IND vs NZ : आकाश चोपड़ा ने पहले मैच के बाद इस खिलाड़ी की तारीफ की, धोनी से की तुलना

punjabkesari.in Monday, Jan 12, 2026 - 04:31 PM (IST)

मुंबई : पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने रविवार को वडोदरा के कोटांबी में BCA स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मैच में भारत की 4 विकेट से जीत में अहम भूमिका निभाने वाली केएल राहुल की नाबाद 29 रन की पारी के बाद उनकी बहुमुखी प्रतिभा और फिनिशिंग क्षमता की तारीफ की। 301 रनों का पीछा करते हुए भारत मुश्किल में पड़ गया था जब उसका स्कोर 242/5 हो गया था, तब भारतीय ऑलराउंडर हर्षित राणा क्रीज पर केएल राहुल के साथ आए। 

राहुल ने सावधानी से खेलते हुए राणा के साथ 37 रनों की साझेदारी की जिसमें ऑलराउंडर ने ज्यादातर रन बनाए जबकि राहुल ने यह सुनिश्चित किया कि न्यूजीलैंड को उनका विकेट न मिले क्योंकि इससे विपक्षी टीम को भारतीय निचले क्रम तक पहुंचने का मौका मिल जाता। राणा के विकेट के बाद राहुल ने वाशिंगटन सुंदर के साथ 27 रनों की साझेदारी की जिसमें ज्यादातर रन उन्होंने खुद बनाए। 

राहुल ने 49वें ओवर तक बड़े शॉट खेलने से परहेज किया। जब भारत को आखिरी 12 गेंदों में 12 रनों की जरूरत थी, तो राहुल ने तेजी दिखाई और लगातार चौके लगाए और फिर आखिरी ओवर की आखिरी तीन गेंदों में एक छक्का लगाकर टीम इंडिया को जीत दिलाई। जियोस्टार पर बोलते हुए आकाश चोपड़ा ने केएल राहुल की शांत और समझदारी भरी पारी की तारीफ की, उनकी बहुमुखी प्रतिभा, लक्ष्य का पीछा करने की गति और दबाव में शांत रहने की क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने डेथ ओवरों में राहुल के नियंत्रण की तुलना एमएस धोनी से की और फिनिशर की भूमिका में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उनकी तारीफ की। 

चोपड़ा ने कहा, 'न्यूजीलैंड के खिलाफ इस पहले वनडे में केएल राहुल का बैटिंग का तरीका दिलचस्प था। हम उन्हें एक आक्रामक खिलाड़ी के तौर पर जानते हैं। लेकिन यहां हर्षित राणा और चोटिल वॉशिंगटन सुंदर के साथ बैटिंग करते हुए वह अलग थे। कई बार आपको लगता है कि वह तेजी से रन बनाएंगे और बड़े शॉट लगाकर मैच जल्दी खत्म कर देंगे, लेकिन उन्होंने अपना समय लिया। 49वें ओवर में उन्होंने जो पहली गेंद मारी वह बाउंड्री वाली गेंद नहीं थी, लेकिन उन्होंने बाउंड्री लगा दी। उनमें आसानी से बाउंड्री ढूंढने की काबिलियत है और वह जब चाहते हैं तब शॉट मारते हैं।' 

उन्होंने आगे कहा, 'वह उन गेंदों पर सिंगल ले रहे थे जिन पर वह आमतौर पर शॉट मारते हैं, लेकिन उन्होंने सही मौकों का इंतजार किया। एक अलग तरीके से उनकी वर्सेटिलिटी ही उनकी सबसे बड़ी खूबी है। उनसे ओपनिंग करने को कहो, विकेटकीपिंग करने को कहो, या स्टैंड-इन कप्तान बनने को कहो, वह सब करेंगे। उन्होंने बस अभी तक बॉलिंग नहीं की है, वह बाकी है। इन डेथ ओवर्स में चेज को इतनी अच्छी तरह से कंट्रोल करना, धोनी की तरह नर्व्स को कंट्रोल करना, केएल राहुल को सलाम। वह मॉडर्न क्रिकेट की सबसे मुश्किल भूमिका फिनिशर में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं।' 


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Content Writer

Sanjeev

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