जब वह बीच में बैटिंग कर रहे थे, तो शिवम दुबे पांचवें नंबर पर आए। मुझे वह फैसला समझ नहीं आया। यह वह श्रेयस अय्यर नहीं हैं जिन्हें हम IPL से जानते हैं। लॉजिकली, अगर वह अभी IPL में कप्तानी कर रहे होते, तो शिवम दुबे की जगह तिलक वर्मा पांचवें नंबर पर आते।'
करीम ने इस बात पर भी जोर दिया कि पारी के अहम मौकों पर कप्तान की तरफ से बातचीत करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने आगे कहा, 'जब आप कप्तान के तौर पर बीच में बैटिंग कर रहे होते हैं, तो अपने पार्टनर को भेजे गए मैसेज बहुत अहम होते हैं। हो सकता है कि उन्हें इस भूमिका में ढलने में समय लगे।'
अय्यर के रणनीतिक नजरिए पर सवाल उठाने के बावजूद करीम को लगा कि कप्तान की बैटिंग एक बड़ी पॉजिटिव बात थी और इससे उन्हें आगे चलकर बेहतर लीडर बनने में मदद मिलेगी। अय्यर ने इंग्लैंड के खिलाफ चौथे T20I में 49 गेंदों पर 80 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन उन्हें बाकी खिलाड़ियों का साथ नहीं मिला। भारत 20 ओवर में सिर्फ 158 रन ही बना सका, जिसे इंग्लैंड ने आसानी से 13.5 ओवर में हासिल कर लिया।
करीम ने कहा, 'सबसे अच्छी बात यह है कि उन्होंने बल्ले से रन बनाए। इससे कप्तान का आत्मविश्वास बढ़ता है। जब आपका अपना प्रदर्शन अच्छा होता है, तो कप्तानी भी अपने आप बेहतर हो जाती है। मुझे उम्मीद है कि आने वाले मैचों में हम ऐसा देखेंगे। मैं चाहता हूं कि वह अपनी अलग पहचान बनाएं। वह इसके लिए तैयार हैं। अब ऐसा करने का सही समय है।'
करीम ने इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के खिलाफ भारत की बल्लेबाजी के तरीके की भी आलोचना की और कहा कि मेहमान टीम इंग्लिश हालात के हिसाब से खुद को ढालने में नाकाम रही। उन्होंने कहा, 'आपको विरोधी टीम की गेंदबाजी की रणनीति को समझना होगा। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो नतीजे आपके पक्ष में नहीं होंगे। भारत ने हालात का सही अंदाजा नहीं लगाया और ऐसे खेलते रहे जैसे वे छोटी बाउंड्री वाली भारतीय पिचों पर बल्लेबाजी कर रहे हों। वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम ऐसे नहीं खेलती।' शनिवार को सीरीज के आखिरी मैच में जब भारत का सामना इंग्लैंड से होगा, तो एक बार फिर अय्यर की कप्तानी पर सबकी नजरें होंगी।

