''यह जीत का अहम कारण था'', लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड पर बड़ी जीत के बाद बोले भारतीय मुख्य कोच मजूमदार
punjabkesari.in Tuesday, Jul 14, 2026 - 11:00 AM (IST)
लंदन : भारतीय महिला क्रिकेट टीम की इंग्लैंड पर शानदार टेस्ट जीत में धैर्य और सही मात्रा में आक्रामकता का मिश्रण अहम था। मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने शतक लगाने वाली यास्तिका भाटिया की 'खास पारी' और तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ की नियंत्रित 'लाइन और लेंथ' की तारीफ की। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए पहले महिला टेस्ट मैच में भारत की 270 रनों की ऐतिहासिक जीत में गौड़ के 7 विकेट और भाटिया के शतक ने बड़ी भूमिका निभाई।
मजूमदार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'हां, आप कह सकते हैं कि यह एक बेहतरीन मैच था। हमने अच्छी बल्लेबाजी की, बहुत अच्छी गेंदबाजी की और उससे भी बेहतर फील्डिंग की, यह हमारे लिए एक अच्छा मैच था। मैं किसी एक चीज को खास तौर पर नहीं बता सकता... मुझे लगता है कि बल्लेबाजी के मामले में हमारा रवैया अनुशासित था। और गेंदबाजी में भी हम अनुशासित रहे, क्रिकेट की बुनियादी बातों पर टिके रहे। जैसा कि मैंने कहा, गेंदबाज़ी के दौरान अच्छी लाइन और लेंथ, नियंत्रित लाइन और लेंथ रही। आक्रामकता के साथ धैर्य का मिश्रण। तो मुझे लगता है कि यह जीत का अहम कारण था।'
दूसरी पारी में भाटिया की 158 गेंदों पर 113 रनों की पारी ने भारत को इंग्लैंड के सामने 457 रनों का विशाल लक्ष्य रखने में मदद की। मेजबान टीम 62.5 ओवर में सिर्फ 186 रन ही बना सकी। मजूमदार ने कहा, 'मुझे लगता है कि यह एक खास पारी थी। कहने की जरूरत नहीं है कि लॉर्ड्स में खेली गई पारी शानदार ही होगी। एक ऐसी पारी जिसे वह और टीम के सभी सदस्य याद रखेंगे।'
उन्होंने कहा, 'सिर्फ इतना ही नहीं, मैं इस बात से भी बहुत प्रभावित हुआ कि वह चोटों से कैसे उबरकर आई हैं। पिछले कुछ सालों में उन्हें कुछ गंभीर चोटों का सामना करना पड़ा था। और जिस तरह से उन्होंने उन सभी मुश्किलों का सामना किया और खेल के प्रति समर्पित रहीं। साथ ही, मुझे लगा कि उनका शॉट सिलेक्शन भी शानदार था। और उन्होंने अपनी पारी को बहुत अच्छे से आगे बढ़ाया। तो मुझे लगता है कि बाहर से देखने में यह एक बहुत अच्छी पारी थी।'
गौड ने दोनों पारियों में 5/37 और 2/54 विकेट लेकर 'प्लेयर ऑफ द मैच' का अवॉर्ड जीता। मजूमदार ने कहा, 'मुझे लगता है कि क्रांति ने जिस तरह का कंट्रोल दिखाया, वह शानदार था। वह बिल्कुल सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी कर रही थी। उसकी लाइन और लेंथ पर पकड़ बहुत अच्छी थी, उसने कभी भी छोटी गेंद नहीं फेंकी। शायद इक्का-दुक्का गेंदें इधर-उधर हुई हों, लेकिन ज्यादातर गेंदें 'गुड लेंथ' एरिया में थीं, जिसके बारे में हम लंबे समय से बात कर रहे हैं। मुझे लगता है कि उसे सही लाइन और लेंथ पर टिके रहने का इनाम मिला है।'

